वायरस
एक वायरस (Virus) एक सबमाइक्रोस्कोपिक संक्रामक एजेंट (Submicroscopic Infectious Agent) है जो केवल एक जीव की जीवित कोशिकाओं के अंदर ही दोहराता है. वायरस जानवरों और पौधों से लेकर सूक्ष्मजीवों सभी को संक्रमित करते हैं, जिसमें बैक्टीरिया (Bacteria) और आर्किया (Archaea) भी शामिल हैं.
पहली बार दिमित्री इवानोव्स्की (Dmitri Ivanovsky) ने 1892 में एक लेख में तंबाकू के पौधों को संक्रमित करने वाले एक गैर-बैक्टीरियल रोगजनक वायरस के बारे लिखा. फिर 1898 में मार्टिनस बेजरिनक (Martinus Beijerinck) ने तम्बाकू मोजेक वायरस (tobacco mosaic virus) की खोज की (First Virus). उसके बाद से 9,000 से अधिक वायरस प्रजातियों और लाखों प्रकार के पर्यावरण में वायरस का पता लगा जा चुका है.
वायरस पृथ्वी पर लगभग हर पारिस्थितिकी तंत्र में पाए जाते हैं और सबसे अधिक प्रकार की जैविक इकाई हैं. वायरस के अध्ययन को वायरोलॉजी (Virology) के नाम से जाना जाता है.
संक्रमित होने पर, वायरस मेजबान कोशिका से मूल वायरस की तरह हजारों वायरसों का तेजी से उत्पादन करता है. जब किसी संक्रमित कोशिका के अंदर संक्रमित करने की प्रक्रिया में वायरस स्वतंत्र कणों या विषाणुओं के रूप में मौजूद होते हैं, जिसमें DNA या RNA के लंबे अणु होते हैं. साथ ही, Protein भी होते हैं जिसके द्वारा वायरस कार्य करता है. इन वायरस कणों के आकार सरल और इकोसाहेड्रल से लेकर अधिक जटिल संरचनाओं तक हो सकते हैं. अधिकांश विषाणु प्रजातियों के विषाणु इतने छोटे होते हैं कि उन्हें एक ऑप्टिकल माइक्रोस्कोप से नहीं देखा जा सकता है(Size of a Virus).
What is SMS Of Death : एंड्रॉयड स्मार्टफोन के अंदर एक खतरनाक वल्नरेबिलिटी का पता चला है. इसकी वजह से स्मार्टफोन अचानक से काम करना बंद कर देता है. कॉलिंग सर्विस क्रैश हो जाती है. इसको SMS ऑफ डेथ का नाम दिया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
1965 में नाइजीरिया में मिला शमोंडा वायरस अब यूरोप के 12 से ज्यादा देशों में फैल चुका है. मवेशियों को बीमार करने वाले इस वायरस से फ्रांस में पहली बार एक इंसान की मौत हुई है. जानिए कितना खतरनाक है यह वायरस.
समुद्र की गहराई में वैज्ञानिकों को 11,662 ऐसे वायरस मिले हैं, जिनके बारे में पहले कोई जानकारी नहीं थी. हैरानी की बात है कि इनके प्रोटीन का सिर्फ 4% हिस्सा पुराने डेटा से मेल खाता है. अब चिंता है कि समुद्री खनन इस अनजान दुनिया को नुकसान पहुंचा सकता है.
इरकुत्स्क में अज्ञात निमोनिया से महिला की मौत के बाद उसके संपर्क में आए लोगों में से दो कोविड और दो राइनोवायरस पॉजिटिव मिले. लैब जांच में अन्य संक्रमण नहीं. दोनों वायरस सांस से फैलते हैं.
एक नई स्टडी ने कैंसर से जुड़ी अहम वजह सामने रखी है. दुनिया में हर साल लाखों मामले कुछ खास इंफेक्शन से जुड़े पाए जा रहे हैं. इनमें 5 इंफेक्शन सबसे ज्यादा मामलों के पीछे हैं, जिनमें दो सबसे आगे हैं.
मध्यकालीन किताबों में छिपा 3700 साल पुराना शीपपॉक्स वायरस मिला है. इससे होने वाली बीमारी यूरोप के भेड़ों को तबाह करता था. आज भी ग्रीस में पांच लाख जानवरों की मौत का कारण बना है.
UK में साल्मोनेला फैलने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और 200 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए हैं. ब्रिटेन की हेल्थ एजेंसी का कहना है कि ये बीमारी अंडे में मौजूद संक्रमण से फैली है जो बाहर से आयात किए गए थे.
कांगो में इबोला के 'बुंडिबुग्यो' स्ट्रेन के 321 मामले सामने आने और 48 मौतों के बाद हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया गया है. नई वैक्सीन के लिए भारतीय कंपनी सहित 3 समूहों को 570 करोड़ रुपये मिले हैं.
बुंडीबुग्यो ईबोला वायरस का एक खतरनाक स्ट्रेन है. इसके चलते WHO ने अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी घोषित की है. इसकी मृत्यु दर 30-40% है. कोई विशेष वैक्सीन या दवा नहीं है. समय पर इलाज से मरीज बच सकते हैं.
हंतावायरस का आउटब्रेक MV Hondius क्रूज शिप पर फैल गया. अब तक 11 मामले सामने आए, जिनमें 3 मौतें हुई हैं. WHO ने चेतावनी दी है कि आने वाले हफ्तों में और मामले मिल सकते हैं.
दुनिया भर में हर साल 60 हजार से 1 लाख लोग हंतावायरस से संक्रमित होते हैं, लेकिन कोई वैक्सीन मौजूद नहीं है. मॉडर्ना कंपनी वैक्सीन पर काम कर रही है, जो अभी प्रीक्लिनिकल स्टेज में है.
हंतावायरस वाला क्रूज शिप एमवी होंडियस स्पेन के कैनरी द्वीप पहुंच रहा है, जहां 140 लोगों को आइसोलेट किया जाएगा. WHO प्रमुख भी वहां मौजूद रहेंगे. कैनरी द्वीप के लोग अब डरे हुए हैं.
कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप पर नोरोवायरस फैल गया है. कुल 3116 यात्रियों में 102 यात्री और 13 क्रू सदस्य बीमार हुए है. सीडीसी के मुताबिक उल्टी-दस्त मुख्य लक्षण हैं.
क्रूज शिप पर हंतावायरस का संक्रमण फैल गया है. 5 मामले कन्फर्म हुए हैं. 3 मौतें हुई हैं. 29 यात्री सेंट हेलेना में उतरे और 12 देशों में फैल गए. स्वास्थ्य विभाग दुनिया भर में संपर्क कर रहे हैं.
क्रूज शिप होंडियस पर हंतावायरस के इंफेक्शन ने हड़कंप मचा दिया है. डॉक्टर सहित कई लोगों के संक्रमित होने से इसके 'इंसान से इंसान' में फैलने की पुष्टि हुई है. 50% मृत्यु दर वाला यह वायरस अब चुनौती बन गया है.
क्रूज शिप पर हंतावायरस की वजह से तीन लोगों की मौत हो गई. यह वायरस चूहों से फैलता है. फ्लू जैसे लक्षणों के बाद फेफड़ों में घातक संक्रमण करता है. 40% तक मौत का खतरा रहता है.
हंतावायरस ने क्रूज शिप पर 3 मौतों से खौफ फैला दिया है. चूहों से फैलने वाला वायरस फ्लू जैसे लक्षण देता है. 40% मौत का खतरा होता है. WHO ने लोगों के लिए खतरा कम बताया है पर सतर्कता जरूरी है.
क्रूज शिप पर मौतों के बाद हंतावायरस चर्चा में है. चूहों से फैलने वाला यह संक्रमण फ्लू जैसे लक्षण देता है, लेकिन गंभीर मामलों में फेफड़ों और किडनी को प्रभावित कर सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने निपाह वायरस को लेकर राहत भरी जानकारी दी है. संगठन का कहना है कि भारत से निपाह के फैलने का जोखिम फिलहाल कम है और हालात को संभालने की देश की क्षमता पहले भी साबित हो चुकी है. WHO ने साफ किया कि इस समय यात्रा या व्यापार पर किसी तरह की पाबंदी लगाने की जरूरत नहीं है हालांकि सतर्कता बनाए रखना जरूरी है.
निपाह वायरस के दो मामले पश्चिम बंगाल में मिले हैं. दोनों एक अस्पताल में काम करने वाले 25 वर्षीय नर्स हैं. पुरुष मरीज रिकवर कर रहा है. महिला क्रिटिकल हैं. 196 कॉन्टैक्ट्स की जांच की गई है. कोई नया केस नहीं मिला है अभी तक. मौत का रेट 40-75% है लेकिन अभी तक कोई कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं है. एशियाई देशों ने एयरपोर्ट स्क्रीनिंग बढ़ाई गई है.
रिसर्च में खुलासा… अब शरीर पर बेअसर हो रही हैं एंटीबायोटिक दवाएं