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हंतावायरस वाले क्रूज शिप से 29 लोग उतरे, 12 देशों में गए, क्या फैलेगी महामारी?

क्रूज शिप पर हंतावायरस का संक्रमण फैल गया है. 5 मामले कन्फर्म हुए हैं. 3 मौतें हुई हैं. 29 यात्री सेंट हेलेना में उतरे और 12 देशों में फैल गए. स्वास्थ्य विभाग दुनिया भर में संपर्क कर रहे हैं.

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क्रूज शिप से 29 यात्री सेंट हेलेना में उतरे और 12 देशों में फैल गए. अब दुनिया भर में उनकी ट्रेसिंग हो रही है. (Photo: ITG)
क्रूज शिप से 29 यात्री सेंट हेलेना में उतरे और 12 देशों में फैल गए. अब दुनिया भर में उनकी ट्रेसिंग हो रही है. (Photo: ITG)

हंतावायरस बीमारी ने हाल ही में पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. एक क्रूज शिप पर यह वायरस फैल गया है. अब उसके यात्री दुनिया के 12-13 देशों में जा चुके हैं. यह वायरस चूहों से फैलता है. इस बार इंसान से इंसान में भी फैलने लगा है. यह एंडीज स्ट्रेन है जो खांसने-छींकने, किस करने या एक ग्लास से पीने से भी फैल सकता है. 

अप्रैल महीने में अर्जेंटीना के उशुआइया बंदरगाह से MV Hondius नाम की क्रूज शिप निकली थी. इस पर लगभग 150 यात्री और क्रू थे जो 28 अलग-अलग देशों से आए थे. दो डच यात्री दक्षिण अमेरिका में पक्षी देखने के लिए लैंडिफिल गए थे. वहां उन्हें चूहों से हंतावायरस लग गया. इसके बाद यह वायरस दूसरे यात्रियों में फैलने लगा. अब तक 5 लोगों में इसकी पुष्टि हो चुकी है. तीन की मौत हो गई है.  

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24 अप्रैल को शिप सेंट हेलेना द्वीप पर रुकी जहां 29 यात्री उतरे. इनमें से एक की लाश भी थी. उस समय किसी को नहीं पता था कि ये लोग हंतावायरस से संक्रमित हो सकते हैं. ये यात्री दुनिया के 12 अलग-अलग देशों में चले गए. अब इन देशों की सरकारें इन यात्रियों को ढूंढ रही हैं. उन्हें आइसोलेट करने की कोशिश कर रही हैं.

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Hantavirus Andes Virus

हंतावायरस क्या है और यह कैसे फैलता है?

हंतावायरस आमतौर पर चूहों के मूत्र, लार या मल से फैलता है. यह हवा में उड़कर इंसान के सांस के जरिए अंदर जा सकता है. कभी-कभी काटने या दूषित खाना खाने से भी फैलता है. लेकिन इस बार जो एंडीज स्ट्रेन मिला है, वह इंसान से इंसान में भी फैल सकता है. 

चिली के वैज्ञानिकों के अध्ययन के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति की थूक, मूत्र और नाक के बलगम में वायरस पाया जाता है. खासकर जब व्यक्ति बहुत बीमार होता है. किस करना, एक स्ट्रॉ से पीना या खांसने-छींकने से भी यह फैल सकता है. एक अध्ययन में पाया गया कि सेक्स पार्टनर में संक्रमण का खतरा घर के अन्य सदस्यों से 10 गुना ज्यादा होता है. लेकिन फिर भी यह सामान्य सर्दी-जुकाम या कोविड जितना आसानी से नहीं फैलता.

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यात्री कहां-कहां गए?

सेंट हेलेना से उतरने वाले यात्रियों ने कई देशों की यात्रा की. नक्शे में दिखाए गए देश इस प्रकार हैं- कनाडा, अमेरिका, सेंट किट्स एंड नेविस, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड, स्वीडन, डेनमार्क, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, तुर्की, सिंगापुर और न्यूजीलैंड. 

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कई अन्य देश भी प्रभावित हो सकते हैं क्योंकि शिप स्पेन के कैनरी द्वीपों की ओर जा रही है. कुल मिलाकर अर्जेंटीना, केप वर्डे, इजरायल और स्पेन जैसे देश भी निगरानी कर रहे हैं. स्वास्थ्य अधिकारी इन सभी यात्रियों से संपर्क कर उन्हें क्वारंटीन में रहने की सलाह दे रहे हैं.

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विशेषज्ञों की राय क्या है?

बहुत से विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बीमारी अगला कोविड नहीं बनेगी. प्रोफेसर पॉल हंटर कहते हैं कि हंतावायरस कई दशकों से हमारे बीच है. यह घटना यूरोप में ज्यादा खतरा नहीं बढ़ाएगी. प्रोफेसर फ्रांस्वा बालू कहते हैं कि वायरस खांसने-छींकने से फैल सकता है लेकिन इसके लिए बहुत करीबी संपर्क और ज्यादा वायरल लोड जरूरी है. 

यह भी पढ़ें: बीच समंदर क्रूज शिप पर हंतावायरस का हमला, तीन की मौत, कई बीमार

इससे पहले 2020 में अर्जेंटीना के चूबुत प्रांत में 11 लोगों की मौत हुई थी. उस समय भी सुपर-स्प्रेडर्स के कारण फैलाव हुआ था. लेकिन अब संपर्क ट्रेसिंग और आइसोलेशन के जरिए इसे रोका जा रहा है. वायरस का R नंबर (एक व्यक्ति कितनों को संक्रमित कर सकता है) शुरू में 2.12 के आसपास था, लेकिन कंट्रोल उपायों के बाद यह 1 से नीचे आ गया.

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कितना खतरा है और क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

आम लोगों के लिए खतरा बहुत कम है. केवल उन्हीं लोगों को चिंता करने की जरूरत है जो संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब आए हों. शिप जैसी बंद जगहों पर फैलाव ज्यादा होता है, लेकिन सामान्य जीवन में यह आसानी से नहीं फैलेगा. अभी तक कोई सबूत नहीं है कि वायरस ने अपना रूप बदला हो.

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यह दक्षिण अमेरिका में पहले भी होता रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन और सरकारें लगातार निगरानी रख रही हैं. अगर कोई यात्री बीमार महसूस करे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

यह घटना हमें याद दिलाती है कि प्रकृति में लाखों वायरस और बैक्टीरिया हैं. ज्यादातर स्पिलओवर (पशु से इंसान में) छोटे रह जाते हैं. लेकिन कभी-कभी सही परिस्थितियां (जैसे क्रूज शिप) मिल जाएं तो छोटी घटना बड़ी हो सकती है. इसलिए तैयार रहना, ट्रेसिंग करना और समय पर कदम उठाना बहुत जरूरी है. 

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