TMC के नाम और उसके चुनाव चिन्ह 'फूल और घास' को लेकर चल रहा कानूनी विवाद जारी है. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वो इस मामले में चार महीने के भीतर अपना आखिरी फैसला सुनाए.
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की स्पेशल बेंच ने इस मामले की सुनवाई की. अदालत ने सभी आयोग को निर्देश दिया है कि वो चार सप्ताह के भीतर अपनी सभी लिखित दलीलें और जरूरी दस्तावेज पूरी कर लें.
कोर्ट ने कहा कि जैसे ही दलीलें दाखिल करने की ये समय-सीमा खत्म होगी, उसके ठीक बाद चुनाव आयोग को 'चुनाव चिह्न (आरक्षण और आबंटन) आदेश' के पैरा 15 के तहत इस पूरे विवाद पर तीन महीने के भीतर अपना आखिरी फैसला देना होगा.
चुनाव आयोग ने मांगी थी छह महीने की मोहलत
सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से अदालत को बताया गया कि ये मामला बेहद जटिल प्रकृति का है, इसलिए इस पर सही फैसला लेने के लिए आयोग को कम से कम छह महीने का समय चाहिए. आयोग की तरफ से ये भी हवाला दिया गया कि आने वाले दिनों में देश के पांच अलग-अलग राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, जिसके चलते बहुत ज्यादा काम है.
इसके अलावा, राज्य में दो महीने बाद स्थानीय निकाय के चुनाव भी होने हैं, जबकि अगले महीने के पहले ही हफ्ते में रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी होने हैं.
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हालांकि, बेंच में शामिल जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने आयोग की इस दलील को खारिज कर दिया. बेंच ने कहा कि इस मामले के निपटारे के लिए तीन महीने का समय काफी है. सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद अब निर्वाचन आयोग को तय समय-सीमा के भीतर ही इस मामले को सुलझाना होगा.