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15 अगस्त पर वंदे मातरम् गाते वक्त न करें ये गलती, जानें नियम

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्कूल, कॉलेज, दफ्तर और सरकारी संस्थानों में वंदे मातरम् का आयोजन किया जाता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर राष्ट्रगीत का आधिकारिक संस्करण क्या दिया गया है और इसे लेकर क्या नियम हैं.

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सार्वजनिक कार्यक्रमों में आम तौर पर इसके पहले दो अंतरे ही गाए जाते रहे हैं. ( Photo-AI)
सार्वजनिक कार्यक्रमों में आम तौर पर इसके पहले दो अंतरे ही गाए जाते रहे हैं. ( Photo-AI)

कल यानी 15 अगस्त 2026 को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा. स्कूल, कॉलेज, सरकारी ऑफिस, निजी संस्थान और अलग-अलग जगहों पर तिरंगा फहराया जाएगा और देशभक्ति के गीतों के साथ ‘वंदे मातरम्' भी गूंजेगा. ऐसे में जानते हैं कि इस राष्ट्रीय गीत को लेकर क्या नियम है ? इसे कितनी पंक्तियां गाना चाहिए? क्या इसे गाते समय खड़ा होना जरूरी है? और अगर कोई इसे नहीं गाता है तो क्या उसके खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है? चलिए, 15 अगस्त से पहले इन सभी सवालों को आसान भाषा में समझ लेते हैं, ताकि कल जब आपके स्कूल, कॉलेज या ऑफिस में वंदे मातरम् गाया जाए तो आपको किसी तरह की परेशानी न हो. 

वंदे मातरम् भारत का राष्ट्रीय गीत है, जबकि ‘जन गण मन’ भारत का राष्ट्रगान है. वंदे मातरम् की रचना प्रसिद्ध लेखक और कवि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी. यह गीत बाद में उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ का हिस्सा बना और आजादी की लड़ाई के दौरान लोगों के बीच देशभक्ति और स्वतंत्रता की भावना जगाने वाला महत्वपूर्ण गीत बन गया. 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने घोषणा की थी कि ‘वंदे मातरम्’, जिसने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई, उसे ‘जन गण मन’ के बराबर सम्मान और दर्जा दिया जाएगा. गृह मंत्रालय भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान से जुड़े आदेश उपलब्ध कराता है.

वंदे मातरम् में कितनी पंक्तियां हैं?
वंदे मातरम् में छह अंतरे हैं. लंबे समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों में आम तौर पर इसके पहले दो अंतरे ही गाए जाते रहे हैं. 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति ने राष्ट्रीय सभाओं में पहले दो अंतरों को गाने की सिफारिश की थी. पहले दो अंतरों में भारत की धरती, उसकी हरियाली, नदियों, खेतों, प्रकृति और मातृभूमि की सुंदरता का वर्णन है. यही दो अंतरे लंबे समय तक राष्ट्रीय गीत के रूप में सार्वजनिक आयोजनों में प्रचलित रहे. लेकिन 2026 में गृह मंत्रालय ने वंदे मातरम् को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया. इसमें आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के पूरे छह अंतरों के इस्तेमाल और उसके बाद राष्ट्रगान बजाए जाने की व्यवस्था बताई गई. पूरे संस्करण की अवधि करीब 3 मिनट 10 सेकंड बताई गई है.

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अगर कल वंदे मातरम् गाया जाए तो क्या करना है?
अगर आपके स्कूल, कॉलेज या ऑफिस में वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत गाया जा रहा है तो सबसे जरूरी बात है कि सम्मानजनक व्यवहार रखें और कार्यक्रम के निर्देशों का पालन करें. नए प्रोटोकॉल के अनुसार, जब किसी आधिकारिक कार्यक्रम में वंदे मातरम् और राष्ट्रगान दोनों शामिल हों तो वंदे मातरम् पहले और उसके बाद राष्ट्रगान का क्रम रखा गया है. कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए सम्मानपूर्वक खड़े रहने का प्रोटोकॉल भी बताया गया है. इसलिए अगर 15 अगस्त के कार्यक्रम में वंदे मातरम् शुरू होता है तो मोबाइल चलाने, बातचीत करने, हंसी-मजाक करने या इधर-उधर घूमने से बचें. गीत को सम्मान दें और कार्यक्रम की व्यवस्था के अनुसार खड़े रहें.

क्या वंदे मातरम् नहीं गाने पर जेल हो सकती है?
मौजूदा स्थिति में वंदे मातरम् न गाने पर कोई निर्धारित आपराधिक सजा नहीं है. जनवरी 2026 में गृह मंत्रालय की ओर से जारी प्रोटोकॉल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल हुई थी. 25 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए साफ किया कि गृह मंत्रालय का सर्कुलर सलाहकारी प्रकृति का है और इसमें वंदे मातरम् न गाने पर कोई दंडात्मक प्रावधान नहीं है. कोर्ट ने याचिका को समय से पहले दायर माना और कहा कि सर्कुलर अपने आप में ऐसा कानूनी दायित्व नहीं बनाता जिसके उल्लंघन पर सजा हो.

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फिर सही वंदे मातरम् कौन सा है?
अगर आपको कल पहले दो अंतरे ही गाने के लिए दिए जाते हैं तो यही वह संस्करण है जो लंबे समय से सार्वजनिक आयोजनों में प्रचलित रहा है. इसकी शुरुआत होती है:

वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्।

सुजलाम् सुफलाम् मलयजशीतलाम्,
शस्यश्यामलाम् मातरम्।
वन्दे मातरम्।।

शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्,
सुहासिनीम् सुमधुरभाषिणीम्,
सुखदाम् वरदाम् मातरम्।
वन्दे मातरम्।।

कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले,
कोटि-कोटि भुजैर्धृत खरकरवाले,
के बोले माँ तुमि अबले,
बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीम्,
रिपुदलवारिणीं मातरम्।
वन्दे मातरम्।।

तुमि विद्या तुमि धर्म, तुमि हृदि तुमि मर्म,
त्वम् हि प्राणाः शरीरे, बाहुते तुमि माँ शक्ति,
हृदये तुमि माँ भक्ति, तोमारई प्रतिमा गढ़ि मन्दिरे-मन्दिरे।
वन्दे मातरम्।।

त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी,
कमला कमलदलविहारिणी,
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्,
नमामि कमलाम् अमलाम् अतुलाम्,
सुजलाम् सुफलाम् मातरम्।
वन्दे मातरम्।।

श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम् भूषिताम्,
धरणीं भरणीं मातरम्।
वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्।।

ध्यान रखें कि वंदे मातरम् का उच्चारण करते समय शब्दों को अपनी तरफ से बदलना या इंटरनेट पर चल रहे किसी अधूरे या गलत संस्करण को सही मान लेना ठीक नहीं है. गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर राष्ट्रगीत के उच्चारण और उससे जुड़े आधिकारिक निर्देश भी उपलब्ध हैं.

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ऑफिस या स्कूल में क्या ध्यान रखें?
15 अगस्त पर अगर आपके ऑफिस या स्कूल में वंदे मातरम् गाया जाता है तो इन बातों का ध्यान रख सकते हैं. सबसे पहले कार्यक्रम शुरू होने से पहले अपने संस्थान के निर्देश सुन लें. अगर खड़े होने के लिए कहा जाता है तो सम्मानपूर्वक खड़े रहें. गीत के दौरान बातचीत या मजाक न करें. मोबाइल फोन को साइलेंट कर दें. अगर आपको पूरे गीत के शब्द नहीं आते तो केवल इस डर से घबराने की जरूरत नहीं है कि कोई कानूनी कार्रवाई हो जाएगी. सबसे अहम बात यह है कि देश के राष्ट्रीय प्रतीकों और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े प्रतीकों का सम्मान किया जाए.

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