शनिवार को कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी कार्यक्रम में उनके मंच का शुद्धिकरण कराए जाने का मुद्दा उठाया. उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है.
आजतक के पत्रकार ने जब राहुल गांधी से पूछा कि 'कांग्रेस के नेताओं ने भी इस मुद्दे पर उतनी बात नहीं की जितनी उन्हें करनी चाहिए थी. जिसपर मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी दुख जताया था कि उन्हें उस तरह का समर्थन नहीं मिला जैसा मिलना चाहिए था', उसपर राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के ज्यादातर नेताओं ने मल्लिकार्जुन खड़गे का साथ दिया है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मल्लिकार्जुन खड़गे का मुद्दा नहीं है बल्कि देश के हर गरीब, दलित व्यक्ति से जुड़ा मुद्दा है.
राहुल गांधी ने कहा कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ नेता के साथ खुलेआम ऐसा व्यवहार हो सकता है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्कूलों में छोटे दलित बच्चों के साथ कैसा व्यवहार होता होगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ-साथ देश के हर दलित बच्चे से लेकर, महिलाओं, बुजुर्गों तक के लिए आवाज उठा रही है. उनका कहना है कि कांग्रेस की लड़ाई इस विचारधारा के खिलाफ है.
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राहुल गांधी का कहना है कि बीजेपी उत्तराखंड ने इस तरह की गतिविधि का समर्थन करके गैर-कानूनी काम किया है. उनका कहना है कि इस मामले में कार्रवाई होनी ही चाहिए. राहुल गांधी ने कहा, "चाहे प्रधानमंत्री बोलें या न बोलें, मायावती बोलें या न बोलें, हम कोई फर्क नहीं पड़ता." उन्होंने कहा कि छुआछूत एक अपराध है और सरकार को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.
राहुल गांधी ने कहा कि गांवों के साथ-साथ शहरों में भी दलितों के साथ भेदभाव होता है. उन्होंने कुएं से पानी लेने पर रोक और चाय की दुकानों पर अलग-अलग कप दिए जाने का उदाहरण दिया. उन्होंने राजस्थान और उत्तराखंड का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि राजस्थान में CLP नेता के मंदिर जाने के बाद मंदिर का शुद्धिकरण किया गया था.