कृष्ण जन्म के शुभ अवसर को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है (Krishna Janmashtami). यह एक वार्षिक हिंदू त्योहार है. कृष्ण, भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने गए हैं. हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार, यह भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि यानी अष्टमी को मनाया जाता है. यह हर साल अगस्त या सितंबर के महीने में पड़ता है. इस साल यह 26 अगस्त को मनाया जाएगा.
भादो कृष्ण अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में रात 12 बजे श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था. जन्माष्टमी की रात डंठल और हल्की सी पत्तियों वाले खीरे को कान्हा की पूजा में उपयोग करें. रात के 12 बजते ही खीरे के डंठल को किसी सिक्के से काटकर कान्हा का जन्म कराएं. इसके बाद शंख बजाकर बाल गोपाल के आने की खुशियां मनाएं.
जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के श्रृंगार में फूलों का खूब प्रयोग करें. पीले रंग के वस्त्र और चंदन की सुगंध से भगवान का श्रृंगार करें. इसमें काले रंग का प्रयोग बिल्कुल न करें. वैजयंती के फूल अगर कृष्ण जी को अर्पित करें तो सर्वोत्तम होगा.
जन्माष्टमी पर सुबह-सुबह स्नानादि के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें और पूजा के बाद व्रत का संकल्प लें. यह व्रत जलाहार या फलाहार रख सकते हैं. दिनभर सात्विक रहने के बाद मध्यरात्रि को भगवान कृष्ण की धातु की प्रतिमा किसी पात्र में रखें. उस प्रतिमा को दूध, दही, शहद, शर्करा और घी से स्नान कराएं. इसे पंचामृत स्नान कहा जाता है. इसके बाद बाल गोपाल को जल से स्नान कराएं. ध्यान रहे कि ये चीजें शंख में डालकर ही अर्पित की जाए. इसके बाद पीताम्बर, पुष्प और माखन मिश्री के प्रसाद का भोग लगाएं. फिर भगवान को झूले में बैठाकर झुलाएं.
महाराष्ट्र सरकार दही हांडी उत्सव को UNESCO की हेरिटेज लिस्ट में शामिल कराने के प्रयास कर रही है. इसके साथ ही गोविंदाओं को स्पेन भेजने की योजना है, जहां वे इस पारंपरिक संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे.
Tips to Make Perfect Panchamrit: पंचामृत एक ऐसा प्रसाद है जो जन्माष्टमी के मौके पर हर मंदिर और घर में बनाया जाता है. यह बहुत स्वादिष्ट भी लगता है. लेकिन कई लोगों को इसे बनाने का सही तरीका नहीं पता होता है जिससे वो खट्टा या फटा-फटा बनता है. यहां हम आपको इसकी परफेक्ट रेसिपी बता रहे हैं.
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Sawan Somwar Vrat Special: सावन और जन्माष्टमी के व्रत के लिए अगर आप घर में कुछ मीठा बनाने की सोच रहे हैं तो यहां हम आपको बिना चीनी और चाशनी के बनने वाले टेस्टी और क्रंची गुड़ मखाना पाग की रेसिपी बता रहे हैं. ये पोषण से भरपूर होता है और खाने में भी बहुत टेस्टी लगता है.
Vrat For Women 2026: नए साल 2026 में कई ऐसे महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार आएंगे जो महिलाओं के लिए विशेष रूप से शुभ और फलदायी माने जाते हैं. ये व्रत परिवार की समृद्धि, पति की लंबी आयु, संतान की प्रगति और घर की सुख-शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
Indresh Upadhyay Shipra Sharma: हरियाणा की शिप्रा शर्मा संग शादी के बंधन में बंधे वृंदावन के कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय के प्रवचन सोशल मीडिया खूब वायरल होते हैं. हाल ही में उन्होंने साल की चार सबसे दिव्य रातों का महत्व बताते हुए कहा था कि इन विशेष रातों में कभी नहीं सोना चाहिए.
जिन लोगों ने इस साल 15 अगस्त 2025 को कान्हा का व्रत रखते हुए उनका जन्मोत्सव मनाया था, वो 21 अगस्त 2025 को कान्हा की छठी मनाएंगे. और जिन लोगों ने 16 अगस्त 2025 को जन्माष्टमी का पर्व मनाया था, वो 22 अगस्त 2025 को कान्हा जी की छठी मनाएंगे.
बांग्लादेश के आर्मी चीफ ने ढाकेश्वरी मंदिर में आयोजित जन्माष्टमी पर्व में शामिल होकर हिन्दुओं को भरोसे का संदेश तो दिया ही है, उन्होंने बांग्लादेश की कट्टरपंथी पार्टियां और संगठन जैसे जमात-ए-इस्लामी और छात्रों की नई गठित पार्टी नेशनल सिटिजन्स पार्टी, अंसार उल बांग्ला को भी चेतावनी दी है. हिन्दुओं को बांग्लादेश के आर्मी चीफ का संबोधन अंतरिम सरकार के चीफ मोहम्मद यूनुस के लिए एक संदेश है
मुंबई लोकल ट्रेन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में मुंबई लोकल ट्रेन में जन्माष्टमी का उत्सव मनाते हुए नजर आ रहा है. लोकल ट्रेन के कोच में भजन-कीर्तन गाए गए, भगवान कृष्ण की मूर्ति झूले में सजाई गई और दही हांडी भी फोड़ी गई.
मथुरा में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया. लाखों श्रद्धालु देश और विदेश से इस विशेष उत्सव में शामिल होने पहुंचे. भगवान कृष्ण का विशेष अभिषेक किया गया, जिसमें दूध, दही, घी और शहद का उपयोग हुआ. इस अवसर पर देश के कई नेता भी भक्ति भाव में लीन दिखाई दिए.
Krishna Janmashtami 2025: आज पूरे देश में बड़ी ही धूमधाम से जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया. देश में भगवान श्रीकृष्ण के अनगिनत मंदिर हैं, जहां श्रद्धालु जाते हैं और भगवान की विधिवत पूजा करते हैं.
सीएम योगी ने जन्माष्टमी के पावन अवसर पर देशवासियों को बधाई दी गई. आज से 5000 वर्ष पूर्व मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण हुआ था. यह उत्सव आमजन में उत्साह और उमंग का माहौल पैदा करता है. भगवान श्रीकृष्ण का कर्म का उद्देश्य 'कर्मण्यवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन' हर व्यक्ति को निष्काम कर्म की प्रेरणा प्रदान करता है. यह हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है और संविधान के मूल कर्तव्यों का हिस्सा है, जिसे बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के कर्तव्यों के साथ जोड़ा.
भगवान कृष्ण का अवतार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, बुधवार की मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि के संयोग में हुआ था. लेकिन इस वर्ष जन्माष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र नहीं रहेगा.
Janmashtami 2025 Shubh Muhurat: जन्माष्टमी की सबसे खास विधियों में से एक है मध्यरात्रि को बाल गोपाल का पंचामृत से स्नान कराना. जिसका मुहूर्त देर रात 12 बजकर 04 बजे से शुरू होगा और इसका समापन रात 12 बजकर 45 पर होगा. इसी दौरान कान्हा की पूजा करने के लिए आपको करीब 43 मिनट का समय मिलेगा. इसी शुभ मुहूर्त में आपको कान्हा का जन्म कराने के बाद उनका पंचामृत स्नान कराना होगा.
Janmashtami 2025 Vrat Niyam: जन्माष्टमी का व्रत पारण अगले दिन यानी 17 अगस्त 2025 की सुबह 05:51 बजे किया जाएगा. शास्त्रों के अनुसार, सूर्योदय के बाद ही व्रत खोला जाता है. इसलिए भक्त प्रातःकाल भगवान का स्मरण कर पंजीरी, चरणामृत और फलाहार से व्रत पूर्ण कर सकते हैं.
जन्माष्टमी पर पूजन करने के साथ-साथ लड्डू गोपाल को भोग भी लगाया जाता है जिसमें सबसे विशेष है 56 भोग. इनके अलावा यह भी जानना जरूरी है कि लड्डू गोपाल को किन चीजों का भोग नहीं लगाना चाहिए.
जन्माष्टमी के अवसर पर मुंबई और ठाणे सहित आसपास के इलाकों में दही हांडी उत्सव का आयोजन किया गया है. गोविंदाओं की टोलियां दही हांडी फोड़ने की तैयारियों में जुटीं. मुंबई में बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दही हांडी के कार्यक्रम में पहुंचे.
इस वर्ष जन्माष्टमी 16 अगस्त यानी कल मनाई जाएगी. सालों बाद जन्माष्टमी पर कई सारे दुर्लभ संयोगों का निर्माण होने जा रहा है.
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा पहुंचे. उन्होंने जन्म स्थान पर स्थित मंदिर में भगवान का आशीर्वाद लिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं गर्भगृह में उपस्थित हुए और भागवत विग्रह के समक्ष बैठकर ध्यान व आराधना में लीन रहे.
Krishna Janmashtami 2025: जन्माष्टमी का त्योहार मथुरा-वृंदावन ही नहीं, पूरे भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को इस दिन भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था, इसलिए इसे जन्माष्टमी कहते हैं. जन्माष्टमी के मौके पर एक बात अक्सर लोगों के दिलों में रहती है कि राधा रानी और श्री कृष्ण का रिश्ता क्या था और आखिर उन्होंने शादी क्यों नहीं की.
इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूजन का शुभ समय 16 अगस्त की आधी रात को है. रात्रि 12:04 बजे से लेकर 12:47 बजे तक पूजा का सर्वश्रेष्ठ समय रहेगा.