तुकाराम मुंढे महाराष्ट्र कैडर के IAS अधिकारियों में शामिल हैं. उनका जन्म 3 जून 1975 को महाराष्ट्र के बीड जिले के ताडसोना गांव में हुआ था. उनका बचपन एक किसान परिवार में बीता. गांव के जिला परिषद स्कूल में पढ़ाई के साथ वे परिवार के खेत के काम में भी हाथ बंटाते थे.
मुंढे ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने 2004 में UPSC Civil Services Examination पास की. उन्हें ऑल इंडिया रैंक 20 मिली. 2005 बैच में उनका चयन IAS के लिए हुआ.
2014 में सोलापुर के जिला कलेक्टर के तौर पर उनकी पोस्टिंग हुई. इस दौरान उन्होंने जिले में पानी की समस्या पर काम किया. जलयुक्त शिवार कार्यक्रम के तहत कई गांवों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने और टैंकरों पर निर्भरता कम करने के प्रयास किए गए. इसी दौर में उन्हें महाराष्ट्र का "Water Man" कहा जाने लगा.
इसके बाद वे नवी मुंबई नगर निगम के कमिश्नर रहे. इस पद पर उन्होंने अवैध निर्माण, प्रॉपर्टी टैक्स और शहर की नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों में कार्रवाई की. वे सुबह के समय शहर के अलग-अलग इलाकों का निरीक्षण भी करते थे.
मुंढे के करियर में कई बार तबादले हुए हैं. उनके ट्रांसफर की संख्या अलग-अलग रिकॉर्ड और पोस्टिंग की गिनती के आधार पर अलग बताई जाती है.
मौजूदा समय में वे महाराष्ट्र के Food and Drug Administration से जुड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उनके कार्यकाल में कई होटल और क्लबों पर खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई हुई है.
12 अगस्त 2026 को FDA ने आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली इकाइयों की राज्यव्यापी जांच शुरू की. 434 लाइसेंस प्राप्त यूनिट की जांच में 135 को कारण बताओ नोटिस दिए गए और 10 के लाइसेंस रद्द किए गए.
इंस्टाग्राम पर इनके 2.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं
बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र FDA के कैडिला फार्मास्यूटिकल्स के खिलाफ जारी स्टॉप-सेल आदेश पर कड़ी टिप्पणी करते हुए उसे वापस लेने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि कानून में उचित प्रक्रिया और अनुपात का पालन जरूरी है, न कि बिना जांच के कार्रवाई.
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे पिछले कुछ समय से सुर्खियों में बने हुए हैं, हाल ही में उन्होंने एक पॉडकास्ट में सिंथेटिक दूध को लेकर बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में शैंपू, केमिकल और अन्य पदार्थों से नकली दूध तैयार किया जा रहा है. जानिए पूरा मामला और मिलावट रोकने का असरदार तरीका.
किसान परिवार से आने वाले मुंढे ने UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने के बाद 21 वर्षों में 25 बार तबादला झेला है. उनके समर्थक उन्हें 'सिंघम IAS' कहते हैं, जो भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हैं. उनकी कार्रवाई से राज्य में खाद्य सुरक्षा पर नई बहस छिड़ गई है.
बच्चों की सेहत से अब कोई खिलवाड़ नहीं! महाराष्ट्र में स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड और चॉकलेट-आइसक्रीम की बिक्री पर पूरी तरह रोक. नियम तोड़ने पर रद्द होगा लाइसेंस, जानिए दुकानदारों और स्कूलों के लिए क्या हैं नए नियम.
महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे का उनके 21 साल के प्रशासनिक करियर में 24वीं बार तबादला कर दिया है. मुंढे को मंत्रालय के दिव्यांग कल्याण विभाग से हटाकर अब राजस्व एवं वन विभाग में आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव के पद पर तैनात किया गया है.