चित्रकूट
चित्रकूट (Chitrakoot) भारतीय गणराज्य के प्रांत उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक जिला और शहर है. इस जिले का मुख्यालय चित्रकूट धाम है. यह एक मंडल भी है. इस जिले का क्षेत्रफल 3,216 वर्ग किलोमीटर है (Chitrakoot Geographical Area).
चित्रकूट जिले में एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, बांदा-चित्रकूट (Lok Sabha Constituency) और दो विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं (Assembly Constituency).
2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक चित्रकूट की जनसंख्या (Population) लगभग 10 लाख है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 308 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 879 है. चित्रकूट की 65.05 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 75.80 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 52.74 फीसदी है (Chitrakoot Literacy.
हिंदू ग्रंथों के मुताबिक भगवान राम अपनी पत्नी सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ साढ़े ग्यारह वर्षों तक चित्रकूट में ही रहे थे. 6 मई 1997 को बाँदा जनपद से काट कर छत्रपति शाहू जी महाराज नगर के नाम से नए जिले का निर्माण किया गया था. 4 सितंबर 1998 को इस जिले का नाम बदल कर चित्रकूट कर दिया गया (History).
यहां स्थित पर्यटन स्थलों में कामद गिरी, राम घाट, भरत कूप, भरत मिलाप मंदिर, गणेश बाग, हनुमान धारा, गुप्त गोदावरी, सती अनुसूया आश्रम, राम दर्शन, स्फटिक शिला प्रसिद्ध हैं (Chitrakoot tourist place).
चित्रकूट में गंभीर नवजात को लेकर जा रही 108 एंबुलेंस बीच रास्ते में बंद हो गई. राहगीरों और पुलिसकर्मियों ने धक्का देकर उसे स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. नवजात की हालत बिगड़ती देख ट्रैफिक सिपाही अजय यादव ने बच्चे और उसके परिजन को बाइक पर बैठाया और जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर इलाज शुरू हो सका.
फिल्म 'हनुमान अंश' की शूटिंग के बाद बुंदेलखंड का चित्रकूट चर्चा में है. भगवान राम की इस तपोभूमि में रामघाट, कामदगिरि, गुप्त गोदावरी और हनुमान धारा जैसे कई प्रमुख धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल हैं. अगर आप सुकून और आध्यात्मिकता की तलाश में हैं, तो परिवार के साथ चित्रकूट जरूर जाएं.
चित्रकूट के पॉश इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे नाले के पास एक विशालकाय अजगर दिखाई दिया. करीब 10 से 15 फीट लंबे अजगर को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई और कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाने लगे. सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद अजगर को रेस्क्यू कर जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया.
यूपी के चित्रकूट में कलेक्ट्रेट रोड के पास नाले में 10 से 15 फीट लंबा इंडियन रॉक पाइथन मिला. अजगर को देखने भीड़ जुट गई और लोग वीडियो बनाने के लिए करीब पहुंचने लगे. पुलिस और वन विभाग ने रेस्क्यू कर उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला.
मामला उत्तर प्रदेश के चित्रकूट का है, जहां सांप काटने के बाद युवक को अस्पताल पहुंचाया गया. लेकिन एंटी स्नेक वेनम जैसी जरूरी सुविधाओं उपलब्ध ना होने के कारण उसे प्रयागराज रेफर कर दिया गया. अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवक की मौत हौ गई. अब NHRC ने इस मामले पर बड़ा एक्शन लिया है.
चित्रकूट में पुश्तैनी मकान को लेकर 60 वर्षीय शिवप्रकाश विश्वकर्मा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. परिजनों ने बड़े भाई बोधीलाल, उसकी पत्नी और बेटे पर हत्या का आरोप लगाया है. पोस्टमार्टम के बाद शव सड़क पर रखकर फांसी की मांग की गई. पुलिस ने बोधीलाल और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बेटा गुलाब फरार है.
चित्रकूट में एक सप्ताह तक मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप के बाद अब जलस्तर घट गया है. पानी उतरते ही रामघाट में बाढ़ से हुई तबाही के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं. सड़क, घर और दुकानों में कई फीट तक मलबा जमा है. तुलसीदास जी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई है और बिजली के पोल टूट गए हैं.
