परिसीमन (Delimitation) एक प्रक्रिया है जिसके तहत किसी देश या राज्य में चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं को पुनः निर्धारित किया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य जनसंख्या में बदलाव को ध्यान में रखते हुए चुनावी क्षेत्रों को न्यायसंगत रूप से विभाजित करना है ताकि सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व समान रूप से हो सके.
परिसीमन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली को निष्पक्ष और प्रभावी बनाने में मदद करती है. इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक नागरिक का वोट समान मूल्य रखे और किसी भी क्षेत्र को अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक या कम प्रतिनिधित्व न मिले.
भारत में परिसीमन का कार्य परिसीमन आयोग (Delimitation Commission) द्वारा किया जाता है, जो एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय होता है। यह आयोग संविधान के अनुच्छेद 82 और 170 के तहत गठित किया जाता है और इसकी सिफारिशें अंतिम और बाध्यकारी होती हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर को विशेषाधिकार हनन का नोटिस सौंपा है. कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री के भाषण में सांसदों के लोकसभा में मतदान व्यवहार और उनकी नीयत पर सवाल उठाया गया. कांग्रेस का आरोप है कि यह सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन और अवमानना का मामला है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग के ऐन पहले डीएमके ने अपने प्रचार अभियान में फिर से बदलाव किया है. अब तमिल अस्मिता और द्रविड़ गौरव के साथ ही डीएमके नेता एमके स्टालिन को विजेता और तमिलनाडु के लोगों के रखवाले के रूप में पेश किया जा रहा है.
पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में विपक्ष पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी दल परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे हैं. ये इस बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं. पीएम ने कहा कि कांग्रेस ‘बांटों और राज करो’ की पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में सीखकर आई है. देखें वीडियो.
लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का बिल, एक्सप्रेस स्पीड से मुद्दा बन गया. शुक्रवार शाम लोकसभा में यह विधेयक मतदान की कसौटी पार करने में चूक गया, लेकिन उतनी तत्परता से सत्ता पक्ष के बैनर-पोस्टर पर चढ़ गया. गृह मंत्री अमित शाह अपने भाषण में इसका इशारा पहले ही कर चुके थे. सोशल मीडिया कैंपेन शुरू हो गया है.
महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है. प्रियंका गांधी ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए 2023 में पारित कानून को लागू करने की मांग की है. उन्होंने नए प्रस्ताव को परिसीमन से जुड़ा बताते हुए इसे राजनीतिक रणनीति करार दिया. वहीं बीजेपी विपक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप लगा रही है, जिससे संसद से सड़क तक बहस और प्रदर्शन का माहौल बन गया है
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण पर बीजेपी के हमलों का जवाब देते हुए कहा है कि विपक्ष ने परिसीमन बिल को गिराया जो लोकतंत्र के खिलाफ है साथ उन्होनें सरकार से पुराने कानून को लागू करने की बात कही. प्रियंका ने कहा कि विक्ष ने लोकतंत्र बचाया है और सरकार का षडयंत्र एकदम अलग था.
विपक्ष ने संसद में महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संशोधन बिल को खारिज कर दिया. NDA दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा सका, जिससे मोदी सरकार को 12 साल में पहली विधायी हार मिली.
महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिर गया. मोदी सरकार बिल को लोकसभा में पास नहीं करा पाई. लोकसभा में कुल 528 सांसदों ने वोट डाले. इसके पक्ष में 298, जबकि विपक्ष में 230 वोट पड़े. बिल को पास कराने मोदी सरकार जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सकी. देखें वीडिय.
Parliament Session Live Updates: लोकसभा में संविधान संशोधन बिल वोटिंग में गिर गया है. इस बिल पर चर्चा का गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया. गृह मंत्री के जवाब के बाद कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने यह बिल विचार और पारित करने के लिए पेश कर दिया. यह बिल पारित कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में जवाब दिया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि इंडी अलायंस के सभी सदस्यों ने अगर, मगर, किंतु, परंतु का उपयोग कर साफ तौर पर महिला आरक्षण का विरोध किया. शाह ने कहा कि ये विरोध केवल महिला आरक्षण का है, उसके इम्पलीमेंटेशन का नहीं. देखें वीडियो.
