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नेपाल में तमिलनाडु के 37 लोग भी लापता, DMK ने विदेश मंत्रालय से मांगी मदद

तमिलनाडु के करीब 50 भारतीय पर्यटक नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण फंसे हुए हैं. डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने विदेश मंत्रालय से तत्काल मदद की मांग की है. फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दलों को सक्रिय करने की अपील की है. तमिलनाडु स कुल 57 पर्यटक 13 दिन के टूर पर थे, जिनमें से 37 अभी भी लापता हैं.

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नेपाल में तमिलनाडु के 37 लोग लापता है. वे 13 दिन की ट्रिप पर नेपाल गए थे. (Photo-ITG)
नेपाल में तमिलनाडु के 37 लोग लापता है. वे 13 दिन की ट्रिप पर नेपाल गए थे. (Photo-ITG)

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच कई भारतीय पर्यटक फंस गए हैं. इनमें तमिलनाडु के करीब 50 पर्यटक भी शामिल बताए जा रहे हैं. इस मामले को लेकर डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने विदेश मंत्रालय से तत्काल मदद की मांग की है. उन्होंने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने और उन्हें भारत वापस लाने की अपील की है.

मारन ने कहा कि नेपाल में बाढ़ से हालात गंभीर हो गए हैं. कई सड़कें और पुल बह गए हैं. दूसरी जरूरी सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा है. संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है. ऐसे में वहां फंसे लोगों के परिवारों की चिंता बढ़ गई है.

दयानिधि मारन ने अपने लेटर में बताया कि तमिलनाडु के करीब 50 पर्यटक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. विदेश मंत्रालय से नेपाल में भारतीय दूतावास और बचाव दलों को सक्रिय किया जाए.

उन्होंने कहा कि हर संभव कदम उठाकर भारतीय नागरिकों का पता लगाया जाए. उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए. इसके बाद सुरक्षित तरीके से भारत वापस लाया जाए. 

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मारन ने कहा कि खराब मौसम और मुश्किल भौगोलिक स्थिति के कारण राहत और बचाव कार्य में परेशानी हो रही है. उन्होंने ने यह लेटर डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन के मार्गदर्शन में लिखे जाने की बात कही है. विदेश मंत्रालय से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है.

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57 लोग 13 दिन के टूर पर निकले थे

जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों से कुल 57 लोग नेपाल और उत्तर भारत के दूसरे राज्यों की 13 दिन की यात्रा पर निकले थे. यह टूर कुंभकोणम की सुपर यात्रा एजेंसी के जरिए आयोजित किया गया था. इसमें कुंभकोणम, मयिलादुथुरई, होसुर और आसपास के इलाकों के लोग शामिल थे.

ग्रुप तीन बसों से यात्रा कर रहा था. पर्यटकों ने नेपाल में करीब दो दिन बिताए थे. इसके बाद वे बॉर्डर पार कर तिब्बत की ओर गए. इसी दौरान वे प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गए.

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एजेंसी के मालिक सादिक ने बताया कि तीन बसों में से एक बस में सवार 20 यात्रियों ने एजेंसी से संपर्क किया है. वे सुरक्षित हैं. इससे परिवारों को कुछ राहत मिली है. हालांकि, बाकी दो बसों में सवार यात्रियों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है. इन दोनों बसों में कुल 37 लोग बताए जा रहे हैं. इन लोगों के परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.

एजेंसी के मालिक सादिक ने बताया कि इस टूर की अगुवाई उनके बेटे उमर फारूक कर रहे थे. उनसे भी अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है. परिवार और एजेंसी लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं.

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सांसद दयानिधि मारन ने विदेश मंत्रालय से अपील की है कि मामले को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए. उन्होंने भारतीय दूतावास और बचाव दलों की मदद से सभी फंसे लोगों का जल्द पता लगाने की मांग की है.

उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को सुरक्षित निकालना और उनके परिवारों को राहत देना सबसे जरूरी है.

नेपाल बाढ़ में 135 भारतीय पर्यटक लापता

नेपाल के रसुवा की सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ की वजह से तबाही मच गई है. इस त्रासदी में 133 भारतीय पर्यटक और 400 से ज्यादा यात्री और ट्रेकर्स लापता हो गए हैं. इसमें से ज्यादातर कैलाश मानसरोवर जा रहे थे.

नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे किनारे पर मौजूद पर्यटक और ट्रेकर्स इसकी चपेट में आ गए. इस तबाही में 40 किलोमीटर तक की सड़क और 19 पुल तबाह हो गए हैं.

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नेपाल सेना, स्पेशल ऑपरेशन्स टीम और मेडिकल टीम बड़े पैमाने पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों को निकालने में जुटे हैं. नेपाल सेना ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए फिलहाल भारत से किसी मदद की मांग नहीं की गई है.
 

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