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How to Make Atta Thor: गेहूं के आटे और देसी घी से घर पर बनाएं हलवाई जैसा मीठा राजस्थानी ठोर, इस ट्रिक से बनेगा एकदम क्रिस्पी!

How to Make Thor: नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर की खास प्रसादी ठोर का स्वाद अब घर पर भी ले सकते हैं. गेहूं के आटे, देसी घी और तिल से बनने वाली यह राजस्थानी मिठाई बाहर से कुरकुरी और अंदर से स्वादिष्ट होती है. जानें इसे बनाने का आसान तरीका और चाशनी की सही ट्रिक.

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ठोर राजस्थानी मिठाई है. (Photo: AI)
ठोर राजस्थानी मिठाई है. (Photo: AI)

How to Make Atta Thor:  राजस्थान के नाथद्वारा में स्थित श्रीनाथजी मंदिर सिर्फ अपनी भव्यता और धार्मिक आस्था के लिए ही नहीं, बल्कि यहां मिलने वाली खास प्रसादी के लिए भी जाना जाता है. मंदिर की रसोई में भगवान श्रीनाथजी को अलग-अलग तरह के भोग बनाए जाते हैं. इन्हीं खास प्रसादों में ठोर का नाम भी शामिल है, यह देखने में मठरी या मोटी मिठाई जैसा लग सकता है, लेकिन इसका स्वाद और बनाने का तरीका इसे बाकी मिठाइयों से अलग बनाता है.

अगर आपने नाथद्वारा जाकर श्रीनाथजी की प्रसादी में मिलने वाला ठोर खाया है, तो इसका स्वाद आपको जरूर याद होगा. यह बाहर से हल्का सख्त और कुरकुरा, अंदर से घी की खुशबू वाला और ऊपर से चाशनी की मीठी परत इसे खास बनाती है. अच्छी बात यह है कि इसे घर पर भी बनाना बिल्कुल मुश्किल नहीं है. इस कृष्ण जन्माष्टमी आप मीठे में इस रेसिपी को ट्राई कर सकते हैं, जिसे खाने के बाद आपके घरवाले बार-बार इसे ही बनाने को बोलेंगे.

श्रीनाथजी का ठोर बनाने के लिए सामग्री

  • 2 कप गेहूं का आटा
  • 20-50 ग्राम सूजी
  • 3 बड़े चम्मच देसी घी
  • 1 बड़ा चम्मच सफेद तिल
  • जरूरत के अनुसार गुनगुना दूध
  • तलने के लिए देसी घी

चाशनी के लिए

  • करीब 200 ग्राम चीनी
  • जरूरत के अनुसार पानी

श्रीनाथजी मंदिर वाला ठोर कैसे बनाएं?

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  1. सबसे पहले एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, सूजी और सफेद तिल डालें. इसमें देसी घी डालकर दोनों हाथों से अच्छी तरह मिलाएं. अब धीरे-धीरे गुनगुना दूध डालते हुए आटा गूंथ लें. ध्यान रखें कि आटा बहुत सॉफ्ट न हो. ठोर के लिए थोड़ा सख्त आटा रखना बेहतर रहता है.
  2. आटा तैयार होने के बाद इसे करीब एक घंटे के लिए ढककर रख दें. इसके बाद एक बार फिर आटे को अच्छी तरह मसलें. अब इसके बड़े-बड़े हिस्से करके गोल लोई तैयार करें और बेलन की मदद से मोटी रोटी जैसी शेप में बेल लें.
  3. अब कड़ाही में देसी घी गर्म करें. आंच बहुत तेज न रखें. ठोर बनाने की ट्रिक ही यही है कि इसे धीमी आंच पर धैर्य के साथ पकाना जरूरी होता है, ताकि यह बाहर से जल्दी भूरा होकर अंदर से कच्चा न रह जाए.
  4. इसे दोनों तरफ से अच्छी तरह सुनहरा-भूरा होने तक पकाएं. इसे धीमी आंच पर लगभग 15 से 20 मिनट तक पकाएं.

ऐसे बनाएं ठोर के लिए दो तार की चाशनी

चाशनी बनाने के लिए पैन में चीनी और पानी डालकर मिडियम फ्लेम पर पकाएं. चीनी पूरी तरह घुलने के बाद चाशनी को कुछ देर और पकाएं. 

ठोर के लिए चाशनी बहुत पतली नहीं होनी चाहिए. दो तार की चाशनी बनने पर गैस बंद कर दें. चाशनी की एक बूंद लेकर उंगलियों के बीच हल्का फैलाने पर अगर दो तार बनने लगें, तो समझें कि चाशनी तैयार है.

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चाशनी में ऐसे डुबोएं ठोर

अब तैयार ठोर को गर्म चाशनी में डालें और ऊपर से भी चाशनी डालें, ताकि उसकी पूरी सतह पर चाशनी की परत आ जाए. कुछ देर बाद इसे बाहर निकालकर छलनी या जालीदार बर्तन में रखें, जिससे अतिरिक्त चाशनी निकल जाए.

इसे कुछ देर के लिए साइड में रख दीजिए, ठंडा होने पर ठोर के ऊपर चीनी की हल्की परत जम जाएगी. यही इसकी खास पहचान और स्वाद को अलग बनाती है.

हलवाई जैसा ठोर बनाने के लिए ध्यान रखें ये बातें

  • ठोर बनाने में सबसे जरूरी चीज है आटे की सही कंसिस्टेंसी और धीमी आंच. आटा बहुत नरम होगा तो ठोर अपना आकार और टेक्सचर खो सकता है.
  • वहीं तेज आंच पर तलने से बाहर का हिस्सा जल्दी गहरा हो सकता है और अंदर से अच्छी तरह नहीं पक पाएगा.
  • चाशनी भी बहुत पतली नहीं होनी चाहिए. सही दो तार की चाशनी ही ठोर के ऊपर वह मीठी परत बनाने में मदद करती है, जिसके कारण इसका स्वाद खास बनता है.

 

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