scorecardresearch
 

रूस का स्पेशल नियम... नहीं बेच सकते ऐसे ब्रा, अंडरवियर! हर पीस में ये खासियत जरूरी

Russia Underwear Rules: क्या आप जानते हैं रूस में कुछ खास तरह के अंडरवियर पर बैन है और हर इसके लिए नियम तय किए गए हैं.

Advertisement
X
रूस में अंडरगार्मेंट्स को लेकर खास नियम हैं.  (Photo: Pixabay)
रूस में अंडरगार्मेंट्स को लेकर खास नियम हैं. (Photo: Pixabay)

हर देश के अपने अपने नियम हैं और इन नियमों में कुछ ऐसे आइटम्स की लिस्ट भी होती है, जो वहां बैन होती है. जैसे सिंगापुर में च्युइंग गम, कनाडा में बेबी वॉकर. वैसे ही रूस में कुछ खास तरह के अंडरगार्मेंट्स पर बैन लगा हुआ है. ये सुनने में भले ही अजीब है, लेकिन रूस में हेल्थ कारणों की वजह से कुछ तरह के अंडरगार्मेंट्स पर बैन लगाया हुआ है. अब सवाल है कि आखिर किस तरह के अंडरगार्मेंट्स पर रोक लगी है और उसके पीछे की वजह क्या है...

दरअसल, रूस, बेलारूस और कजाकिस्तान ने साल 2013 में कुछ खास तरह के अंडरवियर पर रोक लगाई थी. शुरुआत में कहा गया था कि इन देशों में लैसी अंडरगार्मेंट्स पर रोक लगा दी गई है यानी बारीक, जालीदार और डिजाइन वाले कपड़े से बने अंडरवियर. लेकिन, बाद में यूरेशियन इकोनॉमिक कमीशन ने यह स्पष्ट कर दिया था कि लेस या सिंथेटिक अंडरवियर पर सीधा प्रतिबंध नहीं है. बैन उन अंडरवियर्स पर हैं, जो हाइग्रोस्कोपिसिटी का मानक पूरा नहीं करते हैं. 

हाइग्रोस्कोपिसिटी है क्या?

इसका मतलब है कौनसा कपड़ा कितनी नमी सोख पाता है. सरकार ने मानक तय किए हैं कि जिन अंडरगार्मेंट्स में हाइग्रोस्कोपिसिटी के 6 फीसदी मानक पूरे नहीं होंगे, उन्हें नहीं बेचा जा सकता है. आम भाषा में समझें तो अगर किसी अंडरगार्मेंट में नमी सोखने की क्षमता 6 फीसदी से कम है, तो उन्हें नहीं बेचा जा सकता है. 

Advertisement

अगर उदाहरण से समझें तो मान लीजिए दो अंडरवियर हैं. पहला पीस 100 फीसदी नायलॉन का है. ये पसीना बिल्कुल नहीं सोख पाएगा और नमी त्वचा पर ही बनी रहेगी. इससे चिपचिपाहट, जलन या बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ सकता है. वहीं, अगर किसी पीस में कॉटन की लाइनिंग है या ऐसा फैब्रिक है जो पसीना सोख लेता है. इससे त्वचा सूखी रहती है और पहनने में आराम मिलता है. ऐसे में जो पसीना सोखने वाला पीस है, उसे बेचने की अनुमति है. 

नियम के अनुसार, जो अंडरवियर कम से कम 6 फीसदी नमी सोख पाएगी, वो ही बेचे जा सकेंगे. यानी अगर किसी कपड़े पर लैब टेस्ट किया जाए और वह अपनी क्षमता के हिसाब से कम से कम 6% नमी सोख ले, तभी वह इस नियम पर खरा माना जाएगा.

किस तरह के अंडरवियर बेचे जा सकते हैं?

ऐसे में यहां 100 फीसदी कॉटन वाले अंडरवियर और ब्रा और कॉटन प्लस सिंथेटिक (कॉटन-पॉलिएस्टर, कॉटन-नायलॉन) से बने अंडरवियर बेचे जा सकते हैं. लेस वाली ब्रा और पैंटी भी बिक सकती हैं, अगर उनमें ऐसी डिजाइन या कॉटन लाइनिंग (गसेट) हो और वे नमी सोखने (हाइग्रोस्कोपिसिटी) के तय मानक को पूरा करें.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement