भारतीय टी20 टीम में संजू सैमसन की जगह को लेकर बहस के बीच पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने उनके समर्थन में बयान दिया है. वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में संजू के 11 रनों पर आउट होने के बाद उनकी जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की चर्चा शुरू हो गई है. हालांकि, आकाश चोपड़ा का मानना है कि किसी खिलाड़ी की कुछ खराब पारियों के बाद उसे टीम से बाहर करने की मांग करना सही नहीं है.
भारत ने लखनऊ में आयोजित टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आठ विकेट से जीता था और पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई. इस मैच में संजू सैमसन बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे. पिछली चार टी20 इंटरनेशनल पारियों में उनके बल्ले से 11, 2, 7 और 9 रन आए हैं. इससे पहले उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ लगातार दो अर्धशतक लगाए थे.
अपने यूट्यूब चैनल पर चर्चा के दौरान आकाश चोपड़ा ने संजू सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को खिलाने की संभावना से इनकार किया. उन्होंने कहा कि टीम में चयन को लेकर धैर्य रखना जरूरी है और हर असफलता के बाद खिलाड़ी को बदलने की बात नहीं होनी चाहिए. चोपड़ा ने कहा, 'बिहार पास में ही है, इसलिए वैभव सूर्यवंशी की चर्चा हो रही है. क्या उसे खेलने का मौका मिलेगा? नहीं, ऐसा नहीं होगा. आप हर मैच के बाद संजू सैमसन को लेकर सवाल नहीं उठा सकते. अगर ऐसा करने लगेंगे, तो क्रिकेट कैसे मैनेज करेंगे?'
एशियन गेम्स में नंबर-3 पर खेले थे संजू
आकाश चोपड़ा की टिप्पणी का मुख्य संदेश यह था कि सेलेक्शन में निरंतरता भी जरूरी है. किसी युवा खिलाड़ी की प्रतिभा को स्वीकार करने का मतलब यह नहीं कि अनुभवी खिलाड़ी को कुछ कम स्कोर के बाद ही बाहर कर दिया जाए. वैभव सूर्यवंशी ने अपने आक्रामक खेल से कम उम्र में ध्यान खींचा है. एशियन गेम्स 2026 में उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की थी, जबकि संजू सैमसन तीसरे नंबर पर उतरे थे. उस टूर्नामेंट में वीवीएस लक्ष्मण भारतीय टीम के मुख्य कोच थे. हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भारत ने संजू और अभिषेक की ओपनिंग जोड़ी को वापस चुना है.
अभिषेक-संजू की जोड़ी भारत के टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाले अभियान का भी हिस्सा रही थी. ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म और लंबे समय की योजनाओं के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है. संजू को यूरोप दौरे के दौरान लगातार तीन पारियों में नाकाम रहने के बाद टीम से बाहर किया गया था. टी20 वर्ल्ड कप में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुने जाने के बाद उनसे काफी उम्मीदें थीं. अब उनके पास रांची में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत करने का मौका है.
क्या नीतीश को मिलेगा मौका?
आकाश चोपड़ा ने ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की इच्छा भी जताई. उनका मानना है कि भविष्य के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने के उद्देश्य से नीतीश को पर्याप्त मौके मिलने चाहिए. उन्होंने कहा, 'मैं निश्चित रूप से नीतीश कुमार रेड्डी के बारे में सोचता हूं. मैं चाहता था कि उन्हें शुरुआत से ही खिलाया जाए क्योंकि उन्हें तैयार कैसे करेंगे? हालांकि, यह मेरी सोच है, लेकिन भारतीय टीम इस तरह नहीं सोच रही है.' नीतीश बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकते हैं. फिर भी दूसरे टी20 में उन्हें मौका मिलेगा या नहीं, यह टीम मैनेजमेंट के फैसले पर निर्भर करेगा.
भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी20 मुकाबला 9 अक्टूबर को रांची में खेला जाना है. सीरीज में बढ़त के बावजूद भारतीय टीम अपनी बल्लेबाजी में निरंतरता चाहती होगी. संजू सैमसन के लिए यह मुकाबला अहम है, क्योंकि एक बड़ी पारी उनकी फॉर्म को लेकर चल रही चर्चा का रुख बदल सकती है.