मंदिरों में लोग क्या-क्या चढ़ाते हैं? कोई नारियल, कोई मिठाई, कोई सोना-चांदी. लेकिन राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से जो खबर आई है, उसने लोगों को हैरत में डाल दिया. यहां एक श्रद्धालु ने भगवान श्री सांवलिया सेठ के नाम सवा 10 बीघा कृषि भूमि और अपना दो मंजिला मकान ही दान कर दिया. तहसील पहुंचकर उसकी बाकायदा रजिस्ट्री भी मंदिर के नाम करा दी.
यह कहानी डूंगरपुर जिले की आसपुर तहसील के खेड़ा सामोर गांव की है. यहां रहने वाले अमरजी पुत्र गौतम पटेल गोभक्त हैं. परिवार में वे अकेले हैं. उनके पास रहने के लिए एक और मकान है. इसलिए उन्होंने अपनी दूसरी संपत्ति भगवान सांवलिया सेठ के चरणों में समर्पित करने का फैसला लिया.
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फैसला सिर्फ भावनाओं तक सीमित नहीं रहा. अमरजी खुद तहसील कार्यालय पहुंचे और सवा 10 बीघा कृषि भूमि और दो मंजिला मकान की रजिस्ट्री श्री सांवलियाजी मंदिर मंडल के नाम करा दी. रजिस्ट्री पूरी होते ही यह संपत्ति आधिकारिक तौर पर मंदिर की हो गई.
रजिस्ट्री के दौरान मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र सिंह और संपदा प्रभारी भेरुगिरी मौजूद रहे. सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंदिर मंडल ने अमरजी का सम्मान किया और उनके प्रति आभार जताया.
आखिर सांवलिया सेठ के दरबार में ऐसा क्या है?
राजस्थान का श्री सांवलियाजी धाम देश के सबसे समृद्ध मंदिरों में गिना जाता है. यहां हर महीने भंडार खुलते हैं तो करोड़ों रुपये की नकदी के साथ सोना-चांदी और दूसरी बहुमूल्य भेंटें निकलती हैं. वहीं अमरजी की भेंट इसलिए अलग है, क्योंकि उन्होंने नकदी या गहने नहीं, बल्कि अपनी अचल संपत्ति ही भगवान के नाम कर दी.
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कुछ समय पहले मध्य प्रदेश के देवास जिले के सोनकच्छ से आए एक परिवार ने 11 किलो 400 ग्राम चांदी की सिल्लियां भेंट की थीं, जिनकी कीमत 26 लाख रुपये से ज्यादा आंकी गई थी. उससे पहले एक श्रद्धालु ने करीब 137 ग्राम वजनी सोने की बांसुरी अर्पित की थी. इसकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई थी.
मंदिर समिति के अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव का कहना है कि सांवलिया सेठ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है. देशभर से भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार भेंट लेकर आते हैं. लेकिन किसी श्रद्धालु का अपनी जमीन और मकान भगवान के नाम कर देना अनूठा है. किसी के लिए यह दान होगा, किसी के लिए आस्था, तो किसी के लिए व्यक्तिगत फैसला. लेकिन हर नजरिए के पीछे एक सवाल जरूर है- क्या इंसान सच में किसी चीज का मालिक होता है, या सिर्फ कुछ समय के लिए उसका रखवाला?