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नेपाल बॉर्डर पर देखते ही देखते बहा फ्रेंडशिप ब्रिज, चीन से गरजते-बरसते आई मौत की धारा, Video

नेपाल-चीन बॉर्डर पर मौजूद इस फ्रेंडशिप ब्रिज को वीडियो में पानी की प्रचंड धारा के आगे पलभर में बहते हुए देखा जा सकता है. देखते ही देखते कुछ ही सेकंड में लगभग 6-7 मंजिला ये इमारत झोपड़ी की तरह बह जाती है. इसके बाद हाहाकार मच जाता है.

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लैंडस्लाइड में नेपाल-चीन बॉर्डर पर मौजूद फ्रेंडशिप ब्रिज बह गया है. (Photo: ITG)
लैंडस्लाइड में नेपाल-चीन बॉर्डर पर मौजूद फ्रेंडशिप ब्रिज बह गया है. (Photo: ITG)

नेपाल-चीन बॉर्डर पर आए भयंकर बाढ़ से भारी तबाही हुई है. इस तबाही में केरुंग बॉर्डर पर स्थित विशाल कस्टम ऑफिस पानी की प्रचंड लहर में बह गया है. ये वो रास्ता है जहां से नेपाल में चाइनीज कंटेनर आते हैं और इसी रास्ते से मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले यात्री जाते हैं. चीन की सरकार ने इस घटना का वीडियो जारी किया है जो किसी प्रलय सरीखा ही अनुभव देता है. 

इस हमले में अब कुल 22 लोगों की मौत हुई है और 105 भारतीय लापता हैं. इस हादसे में कुल 400 विदेशी पर्यटक लापता हैं.

वीडियो में पानी की प्रचंड धारा के बहुत रफ्तार से आने का आभास होते ही लोगों में अफरा-तफरी मच जाती है और वे भागने लगते हैं. देखते ही देखते कुछ ही सेकंड में लगभग 6-7 मंजिला ये इमारत झोपड़ी की तरह बह जाती है. इसके बाद हाहाकार मच जाता है. 

ये वीडियो बहुत डरावना है. पानी के इ्स तेज रफ्तार के प्रभाव से आगे की 40 किलोमीटर सड़क बह गई है और 19 पुल भी टूट गए हैं. 

सीसीटीवी में कैद यह दृश्य आज सुबह 8:45 (नेपाली समय) का है. 

चीनी मीडिया में चश्मदीदों ने इस घटना का वर्णन किया है. एक यूजर ने लिखा है कि जब पानी आया तो लग रहा था कि आसमान टूट रहा है और धरती फट रही है. किसी के पास भागने का समय नहीं था. इस शख्स ने लिखा है कि घटना में मृतकों की संख्या काफी अधिक हो सकती है.

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ग्यिरोंग पोर्ट के पास लैंडस्लाइड हुआ

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार बुधवार को तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के शिगात्से में ग्यिरोंग काउंटी के ग्यिरोंग पोर्ट के पास भूस्खलन हुआ. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के कारण पोर्ट तक जाने वाली सड़क बंद हो गई और संचार और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई.

ग्यिरोंग पोर्ट नेपाल और चीन को जोड़ने वाला एक प्रमुख ज़मीनी मार्ग है. जब चीनी इलाके में भूस्खलन की खबर आ रही थी, उसी समय नेपाल में भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे रसुवा के तिमुरे और स्याब्रूबेसी जैसे इलाकों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ. भोटे कोशी का ऊपरी कैचमेंट क्षेत्र तिब्बत में है. 

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तिब्बत में चीन-नेपाल सीमा के पास गांवों में मडस्लाइड से लापता लोगों की तलाश और बचाव के लिए हर संभव कोशिश करने का आदेश दिया है. इस घटना में कई लोगों की जान गई है.

आपातकालीन बचाव कार्यों में मदद के लिए 'पीपल्स आर्म्ड पुलिस' की शिगाज़े टुकड़ी से कुल 145 अधिकारियों और जवानों को मडस्लाइड से प्रभावित सीमावर्ती इलाके में भेजा गया है.

नेपाल और तिब्बत की सीमा 1400 KM है

चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की सीमा नेपाल के साथ लगभग 1,400 किलोमीटर तक लगती है.

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यह मडस्लाइड बुधवार को ग्यिरोंग पोर्ट के पास हुई. चीनी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रोन फुटेज में पोर्ट पर कुछ इमारतें मलबे में दबी हुई दिखाई दीं.

सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने बताया कि स्थानीय सरकार आपदा प्रभावित इलाके में कर्मचारी भेज रही थी, जहां संचार व्यवस्था ठप हो गई थी. रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को उत्तरी नेपाल में ग्यिरोंग-रासुवा सीमावर्ती इलाके में अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के बाद नेपाल में चीनी दूतावास ने अपना आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय कर दिया. 

दूतावास ने प्रभावित इलाके में चीनी नागरिकों और कंपनियों की स्थिति का जायजा लिया और नेपाल सरकार तथा संबंधित एजेंसियों से बचाव कार्य करने का आग्रह किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि दूतावास ने नेपाल में मौजूद चीनी नागरिकों और संस्थानों के लिए सुरक्षा संबंधी नई एडवाइजरी भी जारी की.

नेपाल के रसुवा जिले में हुई है तबाही

चीन में आई इस बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से नेपाल में भारी नुकसान हुआ है.  बुधवार को तिब्बत से सटे नेपाल के रसुवा ज़िले में आई भयानक बाढ़ के बाद लापता हुए लगभग 400 लोगों में कम से कम 105 भारतीय शामिल हैं. 

नदी के किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही हुई और कम से कम एक दर्जन पनबिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है. 

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अधिकारियों के अनुसार सुबह करीब 9 बजे (स्थानीय समय) तिब्बत की ओर से भोते कोशी नदी में बाढ़ का पानी तेज़ी से बढ़ा, जिससे तिब्बत से सटे रसुवा और धाडिंग ज़िले और काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट ज़िला प्रभावित हुए. 

नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) के एक बयान के अनुसार रसुवा में आई बाढ़ के कारण कुल 384 यात्री - जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं - लापता हो गए हैं. 

इन यात्रियों में 105 भारतीय पर्यटक, 37 NRI और बाकी पर्यटक USA, मलेशिया, UK, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड से हैं. 

आसान भाषा में समझिए क्या हुआ?

नेपाल के रसुवा जिले में रसुवागढ़ी-तिमुरे इलाके के पास चीन के तिब्बत क्षेत्र से आने वाली भोटे कोशी नदी अचानक बेहद उफान पर आ गई. सुबह करीब 9 बजे पानी इतनी तेजी से आया कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.

आशंका यह है कि ऊंचे पहाड़ों में बर्फ और चट्टानों का बड़ा हिस्सा खिसककर नदी में गिरा. इससे नदी का रास्ता कुछ समय के लिए रुक गया हो सकता है. यानी की बर्फ और पहाड़ ने नदी के सामने एक तरह की प्राकृतिक दीवार बना दी.

अब कल्पना कीजिए कि उस दीवार के पीछे लगातार पानी जमा हो रहा है. जैसे ही यह प्राकृतिक बांध टूटा, पानी, मिट्टी, पत्थर और बर्फ का पूरा मलबा एक साथ नीचे की ओर दौड़ पड़ा. इसी को फ्लैश फ्लड या अचानक आने वाली बाढ़ कहते हैं. 

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नुकसान इतना ज्यादा क्यों हुआ?

क्योंकि हिमालयी इलाका बहुत खड़ी ढलानों वाला है. जब इतनी ऊंचाई से पानी और मलबा नीचे आता है तो उसकी रफ्तार बहुत ज्यादा होती है. इसी वजह से रास्ते में आने वाली सड़क, पुल, गाड़ियां, घर और बिजली परियोजनाएं सब बह गए. 

सबसे ज्यादा असर रसुवागढ़ी बॉर्डर क्रॉसिंग और तिमुरे इलाके में हुआ है. चीन के तिब्बत स्थित ग्यिरोंग पोर्ट पर भी नुकसान की खबर है. 

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