
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में मौसम ने अचानक करवट ली है. सुबह-सुबह बादल छा गए और हवाओं के साथ मौसम सुहावना हो गया है. वहीं, कुछ जगहों पर हल्की बारिश और बूंदाबांदी भी हुई है. ऐसे में गर्मी और उमस से परेशान लोग मौसम में हुए इस बदलाव से राहत महसूस कर रहे हैं. वहीं, दिल्ली-एनसीआर और पूरे उत्तर भारत में गर्मी का कहर जारी है. लोग सवाल पूछ रहे हैं कि मॉनसून कब आएगा और गर्मी से राहत कब मिलेगी?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अयोध्या समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम बदल रहा है. 30 जून से अच्छी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है. वहीं, इन दिनों दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के तमाम इलाकों में गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं. मॉनसून की बारिश का इंतजार लंबा हो गया है लेकिन अब 4 जुलाई 2026 की तारीख दिल्लीवालों के लिए खास हो सकती है.
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में मॉनसून 4 जुलाई के आसपास पहुंच सकता है. ऐसे में 5-6 दिन के बाद मॉनसून की बारिश होने के साथ गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. दिल्ली-एनसीआर में दिन का तापमान 41-43 डिग्री के पार पहुंच रहा है. हीट इंडेक्स (महसूस होने वाली गर्मी) 45-48 डिग्री तक जा रहा है.
मॉनसून पर क्या है IMD का अपडेट
मौसम विभाग की ओर से जारी अपडेट के मुताबिक, मॉनसून उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली की ओर धीरे-धीरे बढ़ रहा है. अगले 3-4 दिनों में उत्तर प्रदेश में मॉनसून आगे बढ़ सकता है. जुलाई के पहले हफ्ते में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के बाकी हिस्सों में मॉनसून पहुंचने की अच्छी संभावना है. सामान्य तारीख के मुताबिक, दिल्ली में मॉनसून 27 जून के आसपास आना चाहिए था, लेकिन इस साल थोड़ी देरी हो रही है. यूपी और बिहार के आसमान में मॉनसून के बादल दिखाई दे रहे हैं.

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों की वजह से यूपी के कई हिस्सों में प्री-मॉनसून आंधी-बारिश की गतिविधियां देखी जा रही हैं. ये गर्मी से कुछ राहत देगी लेकिन मॉनसून की बारिश जुलाई में पहले हफ्ते में होने की उम्मीद है.IMD के मुताबिक, मॉनसून यूपी की ओर बढ़ रहा है. अगले 3-4 दिनों में कई हिस्सों में दस्तक दे सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी यूपी में 1-2 जुलाई के आसपास अच्छी बारिश हो सकती है.
कहां तक पहुंचा मॉनसून?
IMD के मुताबिक, 28 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक पहुंच चुकी है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों के दौरान उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.
इसके बाद अगले चरण में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मॉनसून दस्तक दे सकता है. आगे चलकर हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्व राजस्थान के कुछ इलाकों तक भी मॉनसून के पहुंचने की संभावना है.
मॉनसून में क्यों हुई देरी?
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष (मौसम और जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत ने बताया कि इस साल मॉनसून एक हफ्ते देरी से आ रहा है. पाकिस्तान से आने वाली सूखी पछुआ हवाएं गर्मी बढ़ा रही हैं, जबकि अरब सागर से नम हवाएं उमस बढ़ा रही हैं. दोनों हवाओं के मिलने से बादल तो बन रहे हैं, लेकिन पर्याप्त नमी न होने से अच्छी बारिश नहीं हो रही है. मॉनसून के आगे बढ़ने के साथ बारिश होने और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.