scorecardresearch
 

जेल में चंद्रशेखर रावण से मिलना चाहते थे केजरीवाल, योगी सरकार ने ठुकराया आवेदन

दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने सहारनपुर जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद रावण से मिलने की इच्छा जताई थी. योगी सरकार ने इसकी अनुमति देने से इनकार किया है.

Advertisement
X
अरविंद केजरीवाल (फोटो- PTI)
अरविंद केजरीवाल (फोटो- PTI)

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को यूपी सरकार से भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद रावण से मिलने की इजाजत नहीं मिली है. केजरीवाल ने योगी सरकार से उत्तर प्रदेश से सहारनपुर की जेल में बंद चंद्रशेखर से मिलने की इजाजत मांगी थी, जो उन्हें नहीं मिल सकी.

इसके बाद केजरीवाल ने ट्विटर पर योगी सरकार को अपने निशाने पर लिया है. उन्होंने लिखा, 'दलितों के नेता को यूपी की भाजपा सरकार ने राजनीतिक द्वेष के कारण काफी समय से जेल में रखा है. मैं उनसे मिलना चाहता था लेकिन ये अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि योगी सरकार ने मुझे इजाजत नहीं दी.'

चंद्रशेखर सहारनपुर जेल में रासुका की धाराओं में बंद हैं. केजरीवाल 13 अगस्त को सहारनपुर जेल में रावण से मिलना चाहते थे. उत्तर प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री की मांग ठुकराई.

स्थानीय प्रशासन ने दावा किया है कि और चंद्रशेखर आजाद के बीच राजनीतिक चर्चा हो सकती है और इससे कानून व्यवस्था खराब हो सकती है और माहौल बिगड़ सकता है.

Advertisement

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जेल मैन्युअल के मुताबिक रावण से उनके परिवार का ही कोई सदस्य मिल सकता है. आशंका जताई गई है कि अगर केजरीवाल उनसे मिलने के बाद प्रेस में बयान देते हैं, जो कि संभावित है, उससे भी जेल मैन्युअल का उल्लंघन होगा. 

सहारनपुर प्रशासन ने पुलिस अधीक्षक से इस बारे में रिपोर्ट ली है और कहा है कि 13 अगस्त को केजरीवाल के सहारनपुर के प्रस्तावित दौरे के समय दलित और राजपूतों में संघर्ष हो सकता है. सहारनपुर के डीएम के मुताबिक चंद्रशेखर से मुलाकात के बाद , जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है.

आपको बता दें कि चंद्रशेखर को पिछले साल 2 नवंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट की बेंच ने सहारनपुर जातीय हिंसा से जुड़े सभी मामलों में जमानत दे दी थी. चंद्रशेखर को इस जातीय हिंसा का मुख्य आरोपी बनाया गया था. जेल में बंद चंद्रशेखर ने जमानत के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट में अर्जी दी थी, जहां से उन्हें राहत मिली और सभी केस में जमानत मिल गई. मगर जमानत मिलते ही भीम आर्मी के चीफ की मुश्किलें और बढ़ गईं. बेल मिलने के बाद ही उन्हें रासुका के तहत निरुद्ध कर लिया गया. इसके बाद जेल में उनकी तबीयत भी खराब हो गई थी.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement