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क्या राजनीति में एंट्री करेंगे तुकाराम मुंढे, FDA कमिश्नर बोले- ‘वह भी तो जनसेवा ही है’

महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे की मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और आम लोगों से सीधे जुड़ने की उनकी कार्यशैली ने उन्हें अलग पहचान दी है. ‘रियल लाइफ सिंघम’ के नाम से मशहूर मुंढे क्या कभी राजनीति में कदम रखेंगे? इस सवाल पर उन्होंने दिलचस्प अंदाज में जवाब दिया

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 तुकाराम मुंढे ने राजनीति में आने के सवाल पर दिया संकेत (Photo-ITG)
तुकाराम मुंढे ने राजनीति में आने के सवाल पर दिया संकेत (Photo-ITG)

महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने इस बात का संकेत दिया कि क्या वह राजनीति में आएंगे, उन्होंने कहा कि राजनीति की चुनौतियां जनसेवा की ज़रूरतों से बहुत अलग होती हैं. Business Today के India @ 100 इवेंट में जब उनसे पूछा गया कि क्या वह भविष्य में राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, बिल्कुल नहीं, इसके बाद शायद, वह भी जनसेवा ही है.

महाराष्ट्र FDA आयुक्त ने अपने व्यक्तित्व के बारे में कहा कि वह सीधे बोलने वाले, स्पष्टवादी और खुले दिल के इंसान हैं. जब उनसे पूछा गया कि जिस तरह उन्होंने एक नौकरशाह के रूप में पारंपरिक ढांचे को चुनौती दी है, क्या वे राजनीति में भी उसी तरह बदलाव ला सकते हैं, तो मुंढे ने चुटकी लेते हुए कहा, “अगर मैं एक काम में अच्छा हूं, तो मुझे वही करते रहना चाहिए.”

‘हर मुख्यमंत्री मेरा पसंदीदा है’

जब उनसे उनके पसंदीदा मुख्यमंत्री के बारे में पूछा गया तो तुकाराम मुंढे ने कहा, “हर कोई मेरा पसंदीदा है, उन्होंने समझाया कि मुख्यमंत्री जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व करते हैं और उसी के अनुसार फैसले लेते हैं. एक सिविल सर्वेंट के तौर पर उनकी जिम्मेदारी उन फैसलों को लागू करना है, उन्होंने कहा कि यदि निजी तौर पर वह किसी निर्णय से सहमत भी न हों, तब भी उन्हें राजनीतिक नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसलों को लागू करना होता है.

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महाराष्ट्र FDA में कैसी है वर्क कल्चर?

बातचीत के दौरान तुकाराम मुंढे ने महाराष्ट्र FDA के कामकाज और अधिकारियों के कार्य घंटों के बारे में भी विस्तार से बताया.
उन्होंने कहा कि FDA के अधिकारियों को अन्य क्षेत्रों की तरह दिन में केवल 8 घंटे और सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम करना होता है, उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग सभी श्रम कानूनों का पालन करता है.

मुंढे ने बताया कि प्रत्येक कर्मचारी केवल एक शिफ्ट में काम करता है और किसी कर्मचारी से दो शिफ्ट में काम नहीं कराया जाता. हालांकि, FDA अन्य सरकारी कार्यालयों से अलग है, क्योंकि यह एक ऐसी प्रयोगशाला और व्यवस्था है जो 24 घंटे, सातों दिन काम करती है. इसलिए FDA के कर्मचारी सप्ताह में छह दिन काम करते हैं.

‘खाद्य और दवाएं सुरक्षित और प्रभावी होनी चाहिए’

FDA के काम के उद्देश्य को समझाते हुए मुंढे ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले खाद्य पदार्थ और दवाएं सुरक्षित, प्रभावी और निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि FDA का आउटपुट यही होना चाहिए और इसका अंतिम परिणाम स्वस्थ नागरिक होने चाहिए.

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आखिर जनता के बीच इतने लोकप्रिय क्यों हैं तुकाराम मुंढे?

महाराष्ट्र FDA के आयुक्त के रूप में अपने तीन महीने के कार्यकाल में तुकाराम मुंढे अपने सख्त और स्पष्ट रवैये के साथ-साथ जनता से सीधे जुड़ने की शैली के कारण काफी लोकप्रिय हुए हैं. 31 जुलाई तक महाराष्ट्र FDA ने 3,000 से अधिक निरीक्षण किए और ₹55 करोड़ से ज्यादा मूल्य का सामान जब्त किया, इसके अलावा, करीब 165 खाद्य कारोबारियों (FBOs) और अन्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि 750 से अधिक सुधार नोटिस जारी किए गए.

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