scorecardresearch
 

SC में राफेल पर सुनवाई के दौरान उछला कारगिल जंग का मुद्दा, एयर मार्शल रहे मौजूद

बुधवार को राफेल डील की जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने कहा कि आज हमारी वायुसेना काफी कमजोर है. अगर एयरफोर्स कारगिल के समय में मजबूत होती, तो हम इतने जवान नहीं गंवाते.

Advertisement
X
फाइल फोटो- इंडिया टुडे
फाइल फोटो- इंडिया टुडे

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को राफेल डील मामले की जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कारगिल की जंग का भी जिक्र आया. देश की शीर्ष अदालत में कारगिल युद्ध का मुद्दा अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने उठाया.

बुधवार को राफेल डील की जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने कहा कि आज हमारी वायुसेना काफी कमजोर है. अगर एयरफोर्स कारगिल के समय में मजबूत होती, तो हम इतने जवान नहीं गंवाते.

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल के इस बयान पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि कारगिल युद्ध साल 1999 में हुआ था और राफेल साल 2014 में आया है. लिहाजा वो ऐसी बातें न करें. इस दौरान एयर मार्शल और वाइस मार्शल भी मौजूद रहे. मामले की सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने एयर मार्शल और वाइस मार्शल से कहा कि अब आप जा सकते हैं. यहां कोर्ट में अलग तरह का वॉर गेम है. अब आप एक्चुअल वॉर रूम में जा सकते हैं.

Advertisement

बता दें कि कारगिल युद्ध में भारत ने अपने 527 जांबाज सैनिकों को गंवाया था. इस युद्ध में 1,363 सैनिक घायल भी हुए थे.  वहीं, इस युद्ध में पाकिस्तान के करीब 453 सैनिक मारे गए थे. हालांकि कारगिल युद्ध में भारत को विजय मिली थी. 26 जुलाई 1999 को भारतीय सुरक्षा बलों ने 'ऑपरेशन विजय' को सफलतापूर्वक अंजाम देकर कारगिल को घुसपैठियों के चंगुल से मुक्त करवा लिया था.

ने कारगिल युद्ध के दौरान मिग-27 और मिग-29 का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तानी कब्जे वाले ठिकानों पर बम गिराए थे. इस युद्ध में दो लाख 50 हजार गोले और रॉकेट दागे गए थे. 300 से ज्यादा तोपों, रॉकेट लॉन्चरों और मोर्टार से रोजाना लगभग पांच बम दागे जाते थे. भारत 26 जुलाई को विजय दिवस के रूप में भी मनाता है.

SC ने राफेल डील पर सुरक्षित रखा फैसला

वहीं, बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील मामले की जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया. इन याचिकाओं में शीर्ष अदालत से राफेल सौदे की कीमत और उसके फायदों की जांच कराने की मांग की गई है.

केंद्र ने पिछली सुनवाई मेंविमानों की कीमत और उसके फायदे के बारे में कोर्ट को सीलबंद दो लिफाफों में रिपोर्ट सौंपी थी. इस मामले की सुनवाई कर रही पीठ में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ शामिल हैं.

Advertisement

इन याचिकाकर्ताओं ने सौदे की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की है. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि हमने राफेल की कीमत की जानकारी साझा कर दी है, लेकिन इसको रिव्यू करना एक्सपर्ट का काम है. इसको न्यायपालिका रिव्यू नहीं कर सकती है.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement