सर्जियो गोर (Sergio Gor) अमेरिकी कारोबारी और राजनीतिक रणनीतिकार हैं. साल 2026 में वह भारत में अमेरिका के राजदूत के बनें. गोर वर्ष 2025 में व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल पर्सनेल ऑफिस के निदेशक रहे. अगस्त 2025 में उन्हें भारत में अमेरिका का राजदूत नामित किया गया. उन्होंने दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत की जिम्मेदारी भी संभाली. अक्टूबर 2025 में अमेरिकी सीनेट ने उनकी नियुक्ति की पुष्टि की.
उन्होंने वर्ष 2008 में जॉन मैक्केन के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में काम किया. इसके बाद गोर ने रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के साथ काम किया. वह अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव किंग, मिशेल बैकमैन और रैंडी फोर्ब्स के प्रवक्ता भी रहे. मई 2013 में वह केंटकी के सीनेटर रैंड पॉल की राजनीतिक कार्रवाई समिति RANDPAC से जुड़े. बाद में उन्होंने रैंड पॉल के प्रवक्ता, कम्युनिकेशंस डायरेक्टर और डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में काम किया.
जून 2020 में गोर ट्रंप विक्ट्री फाइनेंस कमेटी के चीफ ऑफ स्टाफ बने. इसके बाद उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के सलाहकार और बुक पब्लिशिंग मैनेजर के रूप में काम किया. वर्ष 2021 में उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ विनिंग टीम पब्लिशिंग की स्थापना की.
सर्जियो गोर का जन्म सर्गेई गोरोखोव्स्की नाम से 30 नवंबर 1986 को ताशकंद में हुआ था. उस समय ताशकंद उज्बेक सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक का हिस्सा था. बाद में उनका परिवार माल्टा चला गया और उनका पहला नाम सर्गेई से बदलकर सर्जियो कर दिया गया.
सर्जियो गोर का बचपन माल्टा के कोस्पिकुआ में बीता. उन्होंने वहां डी ला साले कॉलेज में पढ़ाई की. वर्ष 1999 में उनका परिवार माल्टा से अमेरिका चला गया. इसके बाद उन्होंने लॉस एंजिल्स में हाई स्कूल की पढ़ाई की और जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से स्नातक किया. वह वर्ष 2004 में अमेरिकी नागरिक बने.
विश्वविद्यालय के दौरान गोर कॉलेज रिपब्लिकन्स से जुड़े रहे. उन्होंने यंग अमेरिका फाउंडेशन की जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी शाखा की स्थापना भी की.
अमेरिका के भारत में नए राजदूत सर्जियो गोर का श्रीनगर और लद्दाख दौरा ऐसे वक्त हो रहा है, जब भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन के रिश्तों में सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है. ऑपरेशन सिंदूर और गलवान के बाद उनका यह दौरा खास माना जा रहा है. सवाल है कि गोर की इस यात्रा से पाकिस्तान और चीन को क्या संदेश मिल रहा है और भारत के लिए इसके क्या मायने हैं?
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर आज कश्मीर घाटी का दौरा करने जा रहे हैं. वह श्रीनगर में रुकेंगे और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात करेंगे. ये दौरा आर्टिकल 370 और 35A के निरस्तीकरण के बाद किसी अमेरिकी राजदूत की पहली कश्मीर यात्रा है.
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारतीय कंपनियों के अमेरिका में 20 अरब डॉलर के निवेश को लेकर सहराहना की और आगे कहा कि अगर आप विदेश में निवेश का प्लान बना रहे हैं तो अमेरिका को चुनें.