सिंगापुर (Singapore) दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित एक छोटा लेकिन अत्यंत विकसित द्वीपीय देश है. यह मलय प्रायद्वीप के दक्षिणी सिरे पर बसा है और उत्तर में मलेशिया तथा दक्षिण में इंडोनेशिया से घिरा हुआ है. भौगोलिक आकार छोटा होने के बावजूद सिंगापुर वैश्विक स्तर पर व्यापार, वित्त, तकनीक और समुद्री परिवहन का बड़ा केंद्र माना जाता है.
सिंगापुर ने 1965 में स्वतंत्रता प्राप्त की और इसके बाद तेजी से आर्थिक विकास किया. आज यह दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में गिना जाता है. यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, बैंकिंग, शिपिंग, पेट्रोकेमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्यटन पर आधारित है. सिंगापुर पोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक है.
यह देश अपनी साफ-सफाई, कड़े कानून और उच्च जीवन स्तर के लिए जाना जाता है. यहां सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू हैं. भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और प्रभावी प्रशासन सिंगापुर की बड़ी ताकत माने जाते हैं. शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं भी विश्वस्तरीय हैं.
सिंगापुर एक बहुसांस्कृतिक समाज है, जहां चीनी, मलय, भारतीय और अन्य समुदाय मिलकर रहते हैं. अंग्रेजी, मलय, मंदारिन और तमिल यहां की आधिकारिक भाषाएं हैं. विविध संस्कृतियों के कारण यहां त्योहारों और खानपान की भी समृद्ध परंपरा देखने को मिलती है.
पर्यटन के लिहाज से भी सिंगापुर बेहद लोकप्रिय है. यहां मरीना बे, गार्डन्स बाय द बे, सेंटोसा द्वीप और यूनिवर्सल स्टूडियोज जैसे आकर्षण मौजूद हैं. आधुनिक गगनचुंबी इमारतों के साथ-साथ हरियाली और सुव्यवस्थित शहरी ढांचा इसे खास बनाता है.
सिंगापुर एक ऐसा देश है जिसने सीमित संसाधनों के बावजूद दूरदर्शी नीतियों और मजबूत प्रशासन के बल पर खुद को विश्व के अग्रणी देशों में स्थापित किया है.
सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वॉन्ग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की. उन्होंने लिखा कि सिंगापुर और उत्तर प्रदेश के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और व्यापारिक साझेदारियों को बढ़ावा देने के अवसरों पर अच्छी चर्चा हुई. लॉरेंस वॉन्ग ने कहा कि यूपी में निवेश और व्यापार की असीम संभावनाएं हैं. इस मुलाकात को भारत-सिंगापुर संबंधों और यूपी के औद्योगिक विकास के लिए अहम माना जा रहा है.
प्रवर्तन निदेशालय ने इस वित्तीय वर्ष में 500 चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य तय किया है. दुबई और सिंगापुर में छिपी अवैध संपत्तियों की पहचान पर जोर दिया गया है. PMLA के तहत निष्पक्ष कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साइबर फ्रॉड व हवाला मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी.