How to Make Atta Thor: राजस्थान के नाथद्वारा में स्थित श्रीनाथजी मंदिर सिर्फ अपनी भव्यता और धार्मिक आस्था के लिए ही नहीं, बल्कि यहां मिलने वाली खास प्रसादी के लिए भी जाना जाता है. मंदिर की रसोई में भगवान श्रीनाथजी को अलग-अलग तरह के भोग बनाए जाते हैं. इन्हीं खास प्रसादों में ठोर का नाम भी शामिल है, यह देखने में मठरी या मोटी मिठाई जैसा लग सकता है, लेकिन इसका स्वाद और बनाने का तरीका इसे बाकी मिठाइयों से अलग बनाता है.
अगर आपने नाथद्वारा जाकर श्रीनाथजी की प्रसादी में मिलने वाला ठोर खाया है, तो इसका स्वाद आपको जरूर याद होगा. यह बाहर से हल्का सख्त और कुरकुरा, अंदर से घी की खुशबू वाला और ऊपर से चाशनी की मीठी परत इसे खास बनाती है. अच्छी बात यह है कि इसे घर पर भी बनाना बिल्कुल मुश्किल नहीं है. इस कृष्ण जन्माष्टमी आप मीठे में इस रेसिपी को ट्राई कर सकते हैं, जिसे खाने के बाद आपके घरवाले बार-बार इसे ही बनाने को बोलेंगे.
श्रीनाथजी का ठोर बनाने के लिए सामग्री
चाशनी के लिए
श्रीनाथजी मंदिर वाला ठोर कैसे बनाएं?
ऐसे बनाएं ठोर के लिए दो तार की चाशनी
चाशनी बनाने के लिए पैन में चीनी और पानी डालकर मिडियम फ्लेम पर पकाएं. चीनी पूरी तरह घुलने के बाद चाशनी को कुछ देर और पकाएं.
ठोर के लिए चाशनी बहुत पतली नहीं होनी चाहिए. दो तार की चाशनी बनने पर गैस बंद कर दें. चाशनी की एक बूंद लेकर उंगलियों के बीच हल्का फैलाने पर अगर दो तार बनने लगें, तो समझें कि चाशनी तैयार है.
चाशनी में ऐसे डुबोएं ठोर
अब तैयार ठोर को गर्म चाशनी में डालें और ऊपर से भी चाशनी डालें, ताकि उसकी पूरी सतह पर चाशनी की परत आ जाए. कुछ देर बाद इसे बाहर निकालकर छलनी या जालीदार बर्तन में रखें, जिससे अतिरिक्त चाशनी निकल जाए.
इसे कुछ देर के लिए साइड में रख दीजिए, ठंडा होने पर ठोर के ऊपर चीनी की हल्की परत जम जाएगी. यही इसकी खास पहचान और स्वाद को अलग बनाती है.
हलवाई जैसा ठोर बनाने के लिए ध्यान रखें ये बातें