राघव चड्ढा (Raghav Chadha) एक राजनेता हैं. 24 अप्रैल 2026 को आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया और बीजेपी में शामिल हो गए. वे आप में रहते हुए दिल्ली जल बोर्ड (Vice Chairman of Delhi Jal Board) के उपाध्यक्ष और दिल्ली में राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे (MLA from Rajendra Nagar Constituency). वह शांति और सद्भाव की समिति के अध्यक्ष भी थे, जिसने 18 नवंबर 2021 को चर्चा के लिए फेसबुक इंडिया के प्रतिनिधि को बुलाया था.
इनका जन्म 11 नवंबर 1988 को नई दिल्ली (New Delhi) में हुआ था (Raghav Chadha Age). इनके पिता का नाम सुनील चड्ढा है (Raghav Chadha Father). अपनी स्कूली शिक्षा राजधानी शहर के मॉडर्न स्कूल से प्राप्त की और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से स्नातक की उपाधि हासिल की. इसके बाद उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंट्स ऑफ इंडिया से चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई की, जिसके बाद वे EMBA के सर्टिफिकेशन कोर्स के लिए 'लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स' गए. अपने शुरुआती करियर में उन्होंने डेलॉइट और ग्रांट थॉर्नटन सहित अकाउंटेंसी फर्मों के साथ काम किया (Raghav Chadha Education).
चड्ढा को 2015 में AAP का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया था. अप्रैल 2018 में, तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने 9 अन्य सलाहकारों के साथ सिसोदिया के सलाहकार के रूप में उनकी नियुक्ति को समाप्त कर दिया. 2019 में, उन्होंने लोकसभा चुनाव में दक्षिण दिल्ली संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी से हार गए. फरवरी 2020 में, उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजेंद्र नगर से चुनाव लड़ा और भाजपा (BJP) के उम्मीदवार आरपी सिंह (RP Singh) के खिलाफ जीत हासिल की. चुनावों के बाद, उन्हें दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया और दिल्ली सरकार में जल विभाग सौंपा गया (Raghav Chadha Political Career).
राघव चड्ढा (Raghav Chadha) और फिल्म अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा का रिलेशनशिप 2023 को परवान चढ़ा और दोनों ने 13 मई 2023 को सगाई की और 24 सितंबर 2023 को शादी की (Raghav Chadha Wife).
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लगभग पांच महीने बाद राघव चड्ढा समेत समेत AAP के सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने पर बात की है. उनका कहना है कि अब किसी को भी राज्यसभा भेजने से पहले पार्टी 100 बार उसकी जांच-परख करेगी.
अरविंद केजरीवाल ने पहली बार राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले सात राज्यसभा सांसदों पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि अब किसी को राज्यसभा भेजने से पहले उसकी विश्वसनीयता की सौ बार जांच करेंगे. केजरीवाल ने इन सांसदों पर पार्टी से धोखा करने का आरोप लगाया और इसे आम आदमी पार्टी के लिए राजनीतिक सीख बताया. चड्ढा समेत सात सांसद अप्रैल 2026 में भाजपा में शामिल हुए थे.
राघव चड्ढा ने SIR के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि AAP उनके बारे में ही सोच रही है और उनका नाम ले रही है. चड्ढा ने पंजाब में कथित ड्रग्स की स्थिति को लेकर भी AAP सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि राज्य में चिट्टा की होम डिलीवरी तक हो रही है.
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कहा है कि राघव चड्ढा ने 26 अगस्त को राजिंदर नगर सीट के लिए फॉर्म 6 भरा था, जिसे सात दिन की नोटिस अवधि के बाद 2 सितंबर को मंजूर किया गया. आम आदमी पार्टी ने इसे पिछले दरवाजे से जोड़ा गया नाम बताते हुए राजनीतिक दबाव की आशंका जताई है.
दिल्ली की वोटर लिस्ट में बीजेपी सांसद राघव चड्ढा के नाम को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच विवाद छिड़ गया है. आप ने चुनाव आयोग से इस मामले में जवाब मांगा है. हालांकि राघव चड्ढा का कहना है रि उन्होंने सभी नियमों का पालन किया है. बीजेपी सांसद ने आप पर तंज कसते हुए कहा कि 'पार्टी ब्रेकअप के बाद एक्स पार्टनर की तरह बर्ताव कर रही है.'
