scorecardresearch
 

जुरेल का ‘डबल गेम’- पहले रन बरसाए, फिर दिमाग से जीता मैच; बने राजस्थान रॉयल्स के असली हीरो

अहमदाबाद में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ मुकाबले में ध्रुव जुरेल ने सिर्फ 42 गेंदों में 75 रन बनाकर राजस्थान रॉयल्स की पारी को संभाला ही नहीं, बल्कि अपनी समझदारी से मैच का रुख भी मोड़ दिया.

Advertisement
X
RR के लिए बेहद उपयोगी रहे जुरेल. (Photo, PTI)
RR के लिए बेहद उपयोगी रहे जुरेल. (Photo, PTI)

आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए एक ऐसा खिलाड़ी उभरता दिख रहा है, जो सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मैच को पढ़ने और उसे अपने हिसाब से मोड़ने की कला भी जानता है. यह खिलाड़ी कोई और नहीं- ध्रुव जुरेल हैं. अहमदाबाद में शनिवार रात गुजरात टाइटन्स (Gujarat Titans) के खिलाफ खेला गया मुकाबला इस बात का सबसे बड़ा सबूत बन गया, जहां जुरेल ने बल्ले के साथ-साथ अपनी ‘क्रिकेटिंग ब्रेन’ से भी टीम की जीत की नींव रखी.

सीजन के पहले मैच में चेन्नई के खिलाफ जुरेल का बल्ला खामोश रहा था, लेकिन दूसरे ही मैच में उन्होंने जिस अंदाज में वापसी की, उसने सभी को प्रभावित कर दिया. 42 गेंदों में 75 रन- यह आंकड़ा भले ही एक शानदार पारी की कहानी कहता हो, लेकिन इसके पीछे छिपी समझ और धैर्य इस पारी को खास बनाते हैं.

राजस्थान को पहले ही यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी की जोड़ी ने तेज शुरुआत दिला दी थी. दोनों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 38 गेंदों में 70 रन जोड़ दिए थे. इस तेज शुरुआत के बाद अक्सर बल्लेबाज जल्दबाजी में अपना विकेट गंवा बैठते हैं, लेकिन जुरेल ने यहां परिपक्वता दिखाई. उन्होंने शुरुआत में जायसवाल को स्ट्राइक लेने दी और खुद परिस्थितियों को समझने में वक्त लगाया.

जब वह पूरी तरह सेट हो गए, तब उन्होंने गियर बदला और गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया. उनकी पारी में 5 चौके और 5 छक्के शामिल थे, लेकिन उससे भी ज्यादा प्रभावशाली था उनका शॉट सेलेक्शन और टाइमिंग. यही वजह रही कि एरॉन फिंच जैसे पूर्व क्रिकेटर ने उनकी पारी को 'परफेक्ट असेसमेंट' करार दिया- एक ऐसी पारी, जिसमें खिलाड़ी ने हालात को पढ़कर खुद को ढाला और फिर मैच पर पकड़ बनाई.

Advertisement

Espncricinfo के शो में अंबति रायडू ने भी जुरेल की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि जुरेल पिछले कुछ सालों से भारतीय क्रिकेट में एक ‘अंडररेटेड’ लेकिन ‘एक्सेप्शनल टैलेंट’ रहे हैं. खास बात यह है कि वह तेज गेंदबाजी के खिलाफ बेहद सहज नजर आते हैं और उनके शॉट्स देखने में जितने खूबसूरत लगते हैं, उतने ही प्रभावी भी होते हैं.

लेकिन इस मैच में जुरेल की भूमिका सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं रही. उन्होंने मैदान पर अपनी रणनीतिक समझ से भी टीम को बढ़त दिलाई. रवि बिश्नोई की शानदार गेंदबाजी के पीछे भी जुरेल की सोच शामिल थी. बिश्नोई ने लेफ्ट-हैंड बल्लेबाजों के खिलाफ गुगली का इस्तेमाल किया और लंबी बाउंड्री को ध्यान में रखते हुए उन्हें बड़े शॉट खेलने के लिए उकसाया. इस प्लान में जुरेल की अहम भूमिका थी, जिसने मैच का रुख राजस्थान की ओर मोड़ दिया.

हालांकि, असली ‘गेम चेंजर’ पल आखिरी ओवरों में आया. जब गुजरात  की टीम जीत की ओर बढ़ रही थी, तब कप्तान रियान पराग गेंदबाजी क्रम में बदलाव करने वाले थे. प्लान यह था कि 19वां ओवर तुषार देशपांडे डालेंगे और आखिरी ओवर जोफ्रा आर्चर करेंगे. लेकिन इसी वक्त जुरेल ने हस्तक्षेप किया.

उन्होंने पराग को सुझाव दिया कि 19वां ओवर आर्चर से कराया जाए, ताकि अधिक आक्रामक और तेज गेंदबाजी से दबाव बनाया जा सके, और आखिरी ओवर देशपांडे को दिया जाए. यह फैसला छोटा जरूर था, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा निकला. गुजरात की टीम इस बदलाव के सामने लड़खड़ा गई और राजस्थान ने 6 रनों से रोमांचक जीत अपने नाम कर ली.

Advertisement

मैच के बाद खुद पराग ने माना कि यह फैसला जुरेल का था. यह बयान अपने आप में बताता है कि टीम के भीतर जुरेल की समझ और भरोसा कितना मजबूत हो चुका है.

टी20 क्रिकेट में अक्सर खिलाड़ियों को उनके स्ट्राइक रेट और बड़े शॉट्स के लिए याद किया जाता है, लेकिन जुरेल ने यह दिखाया कि असली फर्क ‘क्रिकेटिंग IQ’ से पड़ता है. सही समय पर सही फैसला लेना, परिस्थितियों को समझना और टीम के लिए सोच पाना- यही वो गुण हैं, जो एक अच्छे खिलाड़ी को ‘मैच विनर’ बनाते हैं.

आईपीएल 2026 अभी लंबा है, लेकिन अगर ध्रुव जुरेल इसी तरह बल्ले और दिमाग दोनों से योगदान देते रहे, तो वह सिर्फ राजस्थान रॉयल्स के ही नहीं, बल्कि इस सीजन के सबसे बड़े सितारों में से एक बन सकते हैं.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement