परिसीमन (Delimitation) एक प्रक्रिया है जिसके तहत किसी देश या राज्य में चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं को पुनः निर्धारित किया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य जनसंख्या में बदलाव को ध्यान में रखते हुए चुनावी क्षेत्रों को न्यायसंगत रूप से विभाजित करना है ताकि सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व समान रूप से हो सके.
परिसीमन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली को निष्पक्ष और प्रभावी बनाने में मदद करती है. इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक नागरिक का वोट समान मूल्य रखे और किसी भी क्षेत्र को अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक या कम प्रतिनिधित्व न मिले.
भारत में परिसीमन का कार्य परिसीमन आयोग (Delimitation Commission) द्वारा किया जाता है, जो एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय होता है। यह आयोग संविधान के अनुच्छेद 82 और 170 के तहत गठित किया जाता है और इसकी सिफारिशें अंतिम और बाध्यकारी होती हैं.
तमिलनाडु में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में डीलिमिटेशन, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, NEET परीक्षा में छूट, कावेरी जल विवाद और वित्तीय स्वायत्तता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई.
चेन्नई में लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर विपक्षी दलों और बीजेपी के बीच तीखी बहस हुई. बीजेपी का कहना है कि इस प्रक्रिया से दक्षिण के राज्यों को कोई नुकसान या सजा नहीं मिलेगी, बल्कि उनकी सीटों की संख्या में भी अच्छी बढ़ोतरी होगी
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने परिसीमन बिल पर केंद्र सरकार की रणनीति पूरी तरह विफल होने का दावा किया है. उन्होंने बताया कि बजट सत्र में पेश हुआ यह बिल संसद में दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण 17 अप्रैल को पास नहीं हो सका और विपक्षी एकता ने सरकार को बड़ा झटका दिया.
सीएम विजय ने तमिलनाडु विधानसभा से पारित प्रस्ताव का हवाला देते हुए कहा कि जनगणना के बाद सीटों का नया बंटवारा दक्षिणी राज्यों के लिए नुकसानदेह हो सकता है. इसलिए जरूरी संवैधानिक संशोधन कर अगले लोकसभा और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में महिला आरक्षण भी लागू किया जाए.
संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हो जाएगा, यह संत्र हंगामे और नारेबाजी के बीच गुजर गया. हालांकि, सरकार इस हंगामे में भी 19 बिल पास करा ले गई, लेकिन परिसीमन बिल और एफसीआरए के बिल पर सस्पेंस बना हुआ है.
तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय ने परिसीमन के खिलाफ प्रस्ताव पेश कर केंद्र से मौजूदा 543 लोकसभा सीटें और राज्यों के बीच मौजूदा सीट अनुपात बनाए रखने की मांग की. उन्होंने 1971 के बाद की जनगणना के आधार पर परिसीमन होने पर दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को स्थायी नुकसान की आशंका जताई.
संसद में FCRA संशोधन बिल और परिसीमन विधेयक की सियासत एक-दूसरे से उलझती दिख रही है. कई विपक्षी दल परिसीमन पर सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन FCRA बिल के मौजूदा स्वरूप का विरोध कर रहे हैं. ऐसे में सरकार के लिए दोनों विधेयकों पर समर्थन जुटाना आसान नहीं होगा और राजनीतिक समीकरण नई चुनौती खड़ी कर सकते हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रांची में चल रहे छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि सबसे पहले राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया था और अब छात्र अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं.
देश की संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों को पास कराने के लिए राजनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं. शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर समर्थन मांगा है. सरकार का लक्ष्य 2029 तक महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करना और लोकसभा सीटों के परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है.
उदयनिधि स्टालिन ने आजतक से बातचीत में परिसीमन के मुद्दे पर डीएमके का रुख साफ किया. उन्होंने कहा कि पार्टी शुरू से ही परिसीमन का विरोध करती रही है और आगे भी अपना विरोध जारी रखेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पुराने मुद्दे को ऐसे पेश कर रही है, जैसे यह पहली बार सामने आया हो.
Gen Z के नेतृत्व वाले विरोध-प्रदर्शन के कारण धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ ही हफ्तों बाद, नरेंद्र मोदी सरकार FCRA और परिसीमन बिलों पर समर्थन के लिए विपक्ष से संपर्क कर रही है. हाल में ही में किरन रिजिजु और राहुल गांधी की दस दिनों में दूसरी बार बैठक हुई. किरेन रिजिजू ने इस पर कहा कि राहुल हमारे दुश्मन नहीं बल्कि विरोधी है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से कहा कि परिसीमन बिल विपक्ष के लिए स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की.
लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के 33 फीसदी आरक्षण और लोकसभा की सीटें बढ़ाने वाले परिसीमन बिल को मोदी सरकार पास कराने की दिशा में फिर से कदम बढ़ाने जा रही है, लेकिन इस राह में कई सियासी अड़चने हैं. ऐसे में सरकार के सामने दो विकल्प है.
केंद्र सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयकों को पारित कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है. मौजूदा मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होना है, लेकिन इसके बाद सत्रावसान (प्रोरोगेशन) नहीं किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जल्द ही संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सके.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रस्तावित परिसीमन को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे तमिलनाडु की राजनीतिक ताकत और संसद में उसका प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है.
संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे सप्ताह में सरकार दो अहम विधेयक पास कराने में कामयाब हो गई है, लेकिन लोगों की निगाहें परिसीमन बिल और महिला आरक्षण बिल पर टिका हुआ है. इन दोनों बिल को पास कराने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत चाहिए.
बिहार की सम्राट सरकार ने ग्राम पंचायत के पुनर्गठन के लिए परिसीमन कराने का ऐलान कर दिया है. राज्य निर्वाचन आयोग के बाद पंचायती राज विभाग ने परिसीमन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके बाद बिहार के ग्राम पंचायत के नक्शे पूरी तरह से बदल जाएंगे.
मॉनसून सत्र के पहले दिन संसद में जोरदार हंगामे के बीच अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने मुलाकात की है. बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने चढ़ावा चोरी मामले पर विपक्ष की साझा रणनीति, सरकार को घेरने की तैयारी विस्तार से चर्चा की.
मोदी सरकार संसद के मॉनसून सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल को पास कराने की कवायद करती नजर आ सकती है. अप्रैल में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा न जुटा पाने के चलते ये पास नहीं हो सका था. तीन महीने में विपक्ष का समीकरण बिगड़ा है, जिसके दम पर सरकार अपने कदम बढ़ा सकती है.
परिसीमन और FCRA संशोधन बिल को लेकर TMC ने सरकार पर सवाल उठाए हैं. डेरेक ओ ब्रायन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दोनों मुद्दों पर सर्वदलीय बैठक बुलाने और प्रस्तावित कानूनों पर पहले सभी दलों से चर्चा करने की मांग की है.
सरकार मॉनसून सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल ला सकती है. इसके लिए बीजेपी पूरी तैयारी में जुटी हुई है. अगर सरकार को डीएमके का समर्थन मिलता है, तो उसके लिए जरूरी संख्या जुटाना काफी आसान हो जाएगा.