ड्वेन ब्रावो की अगुवाई में डेथ ओवरों की कसी गेंदबाजी और शेन वॉटसन से मिली शानदार शुरुआत के दम पर मौजूदा चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स ने मंगलवार को दिल्ली कैपिटल्स को उसके घरेलू मैदान पर छह विकेट से हराकर अपना विजय अभियान जारी रखा.
आईपीएल के इतिहास में दूसरी बार दोनों टीमें तीन-तीन विदेशी खिलाड़ियों के साथ ही मैदान पर उतरी, लेकिन चेन्नई की जीत में उसके विदेशी खिलाड़ियों का योगदान अहम रहा. नाम बदलने के बाद पहली बार अपने घरेलू मैदान पर खेल रही दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 147 रन बनाए, जिसमें सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (47 गेंदों पर 51 रन) का संघर्षपूर्ण अर्धशतक शामिल है.
🙌🙌🙌
— IndianPremierLeague (@IPL)
फिरोजशाह कोटला की पिच मैच आगे बढ़ने के साथ रन बनाना आसान नहीं था. ऐसे में शेन वॉटसन (26 गेंदों पर 44 रन, 4x4, 3x6) और सुरेश रैना (16 गेंदों पर 30, 4x4, 1x6) की दूसरे विकेट के लिए चार ओवर में 52 रन की साझेदारी महत्वपूर्ण साबित हुई.
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (35 गेंदों पर नाबाद 32 रन) और केदार जाधव (34 गेंदों पर 27 रन) को रन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा, लेकिन इन दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 53 गेंदों पर 48 रन जोड़े, जिससे चेन्नई ने 19.4 ओवरों में चार विकेट पर 150 रन बनाकर जीत दर्ज की.
2 in 2 for
Bravo finishes it off for as they win by 6 wickets and register their second win of 2019 season
Scorecard -
— IndianPremierLeague (@IPL)
इससे पहले चेन्नई को वापसी दिलाने में ब्रावो (चार ओवर में 33 रन देकर तीन विकेट) ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने पहले ओवर में 17 रन लुटाए, लेकिन बाद में छह गेंद के अंदर ऋषभ पंत (13 गेंद पर 25 रन) और धवन सहित तीन विकेट निकालकर दिल्ली की डेथ ओवरों की रणनीति नाकाम कर दी. रवींद्र जडेजा (चार ओवर में 23 रन देकर एक विकेट) ने बीच के ओवरों में जबकि दीपक चाहर (चार ओवर में 20 रन देकर एक विकेट) ने बीच के ओवरों में रन गति पर अंकुश लगाया.
दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजों में अक्षर पटेल (चार ओवर में 16 रन) ने बीच के ओवरों में शानदार गेंदबाजी कर मैच को रोमांचक बनाया. अमित मिश्रा (चार ओवर में 35 रन देकर दो विकेट) दिल्ली के सबसे सफल गेंदबाज रहे. चेन्नई की जो जीत आसान लग रही थी, उसे दिल्ली के गेंदबाज आखिरी ओवर तक ले गए, जिससे उसका रन रेट गड़बड़ा गया. चेन्नई को आगे अगर मगर की स्थिति में यह धीमी बल्लेबाजी महंगी पड़ सकती है.