सतना (Satna) मध्य प्रदेश राज्य का एक शहर और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है. यह सतना जिले का मुख्यालय भी है. यह राज्य का 7वां सबसे बड़ा शहर और 8वां सबसे अधिक आबादी वाला शहर है. यह शहर राज्य की राजधानी भोपाल से 500 किमी पूर्व में है. शहर 111.9 वर्ग किलोमीटर के भूमि क्षेत्र में फैला हुआ है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सतना को भी चुना गया है.
2011 की जनगणना के अनुसार, सतना की कुल जनसंख्या 2,80,222 थी, जिसमें 147,874 पुरुष और 132,348 महिलाएं हैं और इसकी साक्षरता दर 84.8% है, जिसमें पुरुष साक्षरता दर 90.1% और महिला साक्षरता दर 78.9% है. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या क्रमशः 38,978 और 9,381 है.
सतना भारत के चूना पत्थर बेल्ट में आता है, जिसके परिणामस्वरूप यह भारत के कुल सीमेंट उत्पादन में लगभग 8%-9% का योगदान देता है.
सतना शहर में घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत का असर सरकारी अस्पतालों में भी दिख रहा है.यहां सरदार वल्लभभाई पटेल जिला चिकित्सालय में देखने को मिली है जहां गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण मरीजों के लिए बनने वाला भोजन चूल्हे पर लकड़ी जलाकर पकाया जा रहा है.
Wife Kills Husband Satna: सतना जिले के जैतवारा में हुए कौशलेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड का पुलिस ने जो खुलासा किया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है. अवैध संबंधों की भेंट चढ़े इस युवक की हत्या की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी अर्धांगिनी ने ही रची थी.
Man with 150 pins in mouth: मध्यप्रदेश के सतना जिले के संजय विश्वकर्मा पिछले 45 सालों से अपने मुंह में 150 से अधिक लोहे की पिनें लेकर घूम रहे हैं. डेंटिस्ट के लिए रहस्य बने संजय इन्हीं पिनों के साथ सामान्य जीवन जीते हैं और उन्हें कोई दर्द नहीं होता.
यह कहानी मध्य प्रदेश के मैहर की है. इंस्टाग्राम पर एक युवक की दोस्ती एक लड़की से हो गई. लड़की ने युवक से कहा कि शहर में घंटाघर के पास मिलते हैं. युवक पहुंचा तो लड़की के साथियों ने उससे मारपीट की, कपड़े उतरवाकर वीडियो बना लिया. 15 घंटे तक बंधक रखा गया. ब्लैकमेल कर पैसे ट्रांसफर करवा लिए. पुलिस ने फिलहाल आरोपियों को पकड़ लिया है.
Dhirendra Shastri News: धीरेंद्र शास्त्री ने इस दौरान अंधविश्वास से बचते हुए एक अहम संदेश दिया.उन्होंने बच्ची के लिए 'मंत्र चिकित्सा' तो की, लेकिन ASI को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे डॉक्टरी इलाज बिल्कुल बंद न करें और उसे जारी रखें.
पहले काशी में मूर्ति टूटने का विवाद हुआ, फिर शंकराचार्य से जुड़ा मामला चर्चा में आया. उसके बाद यूजीसी से संबंधित विवाद ने सुर्खियां बटोरीं. अब मध्य प्रदेश के चित्रकूट में सड़क चौड़ी करने के लिए एक मंदिर को तोड़ने के मुद्दे पर विपक्ष ने बीजेपी सरकार को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया है. विपक्ष का कहना है कि जो BJP सनातन धर्म और मंदिरों की बात करती है, वह वास्तविकता में मंदिरों और संतों के खिलाफ है. इस विवाद ने राजनीतिक बहस को और गर्मा दिया है और सामाजिक स्तर पर भी बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है.
मध्य प्रदेश के सतना जिले के नागौद से एक गंभीर मामला सामने आया है. भाजपा मंडल अध्यक्ष पुलकित टंडन पर एक महिला ने घर में घुसकर मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है. इस मामले की घटनाओं का एक सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है.
MP के सतना जिले से सत्ता के रसूख और महिला सुरक्षा को लेकर एक शर्मनाक मामला सामने आया है. नागौद में बीजेपी के एक कद्दावर नेता पर महिला के साथ बेरहमी से मारपीट और गाली-गलौज करने के आरोप लगे हैं, जिसका CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
MP News: सतना जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और 108 एंबुलेंस सेवा की लापरवाही की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है. एक गंभीर मरीज एंबुलेंस के भीतर सिर्फ इसलिए दम तोड़ गया क्योंकि मौके पर गाड़ी का दरवाजा ही नहीं खुला.
