तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने परिसीमन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर तीन बड़ी मांगें रखी हैं. विजय ने कहा है कि लोकसभा में राज्यों के मौजूदा प्रतिनिधित्व को बनाए रखा जाना चाहिए और इसके लिए संविधान में जरूरी संशोधन किए जाने चाहिए. यह मांग ऐसे समय आई है जब दक्षिणी राज्यों में परिसीमन के बाद उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर चिंता जताई जा रही है.
सीएम विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को पारित उस प्रस्ताव का भी हवाला दिया, जिसमें लोकसभा सीटों के मौजूदा बंटवारे को बरकरार रखने की मांग की गई है. विधानसभा ने कहा था कि आबादी को आधार बनाकर होने वाला कोई भी ऐसा परिसीमन, जिससे दक्षिणी राज्यों की मौजूदा हिस्सेदारी प्रभावित होती है, उनके साथ अन्याय होगा. इन राज्यों ने लंबे समय से जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक विकास के लिए काम किया है.
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1. लोकसभा की कुल सीटें 543 पर स्थायी रूप से तय हों
मुख्यमंत्री विजय ने मांग की है कि संविधान में संशोधन कर लोकसभा की कुल सदस्य संख्या को स्थायी रूप से 543 पर ही तय किया जाए. उनका कहना है कि सीटों की संख्या बढ़ाने या आबादी के आधार पर नए सिरे से बड़ा बदलाव करने से मौजूदा राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है.
2. राज्यों को मिली मौजूदा सीटें बरकरार रहें
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में हर राज्य को वर्तमान में जितनी सीटें मिली हुई हैं, उनका बंटवारा आगे भी वैसा ही रहना चाहिए. यानी परिसीमन के दौरान तमिलनाडु समेत दक्षिणी राज्यों की मौजूदा हिस्सेदारी कम नहीं होनी चाहिए. केंद्र सरकार का कहना है कि प्रस्तावित व्यवस्था में दक्षिणी राज्यों की सीटें घटने के बजाय बढ़ेंगी. उदाहरण के तौर पर तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होने का अनुमान दिया गया है.
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3. महिलाओं को 33% आरक्षण लागू किया जाए
तमिलनाडु के सीएम विजय ने आगामी लोकसभा चुनाव और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की भी मांग की है. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को मौजूदा सीट व्यवस्था के साथ लागू किया जाना चाहिए.