
मध्य प्रदेश के सतना और चित्रकूट में लगातार हो रही भारी बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है. कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. मानिकपुर के पास डोडा डैम ओवरफ्लो होने के कारण टूट गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव हो गया.
सतना-मानिकपुर रेलखंड पर चितहरा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक भी जलमग्न हो गया है. ट्रैक की सुरक्षा के लिए रेल कर्मचारियों ने इंजन के आगे पैदल चलकर पटरियों की जांच की. कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं, जिसमें ट्रैक पर जलभराव के बीच एक तरफ यात्री ट्रेन और दूसरी तरफ मालगाड़ी नजर आ रही है.
चित्रकूट में बाढ़ में फंसे लोगों को सेना के हेलिकॉप्टर की मदद से बचाया गया. वहीं, सतना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर सोहास गांव के मलाहन टोला में 50 से अधिक ग्रामीण चारों तरफ पानी से घिर गए थे. कई लोग घरों की छतों पर चढ़कर मदद की गुहार लगा रहे थे. SDRF की टीम ने रात पर बचाव अभियान चलाकर यहां से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. शुक्रवार को नदी का पानी कर्वी शहर को जोड़ने वाले मंदाकिनी पुल के ऊपर से बहने लगा. तेज बहाव के कारण पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंसकर नदी में बह गया. हादसे के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुल से भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी. इससे झांसी-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ है.
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बीती रात सतना प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में खाद्यान सामग्री का भी वितरण किया. मझगवां के SDM महिपाल सिंह गुर्जर ने बताया कि शुरुआत में राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने राहत कैंप लगाए थे. यहीं लोग रुके हुए थे. लेकिन जैसे-जैसे बाढ़ का पानी थोड़ा कम हुआ लोग अपने घरों की ओर लौटे. उनका कहना है कि फिलहाल प्रशासन सड़कों पर आवाजाही सामान्य करने में जुटा हुआ है. SDM ने बताया कि प्रशासन टैंकरों के जरिए लोगों तक पानी पहुंचा रहा है और उनकी पूरी कोशिश है कि हर किसी के घर तक खाना और पानी पहुंचा सकें.
मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर का असर रामघाट और निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र में देखने को मिला. निचले इलाकों में भी पानी फैल गया है, जिसके कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है.
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने उत्तर भारत के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है. प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है.