ओडिशा के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क की टाइगर सफारी में पर्यटकों ने एक ऐसा नजारा देखा, जिसने उन्हें हैरान कर दिया. बताया जा रहा है कि 8 अगस्त को एक बाघ ने सफारी के अंदर एक हिरण का पीछा किया और उसे पकड़कर अपना शिकार बना लिया. इसके बाद बाघ हिरण को खाते हुए भी दिखाई दिया. इस पूरे घटनाक्रम को वहां मौजूद पर्यटकों ने अपने कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया.
घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया. वीडियो में बाघ को हिरण का पीछा करते और उस पर हमला करते हुए देखा जा सकता है. इसके बाद बाघ हिरण को खाने लगता है. पर्यटकों ने इस असामान्य घटना को अपने कैमरों में कैद किया और अब इसका वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है.
बाघ के इलाके में हिरण कैसे पहुंचा
घटना सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर हिरण बाघ के इलाके में कैसे पहुंचा. आमतौर पर चिड़ियाघरों में शिकारी और शिकार बनने वाले जानवरों को अलग रखा जाता है. कैद में रखे गए बाघों को सामान्य तौर पर जिंदा जानवर भोजन के तौर पर नहीं दिए जाते हैं.
इसी वजह से नंदनकानन की टाइगर सफारी में हिरण के पहुंचने की घटना ने सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं. साथ ही यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि क्या इस घटना में चिड़ियाघर के प्रबंधन या सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई.
घटना के बाद सेंट्रल जू अथॉरिटी की गाइडलाइन और सफारी में अपनाए जाने वाले सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. हालांकि, नंदनकानन प्रशासन ने मामले को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है.
नंदनकानन प्रशासन ने क्या कहा
नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर के मुताबिक, चिड़ियाघर चंदका वाइल्डलाइफ सेंचुरी के भीतर स्थित है. इस क्षेत्र में कई प्रजातियों के जानवर प्राकृतिक रूप से मौजूद हैं और एक साथ रहते हैं.
डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि बाघों को जानबूझकर कोई जिंदा जानवर भोजन के रूप में नहीं दिया जाता है. उनके मुताबिक, चिड़ियाघर या सेंट्रल जू अथॉरिटी के नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है.
उन्होंने बताया कि चूंकि आसपास की सेंचुरी में हिरण भी मौजूद हैं, इसलिए यह संभव है कि किसी बाघ का सामना हिरण से हुआ हो और उसने उसका शिकार कर लिया हो. प्रशासन फिलहाल इस संभावना को भी जांच के दायरे में रख रहा है.
अभी हिरण के अवशेष नहीं मिले
नंदनकानन प्रशासन के मुताबिक, अभी तक हिरण के शरीर का कोई हिस्सा बरामद नहीं हुआ है. इसके अलावा यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो में दिखाई दे रहा बाघ कौन सा है.
डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि वीडियो के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि इस तरह की घटना चिड़ियाघर के इलाके में हुई हो सकती है. हालांकि, घटना की पूरी स्थिति और हिरण के बाघ के क्षेत्र में पहुंचने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है.
प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. वीडियो में दिखाई देने वाली घटना के आधार पर हिरण के अवशेष तलाशने की कोशिश की जाएगी. इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि हिरण आखिर बाघ के इलाके तक कैसे पहुंचा.
पर्यटकों के कैमरे में कैद हुआ नजारा
यह घटना उस समय सामने आई जब टाइगर सफारी में मौजूद पर्यटकों की नजर बाघ और हिरण पर पड़ी. बाघ हिरण का पीछा करता दिखाई दिया. इसके बाद उसने हिरण पर हमला किया और उसे अपना शिकार बना लिया.
पर्यटकों ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल और कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया. घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोग इसे लेकर चर्चा कर रहे हैं. वीडियो ने इस बात पर भी ध्यान खींचा है कि टाइगर सफारी में हिरण की मौजूदगी कैसे हुई.
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल नंदनकानन प्रशासन घटना की जांच कर रहा है. प्रशासन के मुताबिक, यह तय करना बाकी है कि हिरण किस तरह बाघ के इलाके में पहुंचा और घटना वास्तव में किस परिस्थिति में हुई.
डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि चंदका वाइल्डलाइफ सेंचुरी में कई तरह के जानवर प्राकृतिक रूप से मौजूद हैं. इसलिए यह संभावना पूरी तरह खारिज नहीं की जा सकती कि बाघ का सामना किसी हिरण से हुआ हो और उसने उसका शिकार कर लिया हो.
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं दूसरी जगहों पर भी हो सकती हैं और फिलहाल इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. प्रशासन वीडियो के आधार पर हिरण के अवशेष तलाशने की कोशिश करेगा.
वीडियो से भी बाघ की पहचान नहीं हो सकी
अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हिरण टाइगर सफारी के अंदर कैसे पहुंचा और क्या इस मामले में प्रबंधन या सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कोई चूक हुई थी. फिलहाल प्रशासन ने किसी नियम के उल्लंघन से इनकार किया है और मामले की जांच जारी है.