Harmful chicken parts:चिकन प्रोटीन का एक बेहतरीन सोर्स है लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके कुछ हिस्से आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं? कई लोग शौक-शौक में चिकन की स्किन या उसके कुछ खास अंग खा लेते हैं लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये आपकी बॉडी में धीरे-धीरे टॉक्सिन्स जमा कर सकते हैं. गलत तरीके से तैयार किया गया चिकन न केवल डाइजेशन खराब कर सकता है, बल्कि हार्ट और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं को भी बढ़ा सकता है. आज हम आपको उन हिस्सों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें खाने से बचना ही बेहतर होगा नहीं तो आगे चलकर समस्याएं बढ़ सकती हैं.
चिकन स्किन (Chicken skin): वैसे तो चिकन खाने से पहले उसकी स्किन निकाल दी जाती है लेकिन लेकिन कई जगहों पर, खासकर रेस्तरां, फास्ट फूड चेन या फिर फ्राइड चिकन में स्किन के साथ ही चिकन सर्व किया जाता है. दरअसल, चिकन की स्किन में फैट अधिक होता है इसलिए बार-बार खाने पर वजन, कोलेस्ट्रॉल और दिल की सेहत की समस्या बढ़ सकती है. इसके अलावा स्किन में बैक्टीरिया पनपने की संभावना सबसे ज्यादा होती है इसलिए अधिक मात्रा में इसका सेवन शरीर के लिए हानिकारक है.
चिकन नेक और पंजे (Chicken neck & Paws): चिकन का नेक (गर्दन) और पंजे भी कई बार खतरनाक हो सकते हैं. हेल्थलाइन का कहना है, इन हिस्सों की सफाई न हो पाने के कारण इनमें गंदगी और कीटाणु छिपे रह सकते हैं. कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि चिकन के सिर या अन्य अंगों में दवाइयों या पेस्टिसाइड्स के अंश भी हो सकते हैं जो लंबे समय तक शरीर में जाकर नुकसान पहुंचाते हैं.
चिकन हेड (Chicken head): चिकन के सिर खाने से कंटैमिनेशन और टॉक्सिन जमा हो जाते हैं इसलिए इसलिए आपने देखा होगा कि अधिकतर जगह पर चिकन के सिर को अलग कर दिया जाता है और उसे नहीं खाया जाता.
इंटरनल ऑर्गन (Internal Orgon): अगर हम चिकन के इंटरनल ऑर्गन्स जैसे कि फेफड़े या आंत की बात करें तो इन्हें पूरी तरह साफ करना काफी मुश्किल होता है. इनमें खतरनाक बैक्टीरिया और पैरासाइट्स हो सकते हैं जो हाई टेंपरेचर पर पकाने के बाद भी खत्म नहीं होते. इसलिए इन्हें भी लिमिट करने की सलाह दी जाती है.
क्यों सावधानी है जरूरी?
प्रोसेस्ड चिकन या बारबेक्यू किया हुआ बहुत ज्यादा जला हुआ चिकन खाने से भी कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा हो सकता है, क्योंकि इसे हाई हीट पर पकाने से कार्सिनोजेन्स पैदा होते हैं. कैंसर काउंसलिंग ऑस्ट्रेलिया का कहना है, हमेशा लीन मीट यानी ब्रेस्ट पीस चुनना और उसे सही तरीके से पकाना ही सेहत के लिए सही रहता है.