आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा पर खुलकर प्रहार करना शुरू कर दिया है. पार्टी नेता संजय सिंह सौरभ भारद्वाज और राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनुराग ढांडा ने सांसद राघव चड्ढा पर सीधा हमला करते हुए उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं.
AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, 'बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है जब देश के तमाम मुद्दों पर संसद में प्रस्ताव आता है आप साइन नहीं करते. मोदी के खिलाफ आप आवाज नहीं निकालते हो…तमाम जो मुद्दे जनहित से जुडे हैं, पार्टी के कार्यकर्ताओं को गुजरात में पीटा जाता है आप उस पर नहीं बोलते…जब विपक्ष मुद्दों पर सदन से वॉकआउट करता है तो आप वॉकआउट नहीं करते. ये सारी तमाम चीजें हैं जिसका जवाब देश आपसे चाहता है, देश के लोग आपसे चाहते हैं.'
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने भी चड्ढा पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या उन्होंने गुजरात में गिरफ्तार किए गए पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में संसद में आवाज उठाई? उन्होंने यह भी सवाल किया कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर कथित हमलों के मुद्दे पर चड्ढा ने कोई ठोस पहल क्यों नहीं की.
सौरभ भारद्वाज ने कहा, कि संसद में सीमित समय का उपयोग गंभीर मुद्दों को उठाने के लिए होना चाहिए, लेकिन राघव चड्ढा उस भूमिका में सक्रिय नहीं दिख रहे. यह भी आरोप लगाया गया कि जब पार्टी सांसद वॉकआउट करते हैं, तब भी चड्ढा सदन में मौजूद रहते हैं.
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वहीं अनुराग ढांडा ने चड्ढा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरने और पार्टी के संघर्षों से किनारा करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. अनुराग ढांडा ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर राघव चड्ढा की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं.
उन्होंने कहा, "राघव, तुम पिछले कुछ सालों से डर गए हो. मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो. जो डर गया वो. देश के लिए क्या लड़ेगा?" ढांडा ने तंज कसते हुए कहा कि संसद में पार्टी को बोलने के लिए जो सीमित समय मिलता है, उसका उपयोग देश बचाने के लिए होना चाहिए, न कि "एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने" जैसे मुद्दों के लिए.
अनुराग ढांडा ने कहा, 'हम केजरीवाल के सिपाही हैं. निडरता पहली पहचान है हमारी. कोई मोदी से डर जाए तो लड़ेगा क्या देश के लिए. संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का. गुजरात में हमारे सैंकड़ों कार्यकर्ता बीजेपी की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए, क्या सांसद साहब सदन में कुछ बोले?'
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ढांडा ने आगे कहा, 'पश्चिम बंगाल में वोट का अधिकार छीना जा रहा है. सदन में प्रस्ताव आया CEC के खिलाफ तो भाई साहब ने साइन करने से मना कर दिया. पार्टी ने सदन से वाकआउट किया तो मोदी जी की हाज़िरी लगाने के लिए बैठे रहते हैं. पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव. मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो. देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो.जो डर गया वो…'
भगवंत मान ने लगाया कॉम्प्रोमाइज्ड होने का आरोप
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत ने राघव चड्ढा को लेकर कहा कि पार्टी का संसदीय बोर्ड का नेता बदलता रहता है. उन्होंने कहा, 'मैं भी जब संसद में था तब भी कुछ बदलाव किए गए थे. ये बदलाव होते रहते हैं. कई मुद्दे ऐसे होते हैं संसद में जब संसद में वॉकआउट करना होता है लेकिन जब कोई सांसद नहीं करता है तो ये व्हिप का उल्लंघन होता है. इसलिए उसके बाद कार्रवाई की जाती है. सही वोटों को काटे जाने का मुद्दा हो या गुजरात में हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, ऐसे मुद्दों को न उठाकर जब कैंटीन में समोसे का मुद्दा उठाया जाता है डिलीवरी कितने समय में होगी ये मुद्दा उठाया जाता है तो मुझे लगता है वो कॉम्प्रोमाइज्ड हैं.'
पार्टी के एक्शन पर राघव का रिएक्शन
इस विवाद की शुरूआत उस समय हुई जब आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र लिखकर सांसद राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उप-नेता के पद से हटाने का आग्रह किया. उनके स्थान पर पंजाब के सांसद अशोक मित्तल का नाम प्रस्तावित किया.पत्र में कहा गया है कि चड्ढा को सदन में बोलने के लिए ‘आप’ के निर्धारित कोटे से समय आवंटित नहीं किया जाना चाहिए. इसके बाद आज राघव चड्ढा ने भी एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना.