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US राजदूत सर्जियो गोर आज कश्मीर घाटी का करेंगे दौरा, CM अब्दुल्ला और LG से करेंगे मुलाकात, लद्दाख भी जाएंगे

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर आज कश्मीर घाटी का दौरा करने जा रहे हैं. वह श्रीनगर में रुकेंगे और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात करेंगे. ये दौरा आर्टिकल 370 और 35A के निरस्तीकरण के बाद किसी अमेरिकी राजदूत की पहली कश्मीर यात्रा है.

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आज से दो दिवसीय कश्मीर और लद्दाख के दौरे पर जाएंगे सर्जियो गोर. (photo: X@USAmbIndia )
आज से दो दिवसीय कश्मीर और लद्दाख के दौरे पर जाएंगे सर्जियो गोर. (photo: X@USAmbIndia )

भारत में अमेरिका के राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत सर्जियो गोर आज से दो दिवसीय जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दौरे पर पहुंचेंगे. उनका ये दौरा आर्टिकल 370 और 35A के निरस्तीकरण, पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर और जून 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद किसी अमेरिकी राजदूत की पहली कश्मीर यात्रा है. बताया जा रहा है कि राजदूत आज रात श्रीनगर में रुकेंगे और गुरुवार को लद्दाख के लिए रवाना होंगे.

सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर दोपहर में श्रीनगर पहुंचेंगे. अपने इस दौरे के दौरान अमेरिकी राजदूत जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात करेंगे. सूत्रों का कहना है कि वह आज रात श्रीनगर में ही रुकेंगे और गुरुवार सुबह वहां से लद्दाख के लिए रवाना होंगे. हालांकि, अभी ये स्पष्ट नहीं है कि वह लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से मुलाकात करेंगे या नहीं. वहीं, जून 2020 में गलवान झड़प के बाद किसी अमेरिकी राजदूत का ये पहला लद्दाख दौरा होगा.

जम्मू-कश्मीर में सरकार बनने के बाद अमेरिकी राजदूत का निर्वाचित मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिलना एक बड़ा कूटनीतिक संदेश है. हाल ही में उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया था.

इससे पहले जनवरी 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर ने एक बहुपक्षीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल के तहत कश्मीर घाटी का दौरा किया था, लेकिन आर्टिकल 370 और 35A निरस्त होने के बाद पहली बार कोई अमेरिकी राजदूत सीधे घाटी का दौरा कर रहे हैं, जिसे मौजूदा रणनीतिक घटनाक्रमों के बीच बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

उधर, पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने युद्ध रोककर लाखों जानें बचाईं. हालांकि, भारत का स्पष्ट रुख है कि पाकिस्तान के सीजफायर अनुरोध पर संघर्ष रुका था.
दूसरी ओर हाल ही में ईरान-अमेरिका युद्ध में पाकिस्तानी मध्यस्थता के बाद ट्रंप और पाकिस्तान के बीच नजदीकी बढ़ी है. पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच नाटो-जैसी त्रिपक्षीय रक्षा संधि की ट्रंप की तारीफ के बीच अमेरिकी राजदूत का ये दौरा कूटनीतिक रूप से अहम है.

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