देशभर में बारिश ने तबाही मचा रखी है.... यूपी से लेकर उत्तराखंड तक....और पूर्वांचल से लेकर कश्मीर तक.... लगातार बारिश, बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाओं ने जहां पहाड़ पर भूस्खलन और नदियों में पानी बढ़ा दिया है तो मैदानी इलाकों में उफनती नदियों ने कई शहरों को डूबा दिया है... मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों के लिए कई क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
चित्रकूट में पहाड़ी इलाकों में 36 घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर पहुंच गया. बाढ़ के पानी में रामघाट स्थित बड़ा मठ मंदिर डूबने लगा. जान के खतरे के बीच डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण कुमार सिंह हाथ जोड़कर पुजारी से बाहर आने की गुहार लगाते रहे.
यूपी के चित्रकूट में भारी बारिश के बाद मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर पहुंच गई है. रामघाट का बड़ा मठ मंदिर बाढ़ में डूबने लगा. DM और SP ने पुजारी से बाहर आने की अपील की, लेकिन उन्होंने भगवान को अकेला छोड़ने से इनकार कर दिया.
यूपी में मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. सीतापुर में दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि गाजीपुर में दो बच्चियां गंगा में बह गईं. बलिया, वाराणसी और चित्रकूट सहित कई जिलों में बाढ़ से स्थिति गंभीर बनी हुई है.
चित्रकूट की लाइफ लाइन कहीं जाने वाली मंदाकिनी नदी में चार दिन में तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर लिया है. जिससे लोगों में एक बार फिर दहशत है. 29 अगस्त को मंदाकिनी ने 23 साल की बाढ़ का रिकॉर्ड तोड़ते हुए पूरे चित्रकूट में तबाही ले आई थी. सैकड़ों साल पुराना पुल बह गया था और 50 से अधिक गांव जलमग्न हो गए थे. आज सुबह मंदाकिनी ने फिर से लगातार तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर लिया है. लोगों में जबरदस्त दहशत का माहौल है और प्रशासन की नींद उड़ी हुई है.
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र में मंदाकिनी और यमुना नदियों के उफान के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. मंदाकिनी नदी ने पिछले चार दिनों में तीसरी बार खतरे के निशान को पार किया है.
चित्रकूट में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद हालात बेहद चिंताजनक और भयावह हो गए हैं. यहां की हर एक तस्वीर साफ तौर पर बयां कर रही है कि जनजीवन किस कदर अस्त-व्यस्त हो चुका है. सड़कों पर घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया है, जिसके कारण आम लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
चित्रकूट में आए सैलाबी संकट से हाहाकार मचा है. जहां मंदाकिनी नदी का बढ़ा जलस्तर भारी आफत लेकर आया है. नदी किनारे घाट डूब गए हैं. शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है. लोग संकट में घिरे हैं. लोगों की मदद के लिए लगातार रेक्स्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. भारी बारिश के बीच पूरे शहर में हाहाकार मचा हुआ है.
मध्य प्रदेश के चित्रकूट और सतना में लगातार हुई भारी बारिश से हालात खराब है. सतना में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. प्रशासन यहां बचाव अभियान में जुटी है, लोगों को खाने-पीने के सामान भी बांट रही है.
चित्रकूट पर सैलाबी संकट की मार पड़ रही है. जहां मंदाकिनी नदी का बढ़ा जलस्तर भारी आफत लेकर आया है. नदी किनारे घाट डूब गए हैं. शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है. लोगों की मदद के लिए लगातार रेक्स्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. भारी बारिश के बीच पूरे शहर में हाहाकार मचा हुआ है. देखें विशेष.
उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं. प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से संगम क्षेत्र जलमग्न हो गया है. चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से पुल की एप्रोच रोड का हिस्सा बह गया, जिसके बाद भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई.
उत्तर भारत में भारी बारिश से गंगा-यमुना, मंदाकिनी और तमसा समेत कई नदियां उफान पर हैं. प्रयागराज का संगम जलमग्न है, चित्रकूट में पुल की एप्रोच रोड बह गई और सतना में SDRF ने बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला. सेना के दो हेलीकॉप्टर भी राहत-बचाव अभियान में लगाए गए.
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रामघाट से लेकर आसपास के इलाकों तक हाहाकार मच गया है. बाढ़ के तेज बहाव में पुल बह गया और दुकानें-मंदिर पानी में डूब गए हैं. कई लोग बाढ़ में फंस गए, जिन्हें हेलीकॉप्टर और नावों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है.
सतना के चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की बदहाली को लेकर बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने PWD अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 1100 करोड़ रुपये की लागत से मंजूर सड़कों का निर्माण घटिया तरीके से हुआ और कई काम सिर्फ कागजों में पूरे दिखाए गए. विधायक ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तीखे तेवर दिखाए.