मॉनसून और लगातार हो रही बारिश से जहां मौसम सुहावना हो जाता है, वहीं इस सीजन में सीलन, जमा पानी और नालियों के उफान के कारण घर में कीड़े-मकोड़ों का आना तेजी से बढ़ जाता है. अक्सर लोग बारिश में सिर्फ सांप या बिच्छू के आने से ही डरे रहते हैं लेकिन सच यह है कि कई ऐसे छोटे और खतरनाक कीड़े भी हैं जो बारिश का पानी भरते ही हमारे घरों के बेडरूम, किचन और बाथरूम में घुस आते हैं.
इनमें से कुछ कीड़े जहरीले डंक मारते हैं तो कुछ डेंगू, मलेरिया और स्किन इंफेक्शन जैसी जानलेवा बीमारियां भी फैलाते हैं. आइए जानते हैं बारिश में घर में घुसने वाले ऐसे ही 6 खतरनाक कीड़ों के बारे में और इनसे खुद को कैसे सुरक्षित रखें.
बारिश में घर में घुसने वाले 6 खतरनाक कीड़े
बिच्छू (Scorpion): बारिश में बिच्छुओं के बिल में पानी भर जाने से वे सूखी और गर्म जगह की तलाश में घर के जूतों, कपड़ों या अंधेरे कोनों में छिप जाते हैं. बिच्छू का डंक अत्यधिक दर्दनाक और बेहद जहरीला होता है.
मच्छर (Mosquitoes): जमा पानी में पनपने वाले मच्छर (जैसे एडीज और एनाफिलीज) बारिश में सबसे ज्यादा तबाही मचाते हैं. इनके काटने से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारियां फैलती हैं.
कनखजूरा (Centipede): नमी और सीलन वाले मौसम में बाथरूम और किचन के नालों के जरिए कनखजूरा घर में दाखिल होता है. इसका काटना बहुत दर्दनाक होता है और इससे त्वचा पर तेज जलन और सूजन आ जाती है.
ततैया और लाल चींटियां (Wasps & Fire Ants): बारिश में ततैया या लाल चींटियां सूखी जगह की तलाश में घरों की खिड़कियों और छतों के पास घोंसला बनाती हैं. इनका तीखा डंक स्किन एलर्जी, तेज दर्द और सूजन का कारण बनता है.
उड़ने वाले दीमक (Winged Termites): शाम के समय बल्ब और ट्यूबलाइट की रोशनी देखकर पंख वाले दीमक घर के अंदर घुस आते हैं. ये न केवल फर्श गंदा करते हैं, बल्कि लकड़ी के महंगे फर्नीचर में छिपकर उसे अंदर ही अंदर खोखला कर देते हैं.
कॉकरोच और जहरीले कीड़े (Cockroaches & Toxic Beetles): बारिश में नालियां भरने से कॉकरोच और कई तरह के जहरीले बीटल्स भी घर में घुस आते हैं जो कई बार किचन में जाकर जूठे बर्तनों और खाने की चीजों पर रेंगने लगते हैं जिससे फूड पॉइजनिंग और टाइफाइड जैसी बीमारियां फैलने का रिस्क बढ़ जाता है.
कीड़ों से बचाव के 4 आसान सेफ्टी टिप्स
जाली और डोर सील का इस्तेमाल करें: खिड़कियों पर बारीक जाली लगाएं और दरवाजों के नीचे की जगह को सील करें ताकि कीड़े अंदर न आ सकें.
पानी जमा न होने दें: गमलों, बाल्टियों या छत पर कहीं भी पानी जमा न होने दें ताकि मच्छरों का प्रजनन रुक सके.
नीम के तेल या सिरके का स्प्रे: घर के कोनों, बाथरूम के ड्रेन और खिड़कियों पर सिरका, कपूर या नीम के तेल के घोल का नियमित छिड़काव करें.
अंधेरे में जूते-कपड़े चेक करें: बारिश के मौसम में जूते पहनने से पहले उन्हें अच्छे से झाड़ लें ताकि उसमें छुपा बिच्छू या कनखजूरा नुकसान न पहुंचा सके. इनसे बचकर रहें