IND vs AFG 3rd T20I Playing 11: भारत और अफगानिस्तान सीरीज का फैसला हो चुका है. भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ लगातार दो मुकाबले 7 विकेट से जीतकर सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली है. लेकिन दिल्ली में होने वाला तीसरा T20I अब भी कई सवालों के जवाब लेकर आया है.
सबसे बड़ा सवाल है- क्या 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार भारत की प्लेइंग 11 में जगह मिलेगी?
भारत के पास अब रिजल्ट का प्रेशर नहीं है, ऐसे में टीम मैनेजमेंट बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को आजमाने के मूड में नजर आ रहा है. दूसरे T20I के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी इस ओर इशारा किया था.
अय्यर ने कहा था- हम निश्चित तौर पर चाहते हैं कि सभी खिलाड़ी विकेट से अभ्यस्त हों और उन्हें अभ्यास मिले. इसलिए बाहर बैठे खिलाड़ियों को मौका देने का यह अच्छा अवसर होगा.
यानी तीसरे मैच में बदलाव की गुंजाइश साफ है.
वैभव की एंट्री में सबसे बड़ा पेंच क्या है?
वैभव सूर्यवंशी के नाम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए है क्योंकि वह जिम्बाब्वे दौरे पर भारत के प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे. उन्होंने वहां तीनों T20I मुकाबले खेले थे. जहां उन्होंने 3 मैचों में 151 रन बनाए थे. लेकिन अफगानिस्तान सीरीज में संजू सैमसन की वापसी के बाद वैभव को बाहर बैठना पड़ा.
अब मुश्किल यह है कि संजू को सिर्फ इसलिए बाहर करना आसान नहीं होगा. दूसरे T20I में उन्होंने महज 22 गेंदों पर 57 रन की तूफानी पारी खेली थी. वहीं अभिषेक शर्मा भी भारत की पसंदीदा ओपनिंग जोड़ी का हिस्सा रहे हैं. ऐसे में अगर वैभव को खिलाना है और संजू-अभिषेक दोनों को भी रखना है, तो टीम मैनेजमेंट को बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना पड़ेगा.
संजू-अभिषेक में से किसका कटेगा पत्ता?
यही तीसरे T20I की सबसे बड़ी पहेली है.
एक तरफ वैभव को घरेलू मैदान पर मौका देने की मांग है, तो दूसरी तरफ संजू ने दूसरे मैच में ऐसी पारी खेली है, जिसे नजरअंदाज करना आसान नहीं है. अभिषेक की शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी करने की क्षमता भी टीम के मौजूदा कॉम्बिनेशन का अहम हिस्सा है.
यानी वैभव के लिए जगह बनाने के दो रास्ते हैं- या तो संजू को आराम मिले, या फिर अभिषेक को बाहर बैठना पड़े. एक तीसरा रास्ता यह भी है कि टीम बल्लेबाजी क्रम को ही नए तरीके से सेट करे.
अगर वैभव को खिलाया गया तो वह भारत की ओर से घरेलू मैदान पर T20I खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं. वह फुल मेंबर देश के लिए भारत में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बन सकते हैं.
वॉशिंगटन को भी मिल सकता है मौका
सिर्फ वैभव ही नहीं, कुछ और खिलाड़ियों पर भी नजर रहेगी.
वॉशिंगटन सुंदर अब तक इस सीरीज में नहीं खेले हैं. यश ठाकुर को भी एक और मौका दिया जा सकता है. वहीं वरुण चक्रवर्ती साइड स्ट्रेन के कारण तीसरे T20I से बाहर हैं. उनकी चोट ने टीम मैनेजमेंट के विकल्पों को और खोल दिया है.
रवि बिश्नोई और वॉशिंगटन सुंदर स्पिन विभाग में विकल्प हैं. भारत चाहे तो इस मैच में चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ भी उतर सकता है और बल्लेबाजी में थोड़ी कम गहराई के साथ प्रयोग कर सकता है. यह प्रयोग इसलिए भी दिलचस्प होगा क्योंकि अभी तक भारत का संतुलन ऑलराउंडरों पर काफी निर्भर रहा है.
अफगानिस्तान के सामने सम्मान बचाने की चुनौती
अफगानिस्तान के लिए तस्वीर सीधी है. सीरीज हाथ से निकल चुकी है, लेकिन टीम दिल्ली में एक और एकतरफा हार से बचना चाहेगी. इब्राहिम जादरान के लिए भारत के खिलाफ कप्तानी की शुरुआत मुश्किल रही है. वहीं रहमानुल्लाह गुरबाज से टीम को टॉप ऑर्डर में ज्यादा उम्मीद होगी.अजमतुल्लाह उमरजई ने बल्लेबाजी में भरोसा दिखाया है. ऐसे में उन्हें पारी के निचले हिस्से में संकट संभालने के बजाय ऊपर भेजने पर भी विचार हो सकता है.
