कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल के शुद्धिकरण को लेकर जमकर राजनीतिक बवाल हुआ. अब इस पूरे विवाद पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सफाई दी है.
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खड़गे जी की जाति के बारे में शायद ही कोई जानता है. उन्होंने साफ किया कि कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण जाति-पाति के कारण नहीं हुआ था. कार्यक्रम के बाद स्थल पर गंदगी और धर्म विशेष के नारे लगाए जाने को लेकर धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी. इसके बाद साफ-सफाई के साथ शुद्धिकरण किया गया.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर इस मामले को जातीय रंग देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है. इसलिए वह इस मामले को बेवजह तूल दे रही है. धामी ने कहा कि जिन लोगों ने शुद्धिकरण किया, उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं है. यह कार्यक्रम जिस जगह हुआ था, वह धार्मिक स्थल है. वहां रामलीला का मंचन भी होता है.
धामी ने कहा कि खड़गे जी के कार्यक्रम के दौरान वहां कुछ ऐसे नारे लगाए गए, जिन पर धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई. कार्यक्रम खत्म होने के बाद स्थल पर गंदगी भी फैली थी. इसी के बाद वहां साफ-सफाई कराई गई. इसके बाद शुद्धिकरण की प्रक्रिया हुई. उन्होंने कहा कि इसका जाति-पाति से कोई लेना-देना नहीं है.
‘उत्तराखंड में भेदभाव की जगह नहीं’
धामी ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति जाति-पाति और भेदभाव की नहीं है. यहां बाहर से आने वाले हर व्यक्ति को अपनाने की परंपरा रही है. उत्तराखंड की संस्कृति सबको आत्मसात करने वाली है. कांग्रेस इस मामले को जातीय रंग देकर समाज को बांटने की कोशिश कर रही है. देवभूमि की जनता ऐसी सोच को स्वीकार नहीं करेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी के लोग इस बात के गवाह हैं कि उत्तराखंड में किस तरह का सामाजिक माहौल है. उन्होंने सवाल किया कि आज उत्तराखंड में कौन यह बात स्वीकार करेगा कि यहां जाति-पाति के आधार पर भेदभाव होता है. धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ काम कर रही है.
धामी ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कांग्रेस के पुराने नेताओं का जिक्र करते हुए पार्टी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब सीताराम केसरी कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तब उनके साथ पार्टी में कैसा व्यवहार किया गया था, यह सभी जानते हैं.
उन्होंने बाबू जगजीवन राम का भी जिक्र किया. साथ ही डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा. धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बाबा साहब को भारत रत्न देने में भी देर की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया है.
‘उत्तराखंड की जनता सब समझती है’
धामी ने कहा कि अब कांग्रेस वोट के लिए इस तरह का नैरेटिव तैयार करने की कोशिश कर रही है. लेकिन देश की जनता इस राजनीति को समझ चुकी है. उन्होंने कहा कि खड़गे एक वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं. खुद खड़गे यह कह चुके हैं कि उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के साथ काम किया है.
धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता किसी वरिष्ठ नेता का अपमान करने वाली नहीं है. उन्होंने कहा कि यहां जो भी आता है, उत्तराखंड के लोग उसे अपनाते हैं. उन्होंने उत्तराखंड को लघु भारत का स्वरूप बताया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोग हमेशा राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देते रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस से कहा कि अगर उसे जनता का समर्थन चाहिए तो उसे लोगों के मुद्दों पर काम करना चाहिए. बेवजह के मुद्दों को उठाकर समाज को बांटने की कोशिश सफल नहीं होगी.
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उन्होंने दोहराया कि शुद्धिकरण की पूरी घटना का जाति से कोई संबंध नहीं था. यह कार्रवाई कार्यक्रम के बाद हुई गंदगी और धार्मिक नारों को लेकर जताई गई आपत्ति के बाद की गई थी. कांग्रेस इस घटना को राजनीतिक रंग देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है.