
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोगा जिले में बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए 120 बेड वाले अत्याधुनिक 'कैपिटल अस्पताल' का उद्घाटन कर इसे राज्य की जनता को समर्पित किया. यह मोगा जिले का पहला एनएबीएच मान्यता प्राप्त मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल है.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया है कि इस अस्पताल में पात्र मरीज़ 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' और 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के तहत कैशलेस उपचार ले सकेंगे. यह मोगा जिले का पहला नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NHBH) मान्यता प्राप्त मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल है.
जनरल सर्जरी, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और मेडिकल ऑन्कोलॉजी के विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे. साथ ही इस असप्ताल में अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे, ई.सी.जी, 2डी इको, ट्रेडमिल टेस्ट, 128-स्लाइस सीटी स्कैन, एम.आर.आई. सहित दूसरे डायग्नोस्टिक सेवाएं भी मिलेंगी.

इसके अलावा, 1090 आम आदमी क्लिनिक के माध्यम से भगवंत मान सरकार राज्य में किफायती स्वास्थ्य सेवा का विस्तार कर रही है.मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह जानकारी ट्विटर पर साझा करते हुए बताया कि यह अत्याधुनिक कैपिटल अस्पताल राज्य के लोगों को समर्पित है. यह अस्पताल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस है, साथ ही यह 'मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना' के तहत लोगों को मुफ्त इलाज मुहैया कराएगा. अब मालवा क्षेत्र के लोगों को अच्छे इलाज के लिए दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा. भगवंत मान का साफ कहना है कि हर पंजाबी के लिए किफायती, आधुनिक और उच्च मानक वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह कोई राजनीतिक रैली नहीं है, यह पंजाब में तेजी से होते विकास को दर्शाता है. शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा हमारी सरकार की दो सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं क्योंकि ये सर्वांगीण विकास के सबसे मजबूत स्तंभ हैं."
डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप कहते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा को मानवता की सेवा को समर्पित पेशा बताया. दुर्भाग्य से कुछ लोग इन पवित्र पेशों को बदनाम कर रहे हैं, लेकिन हमारी सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लोगों का भरोसा बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों को बताते हुए कहा कि एक ऐसा दौर था जब सरकारी स्कूल सिर्फ गरीब बच्चों के लिए माने जाते थे. लेकिन उनकी सरकार ने 'स्कूल्स ऑफ एमिनेंस' की स्थापना की और शिक्षा प्रणाली का कायाकल्प किया. उन्होंने दावा किया कि आज पंजाब केरल को पछाड़कर स्कूली शिक्षा में देश का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य बन गया है.
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, "2022 में सरकारी स्कूलों के सिर्फ 82 विद्यार्थियों ने NEET की परीक्षा पास की थी. इस साल सरकारी स्कूलों के 881 विद्यार्थियों ने NEET पास किया है, जो हमारी शिक्षा प्रणाली में आए बड़े परिवर्तन को दर्शाता है."
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और राज्यीय तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर कीमती जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित 'सड़क सुरक्षा फोर्स' की शुरुआत की है. इस फोर्स में 1,597 विशेष रूप से प्रशिक्षित जवान और 144 अत्याधुनिक वाहन शामिल हैं.
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मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब ने देश की पहली सर्व-व्यापी स्वास्थ्य सेवा योजना 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' भी शुरू की है, जो राज्य के हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराती है. उनका दावा है कि पंजाब भारत का पहला राज्य है, जो ऐसी व्यापक स्वास्थ्य कवरेज मुहैया करा रहा है, जिससे मानक इलाज सुनिश्चित करते हुए लोगों पर वित्तीय बोझ काफी कम हुआ है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, "चेन्नई का अपोलो अस्पताल लिवर ट्रांसप्लांट के लिए जाना जाता है लेकिन उत्तर भारत में ऐसी सुविधाएं बहुत कम हैं. पंजाब अब दिल्ली के बाद दूसरा ऐसा राज्य बन गया है, जिसने मोहाली में लिवर ट्रांसप्लांट केंद्र स्थापित किया है."