बिहार के दरभंगा में दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन और प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को हुए उग्र प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद शहर में तनाव का माहौल बन गया. हालात को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है.
उपद्रव के बाद गुरुवार को लहेरियासराय का मुख्य बाजार पूरी तरह बंद करा दिया गया था, जबकि शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई. पुलिस लगातार गश्त कर रही है और फ्लैग मार्च के जरिए लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम रखने की कोशिश कर रही है.
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इसी क्रम में शुक्रवार को दरभंगा के डीएम कौशल कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया और कानून व्यवस्था का जायजा लिया.
संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
डीएम और एसएसपी ने संयुक्त फ्लैग मार्च के दौरान शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और विभिन्न स्थानों पर तैनात पुलिस बल की तैयारियों की समीक्षा की गई.
दोनों अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए. साथ ही किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि, अफवाह या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर तत्काल और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी. पुलिस लगातार फ्लैग मार्च और गश्त के जरिए हालात पर नजर बनाए हुए है.
कोतवाली और बेंता थाना का निरीक्षण, पुलिस को दिए सख्त निर्देश
फ्लैग मार्च के बाद डीएम कौशल कुमार और एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने कोतवाली थाना और बेंता थाना का भी निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने थानों की सुरक्षा व्यवस्था, संसाधनों और आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया.
निरीक्षण के दौरान मौजूद सभी पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाए. साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए.
दोनों अधिकारियों ने कहा कि जिले में शांति, सौहार्द और विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने लोगों से भी अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की.
प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की
संयुक्त फ्लैग मार्च के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
इस दौरान सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, संबंधित थाना प्रभारी, पुलिस पदाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे. प्रशासन का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.