आजकल दांतों को साफ और चमकदार बनाए रखने के लिए लोग तरह-तरह के टूथपेस्ट और ब्रश इस्तेमाल करते हैं. इसके बावजूद कई बार दांतों पर पीलापन और मुंह से बदबू आने जैसी परेशानियां बनी रहती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुराने समय में लोग पेड़ों की टहनियों से ही अपने दांत साफ करते थे? इसे दातुन कहा जाता है और आज भी कई जगहों पर इसका इस्तेमाल किया जाता है.
पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण ने दांतों की सफाई के इसी पारंपरिक तरीके के बारे में बताया है. उनके मुताबिक, दांतों की सफाई करना का ये तरीका आज भी उतना ही कारगर है. लेकिन सवाल ये है कि दांतों को साफ और चमकदार बनाए रखने के लिए किस पेड़ की टहनी से दातुन किया जा सकता है? आइए जानते हैं कि दातुन बनाने का सही तरीका क्या है और इसका इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
दांतों की सफाई के लिए कौन-से पेड़ की दातुन है अच्छी?
आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक, पुराने समय में लोग ऐसे पेड़ों की ताजी टहनियों से दातुन करते थे, जिनका स्वाद तीखा, कड़वा या कसैला होता है. इनमें नीम, बबूल और करंज जैसे पेड़ शामिल हैं. इनकी टहनियों को दांतों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है.
दातुन के लिए लगभग 6 इंच लंबी और उंगली जितनी मोटी टहनी ली जा सकती है. हालांकि, इसके लिए पेड़ की सही पहचान करना जरूरी है. इसके साथ ही ध्यान रखें कि टहनी साफ होनी चाहिए और उस पर किसी तरह के केमिकल या कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं हुआ होना चाहिए.
कैसे बनाएं दातुन को नेचुरल टूथब्रश?
आचार्य बालकृष्ण के बताए तरीके के मुताबिक, दातुन करने के लिए पेड़ की ताजी टहनी लें. इसके अगले हिस्से को करीब एक से दो इंच तक धीरे-धीरे चबाएं. ऐसा करने पर टहनी का सिरा रेशेदार हो जाएगा और वो ब्रश जैसा दिखने लगेगा. उन्होंने बताया कि इसे आयुर्वेद में कुर्ची कहा गया है यानी नेचुरल ब्रश.
अब इस रेशेदार हिस्से से दांतों की सफाई धीरे-धीरे करें. ध्यान रखें कि दांतों और मसूड़ों पर ज्यादा दबाव न डालें, क्योंकि इससे मसूड़ों में चोट लग सकती है. दातुन करने के बाद मुंह को अच्छी तरह साफ पानी से कुल्ला करके साफ कर लें.
दातुन करने से क्या होते हैं फायदे?
आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, दातुन करना दांतों की सफाई का एक नेचुरल तरीका है. नीम और बबूल जैसी टहनियों का इस्तेमाल लंबे समय से मुंह की सफाई के लिए किया जाता रहा है. सही तरीके से दातुन करने से दांतों की सतह पर जमी गंदगी को हटाने में मदद मिल सकती है.
दातुन के रेशेदार सिरे से दांतों की सफाई करने पर मसूड़ों की भी सफाई होती है. उनके अनुसार, दातुन करने से दांत और मसूड़े मजबूत होते हैं, मुंह की दुर्गंध दूर होती है और बैक्टीरिया का असर घटता है.
क्या दातुन करने से टूथब्रश और टूथपेस्ट की जरूरत खत्म हो जाती है?
दातुन एक ट्रेडिशनल तरीका जरूर है, लेकिन इसका इस्तेमाल करने का मतलब ये नहीं है कि टूथब्रश और टूथपेस्ट की जरूरत पूरी तरह खत्म हो जाती है. दांतों को सड़न से बचाने के लिए दिन में दो बार ब्रश करना बताया जाता है.
अगर आप दातुन का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो साफ और सही पहचान वाली टहनी चुनें. उसे बहुत जोर से दांतों पर न रगड़ें और मसूड़ों में दर्द, खून आने या दांतों में संवेदनशीलता की समस्या होने पर डेंटिस्ट से सलाह लें.