वोट की ताकत में असमानता का मुख्य कारण जनसंख्या का असंतुलन है जिससे लोकतंत्र का मूल सिद्धांत कमजोर होता है. उदाहरण के लिए, यदि किसी राज्य में एक सांसद कम लोगों का प्रतिनिधित्व करता है तो वहाँ के वोट ज्यादा प्रभावी होते हैं, जबकि जहाँ एक सांसद बहुत अधिक लोगों का प्रतिनिधित्व करता है. वहाँ वोट की कीमत कम हो जाती है. इसलिए सरकार परिसीमन प्रक्रिया के माध्यम से इस असंतुलन को दूर करने का प्रयास कर रही है .
महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक और परिसीमन प्रस्तावों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं. सत्ता पक्ष संशोधनों को जरूरी सुधार बता रहा है, जबकि विपक्ष चुनावी लाभ लेने की कोशिश बता रहा है - और यही टकराव का कारण बन गया है.
लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में सरकार ने सीटों की संख्या बढ़ाने का बड़ा प्रस्ताव रखा है. 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ महिलाओं की भागीदारी तो बढ़ेगी ही, साथ ही कुल सीटें बढ़ने से पुरुष सांसदों की संख्या भी कम नहीं होगी. 2029 चुनाव से पहले लागू होने वाली यह व्यवस्था संसद के प्रतिनिधित्व को नया स्वरूप दे सकती है
लोकसभा में परिसीमन से जुड़े बिलों को पास करवाने की राह देख रही मोदी सरकार के सामने लोकसभा का नंबर गेम साथ देता नहीं दिख रहा है. इन बिलों को पास कराने के लिए जरूरी नंबर गेम से सरकार काफी पीछे है. अगर ये तीनों बिल लोकसभा में गिरते हैं तो मोदी 3.O के लिए पहला बड़ा सियासी झटका होगा.
महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर लोकसभा में जोरदार बहस छिड़ गई है. विपक्ष इसे बैकडोर रणनीति बता रहा है, जबकि सरकार का दावा है कि इससे प्रतिनिधित्व और संतुलन बढ़ेगा. अमित शाह ने सीट बढ़ोतरी के आंकड़ों का तर्क देते हुए भ्रम दूर करने की कोशिश की. इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होता नजर आ रहा है
संसद के विशेष सत्र का आज दूसरा दिन है. इससे पहले गुरुवार का दिन हंगामेदार रहा. विपक्ष ने परिसीमन बिल का पुरजोर विरोध किया है. दूसरे दिन लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के सासंद कल्याण बनर्जी ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि आप शक्ति की बात करते हैं तो पहले उनकी पूजा तो करिए. अगर आपको महिला सशक्तिकरण की चिंता है तो 2027 में यूपी चुनाव में 50% महिला उम्मीदवार उतार दीजिए.
महिला आरक्षण कानून पर बहस के बीच सरकार ने अचानक अधिसूचना जारी कर दी. ‘रूल 66’ के तहत जुड़े बिलों के बीच यह कदम रणनीतिक माना जा रहा है. जानिए कैसे यह फैसला मूल कानून को सुरक्षित रखने और राजनीतिक गणित साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
Special Parliament Session Live Updates: संसद का विशेष सत्र आज से शुरू हो गया. बिल पेश होते ही सदन में हंगामा मच गया. कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, सपा से अखिलेश यादव डीएमके से टीआर बालू ने सदन में पेश हो रहे परिसीमन बिल का विरोध किया. दोपहर बाद पीएम मोदी ने इस बिल के पक्ष में अपनी बात रखी और भरोसा दिलाया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा.
कानून मंत्रालय के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रावधान 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे. हालांकि, इसमें यह साफ नहीं किया गया है कि संसद में इस मुद्दे पर बहस के बीच इसे 16 अप्रैल से लागू करने की अधिसूचना क्यों जारी की गई.
संसद में गुरुवार को 33 फीसदी महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने वाले तीन बिलों को पेश करके चर्चा हुई. इस बीच प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने मिलकर पहले ही दिन विपक्ष की तरफ से सवालों के जवाब दिए. लेकिन विपक्ष में परिसीमन में को लेकर कई आपत्तियां हैं. पंजाब में भी इसे लेकर ऐतराज है. देखिए पंजाब आजतक.
स्टालिन की डीएमके ने इस मुद्दे को 'नॉर्थ बनाम साउथ' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि परिसीमन पर केंद्र सरकार का फैसला क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है.