उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय युवा वोटर यानी Gen Z और Gen Alpha सबसे बड़ा केंद्र बन चुके हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली से बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने साफ शब्दों में युवाओं से अपील की है कि वे आने वाले चुनावों में इस सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएं.
दिल्ली में अखिलेश यादव ने युवाओं के हालिया विरोध-प्रदर्शन और प्रदेश के मौजूदा हालातों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया. अखिलेश ने यूपी सरकार के बड़े दावों पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि जो लोग उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के बड़े-बड़े सपने दिखाते हैं, उनके राज में आज किसान 1 रुपए किलो आलू बेचने को मजबूर है.
उन्होंने सवाल किया कि पिछले 9 सालों से यह सरकार आखिर कर क्या रही थी? अगर सरकार ने युवाओं और पढ़ाई पर ध्यान दिया होता, तो आज बच्चों को भटकना नहीं पड़ता. उन्हें बेहतरीन रोजगार मिल जाता.
सपा सुप्रीमो ने नए वोटर्स को ललकारते हुए कहा कि जो बच्चे अब 18 साल के हो चुके हैं या होने वाले हैं, वे आंखें खोलकर हालात देखें. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस सरकार को हटाने के लिए अपना वोट दें.
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सपा सुप्रीमो ने सत्ताधारी दल पर साधा निशाना
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का जिक्र करते हुए अखिलेश ने सत्ताधारी दल पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ये वे लोग हैं जिनका आजादी के आंदोलन में कोई योगदान नहीं था. ये लोग अंग्रेजों के दौर में अंडरग्राउंड रहकर उन्हें सूचनाएं दिया करते थे.
अखिलेश यादव ने प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और भ्रष्टाचार पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में न तो सड़कें ठीक हैं और न ही अस्पतालों की हालत सुधरी है. जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान है. उन्होंने मांग की कि कोर्ट को गोरखपुर लिंक प्रोजेक्ट को लेकर कड़े निर्देश देने चाहिए.
अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि यह यूपी अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकार है. हर तरफ अन्याय बढ़ रहा है. सरकार नालों पर रिवर फ्रंट बना रही है, लेकिन जनता को यह तक नहीं पता कि 'विकसित भारत' असल में कब और कैसे बनेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने मिलकर ऐतिहासिक कन्नौज शहर को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है.
एक तरफ जहां विपक्ष के नेता लगातार युवाओं के मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रहे हैं. दूसरी ओर बीजेपी ने भी Gen Z तक सीधी पहुंच बनाने की बड़ी रणनीति पर काम कर रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल के बाद सरकार के कद्दावर मंत्री मैदान में उतर चुके हैं.
हाल ही में यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने अपने प्रभारी जिले सीतापुर में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के अंदर युवा संवाद कार्यक्रम किया. इससे पहले वह रायबरेली में भी ऐसा बड़ा युवा सम्मेलन कर चुके हैं.
इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि मंत्री मनोज पांडेय बिना किसी तामझाम और वीआईपी प्रोटोकॉल के सीधे बच्चों के बीच पहुंच गए. उन्होंने बहुत ही सहजता से युवाओं के मन की बात सुनी. उनके सपनों, विचारों और भविष्य को लेकर उनके मन में चल रही चिंताओं को जाना.
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राजनीतिक दलों में क्यों छिड़ी है Gen Z को साधने की होड़?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में चुनावी जीत और हार तय करने में Gen Z और युवा मतदाता सबसे अहम भूमिका निभाएंगे. यही वजह है कि उत्तर प्रदेश का सियासी रण अब पूरी तरह युवाओं के इर्द-गिर्द घूम रहा है.
यूपी सरकार मंत्रियों के जरिए सीधे संवाद करके युवाओं के बीच अपनी पैठ मजबूत कर रही है. वहीं बहुजन समाज पार्टी (BSP) युवा चेहरे और तेज-तर्रार नेता आकाश आनंद के जरिए युवाओं को अपने पाले में लाने की जुगत में है.
सपा प्रमुश अखिलेश यादव और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जैसे नेता लगातार बेरोजगारी, पेपर लीक, महंगाई और शिक्षा जैसे मुद्दों को उठाकर नई पीढ़ी को सरकार के खिलाफ एकजुट करने में जुटे हैं.