प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं. बिश्केक हवाई अड्डे पर पहुंचने पर किर्गिज गणराज्य के कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन और राष्ट्रपति प्रशासन के प्रमुख ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया.
बिश्केक की अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री SCO सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. वे 1 सितंबर को शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे.
इससे पहले पीएम मोदी ने रविवार को ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के मेमोरियल पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उज़्बेक राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ मिलकर एक पेड़ भी लगाया.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि शास्त्री का 'जय जवान, जय किसान' का सदाबहार नारा पीढ़ियों को प्रेरित करता रहता है और उनका जीवन सादगी, साहस और देश के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक था.
भारत के दूसरे प्रधानमंत्री शास्त्री का 11 जनवरी 1966 को उज़्बेक राजधानी में अचानक निधन हो गया था. यह घटना 1965 के इंडो-पाकिस्तान युद्ध को समाप्त करने के लिए ऐतिहासिक ताशकंद डिक्लेरेशन पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही घंटों बाद हुई थी.
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया कि PM मोदी और शावकत मिर्जियोयेव ने भारत की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल और उज़्बेकिस्तान के 'यशिल माकोन' (Yashil Makon) हरित प्रयासों के तहत राष्ट्रपति भवन के बगीचे में संयुक्त रूप से एक पेड़ भी लगाया.
मंत्रालय ने कहा, यह कदम एक हरित और अधिक टिकाऊ भविष्य को संवारने के प्रति भारत और उज़्बेकिस्तान की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो देशों के दौरे पर हैं. शनिवार को वे उज्बेकिस्तान पहुंचे थे. आज योग फ़ेडरेशन द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी शामिल हुए.
पीएम मोदी का यह उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा है. शनिवार को ताशकंद पहुंचने पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया. इसके बाद रविवार को पीएम मोदी मोदी उज़्बेकिस्तान से किर्गिजस्तान के लिए रवाना हुए थे.