चक्रवाती तूफान 'तितली' ने बेहद प्रचंड रूप ले लिया और तूफान ओडिशा पहुंच गया है, यह ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट पर पहुंच गया है. ओडिशा के तटीय इलाकों में 126 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं. तूफान की रफ्तार इतनी ज्यादा है कि गोपालपुर और बेरहामपुर में कई पेड़ उखड़ गए हैं.
'तितली' के ओडिशा और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ने के साथ-साथ प्रशासन मुस्तैद हो गया है. तूफान में होने वाले नुकसान से बचने के लिए अलग-अलग जिलों में एनडीआरएफ 18 टीमें तैनात की गई हैं. ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बंगाल के कई इलाकों में तितली तूफान को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है और 3 लाख लोगों को महफूज़ जगहों पर पहुंचाया गया है.
from Ganjam's Gopalpur after made landfall in the region at 5:30 am today. 10,000 people from low lying areas had been evacuated to govt shelters till last night.
— ANI (@ANI)
बंद रहेंगे स्कूल- कॉलेज, कई ट्रेनें रद्द
ओडिशा सरकार ने तूफान के चलते 11 और 12 तारीख को स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला किया है. इसके अलावा तूफान से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक उच्चस्तरीय बैठक भी की है. उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट पर 'तितली' के प्रभाव को देखते हुए कई ट्रेनों को रद्द किया गया है तो वहीं कुछ के रूट में बदलाव किया है.

वहीं उत्तर प्रदेश होते हुए हावड़ा/खड़गपुर की तरफ से आने वाली ट्रेनें भी शाम 5:15 बजे के बाद से अगली सूचना तक भद्रक से आगे नहीं बढ़ेंगी. हैदराबाद/विशाखापट्टनम से चलने वाली डाउन ट्रेनें शाम 6:40 के बाद से दुव्वाड़ा से आगे नहीं बढ़ेंगी. मौसम विभाग के मुताबिक 'तितली' फिलहाल ओडिशा के गोपालपुर से तकरीबन 530 किमी दक्षिण पूर्व और आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्नम से 480 किमी दक्षिण पूर्व में है.
उधर, दिल्ली में कैबिनेट सेक्रेटरी पीके सिन्हा ने नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में तूफान तितली से निपटने के लिए किए उपायों की समीक्षा की गई. साथ ही राज्य सरकार और केंद्र की टीमों को हर हालात से निपटने को तैयार रहने के लिए कहा गया है.
ओडिशा सरकार ने बुधवार को गंजम, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों के प्रशासन को चक्रवाती तूफान 'तितली' की राह में आने वाले सभी संभावित क्षेत्रों को खाली कराने के निर्देश दे दिए हैं. मौसम विभाग द्वारा चक्रवात तितली के गंभीर स्तर पर पहुंचने की सूचना देने के बाद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इन पांच जिलों के जिला अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि कोई दुर्घटना ना घटे.
गंजम जिले में पहले ही जिला खाली करने की प्रक्रिया शुरू होने की समीक्षा करने के बाद पटनायक ने कहा कि सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को 11 -12 अक्टूबर को बंद रखा जाएगा, हालांकि शिक्षक ड्यूटी पर रहेंगे. मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद पधी ने कहा कि राज्य में 11 अक्टूबर को होने जा रहे छात्र संघ चुनावों को रद्द कर दिया गया है.
चक्रवात और इसके साथ भारी बारिश आने की संभावना के बीच सभी अधिकारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है. तूफान और बारिश से पूरे राज्य के चपेट में आने की संभावना है.
मौसम विभाग ने दीघा, शंकरपुर, मंदरमणि और राज्य के अन्य तटीय क्षेत्रों में पर्यटकों से कहा गया है कि वे इस दौरान गहरे समुद्र में नहीं जाएं. साथ ही मछुआरों से कहा है कि वे पश्चिम बंगाल, ओडिशा के अपतटीय क्षेत्रों, बंगाल की उत्तरी और मध्य खाड़ी में 12 अक्टूबर तक समुद्र में न जाएं.
मौसम विभाग ने कहा कि ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के कलिंगापत्तनम के बीच गुरुवार तड़के भूस्खलन होने की संभावना है. अगले 18 घंटों में गुरुवार तड़के तक इसके बहुत गंभीर स्तर पर पहुंचने का भी अनुमान है. गंजम, गजपति, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, खुर्दा, नयागढ़, कटक, जाजपुर, भद्रक, बालासोर, कंधमाल, बौंध और ढेंकनल में गुरुवार तक तेज से मूसलाधार बारिश होने की संभावना है.
Odisha: Due to ,Railway Recruitment Board (RRB) exam that was scheduled on 11&12 Oct in Bhubaneswar,Cuttack,Dhenkanal, Sambalpur,Khurda&Berhamapur has been cancelled.Revised dates&place to be sent to candidates on their registered mobile no&email:Chairman, RRB, Bhubaneshwar
— ANI (@ANI)
मुख्य सचिव ने कहा कि अब तक राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के 10 दल और ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) के 8 दल विभिन्न तटीय और आंतरिक जिलों में तैनात किए जा चुके हैं. विशेष राहत आयुक्त विशुनपाड़ा सेठी ने जिलों को ज्यादा से ज्यादा लोग रखने के लिए 836 बहुद्देशीय शिविरों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं.