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TMC का चुनाव चिह्न ममता के पास रहेगा या छिन जाएगा? आज चुनाव आयोग पहुंचेगा ऋतब्रत गुट

तृणमूल कांग्रेस में मचे सियासी घमासान के बीच ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की. यह बैठक पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न 'जोड़ा घासफूल' पर दावे को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है.

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ऋतब्रत बनर्जी गुट आज ईसी से मुलाकात करेगा. (Photo- X)
ऋतब्रत बनर्जी गुट आज ईसी से मुलाकात करेगा. (Photo- X)

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी सियासी संघर्ष अब चुनाव आयोग की चौखट तक पहुंच गया है. पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न 'जोड़ा घासफूल' को लेकर चल रहे विवाद के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की.

मीटिंग से पहले ऋतब्रत बनर्जी ने कहा है कि उनका प्रतिनिधिमंडल आयोग के सामने अपना पक्ष रखेगा और यह बताएगा कि असली तृणमूल कांग्रेस उनका गुट है. उन्होंने बताया कि 22 जून को विधानसभा के विशेष सत्र के बाद आयोग को पूरी घटना की जानकारी और सभी जरूरी दस्तावेज भेज दिए गए थे. अब आयोग ने उनकी बात सुनने के लिए समय दिया है.

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यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पार्टी के भीतर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी गुट के बीच संगठन और राजनीतिक पहचान को लेकर संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है. दोनों गुट खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बता रहे हैं और पार्टी के चुनाव चिह्न पर अपना अधिकार जता रहे हैं.

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58 विधायकों के साथ टीएमसी के बागी हैं ऋतब्रत बनर्जी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद TMC में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया. दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 80 में से कमोबेश 58 विधायकों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व से दूरी बना ली और ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन में आ गए. इसके बाद बागी गुट ने उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चुना और 30 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यसमिति का भी ऐलान किया.

तब से दोनों गुट पार्टी संगठन, विधायी दल और चुनावी पहचान पर अपना-अपना दावा पेश कर रहे हैं. इसी विवाद के चलते चुनाव आयोग की भूमिका अब बेहद अहम हो गई है. माना जा रहा है कि आयोग दोनों पक्षों के दस्तावेज और दलीलें सुनने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगा.

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ऋतब्रत बनर्जी का टीएमसी के चुनाव चिन्ह पर दावा

इस सप्ताह की शुरुआत में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा था कि उनके गुट को चुनाव चिह्न पर अलग से दावा करने की जरूरत ही नहीं है, क्योंकि असली तृणमूल कांग्रेस वही हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में पार्टी के ज्यादातर निर्वाचित जनप्रतिनिधि उनके साथ हैं.

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अब सभी की नजर चुनाव आयोग की इस बैठक पर टिकी है. अगर विवाद गहराता है तो आयोग को यह तय करना पड़ सकता है कि तृणमूल कांग्रेस का आधिकारिक चुनाव चिह्न 'जोड़ा घासफूल' किस गुट के पास रहेगा. ऐसे में आज की बैठक पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है.

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