Satna Diagnostic Centre Bizarre Blunder: मध्य प्रदेश के सतना जिले से चिकित्सा जगत की एक ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को शर्मसार कर दिया है. एक प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर ने पुरुष मरीज की सोनोग्राफी रिपोर्ट में गर्भाशय होने का दावा कर दिया.
सतना जिले में सत्ता की हनक में महिला से अभद्रता का मामला सामने आया है. यहां के भाजपा पार्षद के पति पर एक महिला ने दुष्कर्म करने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है.
मध्य प्रदेश में सतना के नेशनल हाइवे-30 पर हरदुआ उस समय हड़कंप मच गया, जब नागपुर के श्रद्धालुओं की मर्सिडीज कार में अचानक आग लग गई. कुछ ही मिनटों में कार धू-धू कर जलने लगी, हालांकि चालक की सूझबूझ से कार में सवार चारों लोग समय रहते बाहर निकल आए. ये लोग मैहर धाम से दर्शन कर लौट रहे थे.
मध्य प्रदेश में सतना के नेशनल हाइवे 30 पर हरदुआ के पास मैहर से दर्शन कर लौट रहे नागपुर के श्रद्धालुओं की मर्सिडीज कार अचानक आग का गोला बन गई. कार में देवेश पनरोतवार, योगेश गिलयतकर और उनके परिवार के अन्य सदस्य सवार थे. इस दौरान चलती गाड़ी से अचानक तेज धुआं निकलने लगा. वहीं चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कार सड़क किनारे रोकी, जिसके बाद चारों लोग सुरक्षित बाहर निकल आए.
साइना नेहवाल ने सतना में कहा कि आज मैं सतना आई और यहां के खेल सुविधाओं को देखकर बहुत प्रभावित हुई. गणेश सिंह, जो यहां के सांसद हैं, ने इस क्षेत्र में कई पहल की हैं, जिससे यहां के बच्चे बेहतर अवसर पा रहे हैं. आने वाले वर्षों में सतना एक ऐसी शहर बनेगा जो कई क्षेत्रों में नंबर वन कहलाएगा. मुझे विश्वास है कि यहां के बच्चे आने वाले वर्षों में ओलंपिक में पदक जीतेंगे.
MP News: मंत्री प्रतिमा बागरी जब एक नई बनी सड़क की क्वालिटी परखने उतरीं, तो भ्रष्टाचार की परतें पैर के एक झटके से ही खुल गईं. मंत्री ने जैसे ही अपने पैर से सड़क के किनारे को कुरेदा, डामर और गिट्टी मिट्टी की तरह अलग हो गए.
सतना जिला अस्पताल के SNCU वार्ड, जहां जीवन और मौत के बीच जूझ रहे नवजात शिशुओं को रखा जाता है, वहां चूहों के स्वच्छंद घूमने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जैसे ही 'आजतक' ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया, जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन हरकत में आ गया.
MP Satna News: SDM ने पान की दुकान और ठेलों पर सक्रिय दलालों से खून के लिए संपर्क किया. दलालों ने एक यूनिट ब्लड उपलब्ध कराने के बदले 4500 रुपये की मांग की. जैसे ही दलालों ने पैसे लिए, पुलिस और प्रशासन की टीम ने उन्हें दबोच लिया.
MP News: कांग्रेस का आरोप है कि बच्चे महीनों पहले पॉजिटिव पाए गए थे, लेकिन सरकार इस संवेदनशील मामले को दबाती रही.
MP में थैलेसीमिया से पीड़ित 6 बच्चों को खून चढ़ाने के बाद वे HIV पॉजिटिव पाए गए हैं. इनमें से 4 बच्चों का इलाज सतना के जिला अस्पताल में चल रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 6 सदस्यीय विशेष जांच कमेटी का गठन किया है.
मध्य प्रदेश में थैलेसीमिया से पीड़ित छह बच्चों के एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय समिति गठित की है. चार मामले सतना के एक अस्पताल से जुड़े हैं. समिति को सात दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार दूषित रक्त संक्रमण की आशंका सहित सरकारी व अन्य अस्पतालों में हुई संभावित लापरवाही की जांच कर रही है.
HIV से प्रभावित बच्चों की उम्र 12 से 15 साल के बीच है और वे सभी थैलेसीमिया से पीड़ित हैं. इनमें से कुछ को 80 से 100 बार तक खून चढ़ाया जा चुका है.