AAP द्वारा राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने भावुक प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा उनकी खामोशी हार नहीं है. जनता के मुद्दे उठाने पर रोक लगाने के आरोपों के बीच उनका बयान राजनीति में नई चर्चा और अटकलों को जन्म दे रहा है.