इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में इम्पैक्ट प्लेयर रूल को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. अब भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने सभी 10 फ्रेंचाइजी टीमों से इस नियम को लेकर आधिकारिक फीडबैक मांगा है. टीमों को अपनी राय 31 अगस्त तक भेजनी होगी. इसके बाद मिले सुझावों के आधार पर अगले सीजन के लिए इस व्यवस्था में बदलाव को लेकर फैसला लिया जा सकता है.
मई में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था कि आईपीएल 2026 खत्म होने के बाद इम्पैक्ट प्लेयर नियम की समीक्षा की जाएगी. अब बोर्ड ने उसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए टीमों से लिखित राय लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजी टीम्स से PMOA (प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया), अंपायरिंग, अभ्यास सत्र और प्लेइंग कंडीशन्स सहित कई क्रिकेट ऑपरेशनल मामलों पर सुझाव मांगे हैं. बोर्ड ने टीमों को अपनी क्रिकेट ऑपरेशन्स यूनिट के साथ चर्चा करके सभी बिंदुओं पर संयुक्त प्रतिक्रिया भेजने को कहा है. इन सुझावों के आधार पर अगले सीजन से पहले जरूरी समीक्षा और कार्रवाई की जाएगी.
...तो हट जाएगा इम्पैक्ट प्लेयर रूल
पिछले कुछ सीजन में इम्पैक्ट प्लेयर नियम आईपीएल की सबसे चर्चित चीजों में एक रहा है. खासकर आईपीएल 2026 में बड़े स्कोर की बढ़ी संख्या ने इसके प्रभाव को लेकर सवाल खड़े किए. आलोचकों का मानना है कि अतिरिक्त खिलाड़ी उपलब्ध होने से बल्लेबाजी में गहराई बढ़ती है और इसका फायदा रन बनाने वाली टीमों को मिलता है. इसके उलट समर्थकों का तर्क है कि इस नियम ने कप्तानों को परिस्थितियों के हिसाब से ज्यादा रणनीतिक विकल्प दिए हैं.
इस नियम को लेकर सिर्फ विशेषज्ञों या प्रशंसकों ने ही सवाल नहीं उठाए हैं. रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे भारतीय दिग्गज भी इस नियम को लेकर अपनी असहमति जाहिर कर चुके हैं. पिछले सीजन के दौरान हुई मीटिंग में कई टीमों के कप्तानों ने इस नियम का विरोध किया था.
मई में देवजीत सैकिया ने कहा था कि बीसीसीआई को आईपीएल टीमों की ओर से इम्पैक्ट प्लेयर रूल के खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है. उन्होंने यह भी कहा था कि टूर्नामेंट में केवल 200+ स्कोर ही नहीं बने, बल्कि कई कम स्कोर वाले मुकाबले और गेंदबाजों के प्रभावी प्रदर्शन भी देखने को मिले. सैकिया के मुताबिक, बोर्ड पिछले दो वर्षों से इस व्यवस्था पर चर्चा कर रहा है. फ्रेंचाइजी टीम्स की ओर से औपचारिक चिंता सामने आने पर ही इसकी समीक्षा को आगे बढ़ाया जाना था. अब सभी टीमों से सीधे फीडबैक मांगना उसी प्रक्रिया का अगला चरण माना जा रहा है.
31 अगस्त तक फ्रेंचाइजी टीम्स की राय मिलने के बाद बीसीसीआई के सामने तीन विकल्प हो सकते हैं- मौजूदा नियम को बरकरार रखना, उसमें बदलाव करना या उसे समाप्त करना. फिलहाल बोर्ड ने इनमें से किसी विकल्प पर फैसला नहीं किया है. अगर फ्रेंचाइजी टीमों के सुझावों में व्यापक बदलाव की मांग सामने आती है, तो अगले सीजन से पहले इम्पैक्ट प्लेयर रूल के नियमों में संशोधन की संभावना बन सकती है.