बिहार के बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. तेज प्रताप यादव ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी जनशक्ति जनता दल इस उपचुनाव में जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर का समर्थन करेगी. बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव है और नतीजे 3 अगस्त को घोषित होंगे. दरअसल, कुछ दिन पहले जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीना मंडावी का नामांकन रद्द हो गया था. उन्होंने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था, लेकिन नामांकन पत्र में तकनीकी त्रुटियां पाए जाने के कारण उनका पर्चा निरस्त कर दिया गया.
उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद जनशक्ति जनता दल ने चुनाव मैदान में कोई दूसरा प्रत्याशी नहीं उतारा. इसके बाद अब पार्टी ने जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर को समर्थन देने का फैसला किया है. तेज प्रताप यादव ने कहा कि उनकी पार्टी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर के पक्ष में काम करेगी और उन्हें समर्थन देगी. उनके इस फैसले को बिहार की राजनीति में अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे उपचुनाव की राजनीतिक लड़ाई नए समीकरणों की ओर बढ़ती नजर आ रही है.
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बांकीपुर सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई है. बांकीपुर सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं, बल्कि बीजेपी का सबसे मजबूत गढ़ है. पिछले नौ चुनावों से यहां सिर्फ और सिर्फ कमल खिलता आया है. 1995 से लगातार बीजेपी बांकीपुर सीट जीतती आ रही है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन पांच बार विधायक रहे हैं तो उससे पहले उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा लगातार चार बार विधायक रहे हैं. इस तरह यह सीट नितिन नवीन के परिवार के मजबूत गढ़ के रूप में तब्दील हो चुकी है.
बांकीपुर विधानसभा सीट का जाति समीकरण ही बीजेपी के जीत का कारण बनता रहा. यहां पर कुल कुल मतदाताओं की संख्या करीब 3 लाख 91 हजार है. यहां पर सबसे ज्यादा मतदाता कायस्थ समुदाय के हैं. माना जाता है कि 14 फीसदी कायस्थ वोटर हैं, जो 60 से 65 हजार है. कायस्थ वोटों के चलते ही बीजेपी 1995 के चुनाव से लगातार जीत रही है. नितिन नवीन भी कायस्थ समुदाय से आते हैं. इस बार भी बीजेपी ने नीरज सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है.