गेंदबाजी में भी बदलाव की गुंजाइश है. अफगानिस्तान के पास कई अच्छे स्पिनर हैं, लेकिन एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज टीम के संतुलन को बेहतर कर सकता है. खासकर अगर नवीन-उल-हक फिट होकर लौटते हैं. फजलहक फारूकी के इस्तेमाल में भी बदलाव देखने को मिल सकता है.
राशिद खान के पास बड़ा रिकॉर्ड
तीसरे T20I में राशिद खान पर भी नजर रहेगी.अफगानिस्तान के कप्तान को T20I क्रिकेट में 200 विकेट पूरे करने के लिए सिर्फ 4 विकेट की जरूरत है. दिल्ली में उनके पास यह बड़ा आंकड़ा छूने का मौका होगा.
भारत की नजर बेंच स्ट्रेंथ पर
भारत के लिए यह मैच किसी समस्या का समाधान तलाशने से ज्यादा नए सवाल पूछने का मौका है.वॉशिंगटन सुंदर, यश ठाकुर और वैभव सूर्यवंशी उन खिलाड़ियों में हैं, जिन्हें मैच टाइम की जरूरत है. सीरीज जीतने के बाद टीम मैनेजमेंट के पास अपने कॉम्बिनेशन को परखने की पूरी आजादी है.
भारत चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ उतरकर यह भी देख सकता है कि कम बल्लेबाजी गहराई में उसकी बैटिंग यूनिट कैसा प्रदर्शन करती है. सामने राशिद खान समेत अफगानिस्तान के क्वालिटी स्पिनर होंगे, इसलिए यह प्रयोग काफी दिलचस्प हो सकता है.
भारत अपने पिछले पांच पूरे हुए T20I मैच जीत चुका है. दूसरी ओर अफगानिस्तान ने पिछले पांच पूरे हुए T20I में दो जीत और तीन हार दर्ज की हैं.
दिल्ली की पिच कैसी होगी?
अरुण जेटली स्टेडियम की पिच एक बार फिर बल्लेबाजों को रास आ सकती है. मैदान की छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों को आक्रमण करने के लिए उकसाएगी.
साफ हिटिंग यहां अहम होगी, हालांकि स्पिनर गति में बदलाव करके और परिस्थितियों का फायदा उठाकर प्रभाव डाल सकते हैं.
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम की गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन दिल्ली में बारिश का खतरा फिलहाल मध्यम माना जा रहा है. अगर परिस्थितियों में अचानक बदलाव नहीं हुआ तो पूरे मैच के होने की उम्मीद है.
टीम इंडिया में क्या बदलाव?
भारत वरुण चक्रवर्ती के बिना उतरेगा. साइड स्ट्रेन के कारण वह तीसरे T20I के साथ एशियन गेम्स से भी बाहर हो चुके हैं. रवि बिश्नोई और वॉशिंगटन सुंदर स्पिन के विकल्प हैं. सीरीज जीतने के बाद टीम मैनेजमेंट के पास कई खिलाड़ियों को आजमाने का मौका है.श्रेयस अय्यर के बयान को देखते हुए वैभव सूर्यवंशी और यश ठाकुर पर खास नजर रहेगी. वॉशिंगटन सुंदर को भी इस सीरीज का पहला मुकाबला खेलने का मौका मिल सकता है.
अफगानिस्तान भी बदलाव कर सकता है. खासकर तेज गेंदबाजी में नवीन-उल-हक की फिटनेस अहम होगी. टीम स्पिन पर ज्यादा निर्भर रहने के बजाय एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज को शामिल करने पर विचार कर सकती है.
भारत की संभावित प्लेइंग 11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन/वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अक्षर पटेल, नीतीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई/यश ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह.
अफगानिस्तान की संभावित प्लेइंग 11: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान (कप्तान), सेदिकुल्लाह अटल, गुलबदीन नईब, दरवेश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मुजीब उर रहमान/नवीन-उल-हक, नूर अहमद, फजलहक फारूकी/अब्दुल्ला अहमदजई.
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीसरा T20I 17 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत सीरीज 2-0 से अपने नाम कर चुका है, लेकिन वैभव की संभावित एंट्री, बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने की रणनीति और राशिद खान के 200 T20I विकेट से सिर्फ चार कदम दूर होने ने इस मैच को खास बना दिया है.