पंजाब में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. राघव चड्ढा ने आरोप लगाया है कि पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया है या उसे 'शिफ्टेड' दिखाया गया है. उन्होंने इसके लिए पंजाब की भगवंत मान सरकार पर सीधा हमला बोला है और इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है. राघव चड्ढा का कहना है कि वे पंजाब से राज्यसभा के मौजूदा सांसद हैं और उनका वोटर आईडी पंजाब के मोहाली में पंजीकृत है, फिर भी उनका नाम वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट से गायब है.
SIR के तहत पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम हटाए जाने पर उन्होंने पंजाब सरकार पर राजनीतिक बदले का आरोप लगाया है. वहीं, पी. चिदंबरम ने X पर पोस्ट कर उनकी चुटकी ली. चड्ढा के नाम के आगे 'Permanently Shifted' दर्ज है और उन्हें ASDD सूची में शामिल किया गया है.
चुनाव आयोग के SIR अभियान के तहत पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम कट गया है. उनके नाम के आगे 'Permanently Shifted' लिखा गया है. अब राघव चड्ढा 12 सितंबर 2026 तक अपना नाम काटे जाने पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं और दोबारा नाम ऐड करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं.
पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम हटने पर सियासी विवाद बढ़ गया है. चड्ढा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया, जबकि AAP ने आरोप खारिज कर SIR को चुनाव आयोग की प्रक्रिया बताया. 12 सितंबर तक नाम जोड़ने के लिए दावा-आपत्ति दर्ज की जा सकती है.
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम भी एसआईआर में वोटर लिस्ट ड्राफ्ट से काट दिया गया है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर किन वजहों से नाम काट दिया जाता है.
दिल्ली जल बोर्ड घोटाला मामले में सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद AAP ने बागी नेता राघव चड्ढा को भी इस मामले में घसीटने की कोशिश की. लेकिन राघव ने बताया कि उनका कार्यकाल घोटाले से पहले ही खत्म हो चुका था और उनका इस घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा घोषित कार्यकारिणी के जरिए पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनावों से लेकर 2029 के लोकसभा चुनावों तक को साधने का दांव चला है. बीजेपी की नई टीम में अनुराग ठाकुर और राघव चड्डा को जगह नहीं मिली जबकि तेजस्वी सूर्य की पार्टी संगठन से छुट्टी हो गई है, जिसके बाद अब उनके नए रोल की चर्चा तेज हो गई है.
राघव चड्ढा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अचानक हुई मुलाकात ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. चड्ढा ने मुलाकात की तस्वीरें साझा कर इसे यादगार सुबह बताया. पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस बैठक को अहम माना जा रहा है. इससे एक दिन पहले मोदी ने सुखबीर सिंह बादल से भी मुलाकात की थी, जिससे राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात से सियासी गलियारे में खलबली मच गई है. राघव चड्ढा ने इसे एक यादगार सुबह बताया है. पंजाब चुनाव से पहले हुई इस मुलाकात के बाद अटकलों का बाज़ार गर्म हो गया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे गुट और आप से अलग हुए सांसदों के साथ बैठक की. प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. मैं आपके साथ हूं. पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि अगर विकास परियोजनाओं से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या आती है, तो वे सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संपर्क कर सकते हैं.
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने नीट पेपर लीक मामले पर अपनी चुप्पी का कारण सदन में भूमिका बदलना बताया. उन्होंने कहा कि अब उनका काम सवाल पूछना नहीं बल्कि समाधान देना है.
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल उन्हें कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है.
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सोमवार को आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद पहली बार पंजाब दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने लुधियाना मेंBJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में आयोजित एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में हिस्सा लिया है. इस बैठक में आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई है.
आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने समिति का पुनर्गठन करते हुए इस संबंध में अधिसूचना जारी की है.
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को बीजेपी में शामिल होने के बाद बड़ा तोहफा मिला है. उनको उच्च सदन की याचिका समिति का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने समिति का पुनर्गठन करते हुए 10 सदस्यों को इसमें नामित किया है.
दिल्ली हाई कोर्ट से बीजेपी नेता राघव चड्ढा को झटका लगा है. पर्सनैलिटी राइट्स केस में कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है. हाई कोर्ट का कहना है कि नेताओं को लेकर की जानी वाली आलोचना, व्यंग्य या टिप्पणी पर रोक नहीं लगाई जा सकती. ये लोकतंत्र का हिस्सा है.