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चमोली में टनल धंसने से हादसा, कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका, 16 को किया सुरक्षित रेस्क्यू

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित पीपलकोटी टीएचडीसी (THDC) जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में बड़ा हादसा हो गया है. परियोजना कार्य में जुटी एचसीसी (HCC) कंपनी की इस सुरंग में अचानक भूस्खलन होने से अंदर कई लोगों के फंसने की शुरुआती सूचना मिली है. अब तक 16 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है.

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चमोली में THDC जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल अचानक धंस गई है. हादसे में कई लोग घायल हुए हैं. (फोटो-X)
चमोली में THDC जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल अचानक धंस गई है. हादसे में कई लोग घायल हुए हैं. (फोटो-X)


उत्तराखंड के चमोली जिले में एक बड़ा हादसा हो गया. यहां पीपलकोटी में THDC जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग अचानक धंस गई है. हादसे के समय टनल के अंदर मजदूरों के फंसे होने की आशंका है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है

शुरुआती जानकारी के अनुसार, जब यह हादसा हुआ तब टनल के अंदर कुल 20 मजदूर काम कर रहे थे. अचानक सुरंग का एक हिस्सा धंसने से अंदर अफरा-तफरी मच गई. हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत हरकत में आ गया. अब तक राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाते हुए 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. बाकी बचे अन्य लोगों को बाहर निकालने का काम अभी भी लगातार जारी है.

प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, जब यह हादसा हुआ तब टनल के अंदर कुल 20 मजदूर काम कर रहे थे. अचानक सुरंग का हिस्सा धंसने और पानी भरने से अंदर अफरा-तफरी मच गई. तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए गए. अब तक त्वरित कार्रवाई करते हुए 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. सुरंग के अंदर फंसे बाकी अन्य लोगों को बाहर निकालने का काम युद्ध स्तर पर जारी है.

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चमोली कलेक्टर गौरव कुमार ने बताया कि इस हादसे का शिकार हुए 16 लोगों को निकल लिया गया है, बाकी लोगों को निकालने की कवायद जारी है.

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दिए सख्त निर्देश

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने स्थिति की पूरी जानकारी ली है और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है.

जिला प्रशासन और सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ तेजी से राहत और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं और पल-पल की अपडेट ले रहे हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार की इस समय सबसे बड़ी और सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे हर एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है. इसके लिए सभी जरूरी संसाधन मौके पर लगा दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए. प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है. राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है. सभी लोग ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि सुरंग में फंसे सभी लोग सकुशल बाहर आ जाएं.

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बारिश में बहा था चमोली का तमक नाला पुल

चमोली जनपद में सोमवार दोपहर को अचानक हुई भारी बारिश ने तमक नाले को उफान पर ला दिया था. नाले में पानी का तेज बहाव इतना शक्तिशाली था कि सीमा सड़क संगठन द्वारा हाल ही में बनाया गया लोहे का पुल पूरी तरह बह गया था. क्षेत्र में दूसरी बार आई इस बाढ़ ने किसानों की सेब की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचाया था.

चमोली में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही थी. सोमवार को दोपहर के समय बारिश ने जोर पकड़ा था. पहाड़ी इलाका होने के कारण छोटी-छोटी नदियां और नाले अचानक उफान पर आ जाते हैं. तमक नाला भी इसका अपवाद नहीं रहा था. पानी का तेज बहाव देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी. हालांकि तब बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली थी, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी.

यह भी पढ़ें: चमोली में तमक नाला उफान पर, नया पुल बह गया- देखिए Video

गौरतलब है, सीमा सड़क संगठन ने तमक क्षेत्र में लोहे का नया पुल बनाया था. यह पुल स्थानीय आवागमन और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण था. लेकिन नाले में आई बाढ़ ने इसे कुछ ही देर में बहा दिया था. लाइव तस्वीरों में साफ दिख रहा था कि पुल का ढांचा पूरी तरह टूटकर पानी में समा गया था.

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