तृषा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने वर्ल्ड चैम्पियनशिप महिला डबल्स क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फान और झांग शू शियान को 16-21, 21-15, 21-13 से हराया. इस जीत से भारत का 15 साल बाद महिला डबल्स में वर्ल्ड चैम्पियनशिप मेडल पक्का हो गया. चोट के बाद वापसी कर रहीं तृषा ने गायत्री के साथ शानदार प्रदर्शन किया.
भारतीय बैडमिंटन के लिए वर्ल्ड चैम्पियनशिप (BWF World Championships) से बड़ी खबर आई है. तृषा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने चीन की मजबूत जोड़ी जिया यी फान और झांग शू शियान को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है. इसके साथ ही भारत का महिला डबल्स में 15 साल बाद वर्ल्ड चैम्पियनशिप मेडल पक्का हो गया.
नई दिल्ली में खेले गए महिला डबल्स क्वार्टरफाइनल में भारत की गैरवरीय तृषा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शानदार वापसी करते हुए चीन की जोड़ी को 16-21, 21-15, 21-13 से हरा दिया.
यह मुकाबला 1 घंटा 9 मिनट तक चला. भारतीय जोड़ी पहला गेम हार गई थी, लेकिन इसके बाद जिस अंदाज में वापसी की, उसने चीन की अनुभवी जोड़ी को दबाव में ला दिया. इस जीत के साथ तृषा और गायत्री अंतिम चार में पहुंच गई हैं और कम से कम ब्रॉन्ज मेडल तय कर लिया है.
No.4 seeds Jia/Zhang 🇨🇳 oppose Jolly/Pullela 🇮🇳 in a match to remember.#BWFWorldChampionships #NewDelhi2026 pic.twitter.com/Tze2wufiNQ
— BWF (@bwfmedia) August 21, 2026
भारत को महिला डबल्स में BWF World Championships का पिछला मेडल 2011 में मिला था. तब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने लंदन में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. यानी अब 15 साल बाद भारतीय महिला डबल्स को फिर वर्ल्ड चैम्पियनशिप का मेडल मिलने जा रहा है.
चीन के खिलाफ था 0-3 का रिकॉर्ड
क्वार्टरफाइनल से पहले आंकड़े भारतीय जोड़ी के पक्ष में नहीं थे. तृषा और गायत्री चीन की जिया और झांग के खिलाफ अपने तीनों मुकाबले हार चुकी थीं. यानी हेड-टु-हेड रिकॉर्ड 0-3 था. मैच की शुरुआत भी कुछ ऐसी ही हुई. भारतीय जोड़ी पहले गेम में जल्दी ही 1-6 से पीछे हो गई. हालांकि इसके बाद तृषा और गायत्री ने लगातार छह अंक जीतकर स्कोर 8-9 तक पहुंचा दिया. फिर भी चीनी जोड़ी ने इंटरवल तक तीन अंकों की बढ़त बना ली.
भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार रैलियों के जरिए मुकाबले में बने रहने की कोशिश की और स्कोर 13-15 तक पहुंचाया. नेट पर भी दोनों जोड़ीदारों ने चीनियों को खूब परेशान किया, लेकिन जिया और झांग ने 17-14 की बढ़त बनाई और पहला गेम अपने नाम कर लिया.

1-5 से पिछड़े, फिर पलट दिया पूरा गेम
पहला गेम हारने के बाद दूसरे गेम में भी शुरुआत भारत के लिए खराब रही. चीनी जोड़ी ने पहले 5-1 और फिर 10-7 की बढ़त बना ली. लेकिन इसके बाद तृषा और गायत्री ने मैच का रुख ही बदल दिया.
भारतीय जोड़ी ने लगातार शानदार अंक जुटाए और स्कोर को पलटते हुए 13-10 की बढ़त हासिल कर ली. एक समय स्कोर 15-14 था और मुकाबला पूरी तरह बराबरी का लग रहा था. यहीं से भारतीय जोड़ी ने जोरदार अटैक किया और लगातार अंक लेकर 19-14 की बढ़त बना ली. इसके बाद तृषा-गायत्री ने दूसरा गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया.
निर्णायक गेम में चीन पर टूटा भारतीय तूफान
तीसरे और निर्णायक गेम में भारतीय जोड़ी बिल्कुल अलग मूड में उतरी. तृषा और गायत्री ने शुरुआत से ही दबाव बनाया और जल्दी ही 11-5 की बढ़त हासिल कर ली. इसके बाद तीन अंकों की शानदार झड़ी लगाकर उन्होंने स्कोर 14-7 कर दिया. चीनी जोड़ी लगातार दबाव में आती गई.
हालांकि कुछ नर्वस मोमेंट भी आए. तृषा ने एक शॉट नेट में डाल दिया, जबकि गायत्री से सर्विस एरर हुआ. लेकिन चीन की जोड़ी इसका फायदा नहीं उठा सकी.उल्टा जिया और झांग नेट पर लगातार गलतियां करने लगीं. भारतीय जोड़ी ने इसका पूरा फायदा उठाया और 17-9 की बड़ी बढ़त बना ली.
हाई-फाइव, फिस्ट पंप और फिर चीन पर दबाव
मैच के दौरान दोनों टीमों की बॉडी लैंग्वेज में बड़ा फर्क साफ दिख रहा था. हर अंक के बाद तृषा और गायत्री फिस्ट पंप और हाई-फाइव करती नजर आईं. दूसरी तरफ चीनी खिलाड़ियों के कंधे झुकने लगे और उन पर दबाव साफ दिखाई देने लगा. खास तौर पर गायत्री की तेज फ्लैट रैलियां मैच का बड़ा आकर्षण रहीं. उन्होंने जिया और झांग को लगातार मुश्किल में डाला.
18-9 के स्कोर पर चीनी जोड़ी ने एक और शॉट बाहर मार दिया. भारतीय जोड़ी को नेट पर कुछ मौके जरूर गंवाने पड़े, लेकिन उन्होंने दबाव में अपना धैर्य नहीं खोया.
9 मैच पॉइंट, फिर कोर्ट पर गिर पड़ीं तृषा
जिया और झांग के एक और शॉट को नेट में डालने के साथ भारतीय जोड़ी को 9 मैच पॉइंट मिल गए. चीनी खिलाड़ियों ने दो मैच पॉइंट बचाए, लेकिन फिर एक शॉट बाहर चला गया और मुकाबला खत्म हो गया. जैसे ही जीत पक्की हुई, तृषा जॉली जश्न में कोर्ट पर गिर पड़ीं. वहीं गायत्री गोपीचंद कुछ पल के लिए अविश्वास में नजर आईं. यह सिर्फ सेमीफाइनल में पहुंचने की जीत नहीं थी, बल्कि भारतीय महिला डबल्स के लिए 15 साल के लंबे इंतजार को खत्म करने वाला पल था.
चोट के बाद तृषा की दमदार वापसी
तृषा और गायत्री पहले भी बड़े मंच पर अपनी क्षमता दिखा चुकी हैं. यह जोड़ी 2022 और 2023 ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी है. दोनों ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था. पिछले साल की शुरुआत में दोनों जोड़ीदार वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-10 तक पहुंच गई थीं. लेकिन इस साल की शुरुआत में तृषा को बड़ा झटका लगा. एशिया बैडमिंटन चैम्पियनशिप और उबर कप से पहले ट्रेनिंग के दौरान उनके टखने में चोट लग गई. इसके बाद उन्हें लंबे और मुश्किल रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा.
वापसी के बाद दोनों ने इंडोनेशिया ओपन खेला, फिर यूएस ओपन में हिस्सा लिया. इसके बाद इस महीने की शुरुआत में उन्होंने फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज में अपनी लय वापस हासिल करने के संकेत दिए. अब वर्ल्ड चैम्पियनशिप में चीन की मजबूत जोड़ी को हराकर तृषा और गायत्री ने बता दिया है कि उनकी वापसी पूरी हो चुकी है.
भारत के लिए महिला डबल्स में 15 साल बाद वर्ल्ड चैम्पियनशिप मेडल पक्का है. अब नजर सेमीफाइनल पर होगी और सवाल यही रहेगा कि क्या यह जोड़ी ब्रॉन्ज से आगे बढ़कर गोल्ड या सिल्वर तक पहुंच सकती है.