चित्रकूट (Chitrakoot) जिला उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक प्रमुख जिला है. चित्रकूट शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. यह जिला चित्रकूट मंडल का हिस्सा है. जिले का कुल क्षेत्रफल करीब 3,216 वर्ग किलोमीटर है. चित्रकूट जिला उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा से जुड़ा हुआ है. जिले के उत्तर में कौशांबी जिला स्थित है. इसके पूर्व में प्रयागराज जिला है. दक्षिण दिशा में मध्य प्रदेश के सतना और रीवा जिले इसकी सीमा से लगे हुए हैं. पश्चिम दिशा में बांदा जिला स्थित है. इस तरह चित्रकूट की भौगोलिक स्थिति उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देखी जाती है.
प्रशासनिक रूप से जिले में कई कस्बे और ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं. करवी चित्रकूट जिले का प्रमुख नगर और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र है. मानिकपुर, राजापुर और मऊ जिले के अन्य प्रमुख कस्बों में शामिल हैं. इन क्षेत्रों में स्थानीय बाजार, सरकारी कार्यालय और विभिन्न सार्वजनिक सेवाएं संचालित होती हैं.
चित्रकूट की अर्थव्यवस्था में ग्रामीण गतिविधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है. जिले के कई इलाको में खेती और उससे जुड़े काम लोगों की आय का प्रमुख साधन हैं. ग्रामीण आबादी की बड़ी संख्या अपनी आजीविका के लिए कृषि और स्थानीय रोजगार पर निर्भर रहती है. छोटे कारोबार और स्थानीय बाजार भी जिले की आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा हैं.
वर्ष 2006 में पंचायती राज मंत्रालय ने चित्रकूट को देश के 250 सबसे पिछड़े जिलों की सूची में शामिल किया था. उस समय देश में कुल 640 जिले थे. चित्रकूट उन जिलों में शामिल रहा जिन्हें पिछड़े क्षेत्र अनुदान कोष कार्यक्रम के तहत सहायता दी गई. इस योजना का उद्देश्य पिछड़े क्षेत्रों में विकास से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहायता देना था.
चित्रकूट जिले में ग्रामीण क्षेत्र काफी विस्तृत हैं. यहां कई गांव दूर-दराज के इलाको में बसे हुए हैं. जिले में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं स्थानीय विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं. जिले के विकास को लेकर अलग-अलग समय में सरकारी योजनाएं भी संचालित की जाती रही हैं.
चित्रकूट का नाम जिले के साथ-साथ यहां स्थित चित्रकूट क्षेत्र के कारण भी जाना जाता है. जिला प्रशासन का मुख्यालय करवी में है. मानिकपुर, राजापुर और मऊ जिले के प्रमुख कस्बे हैं. चित्रकूट की भौगोलिक स्थिति, ग्रामीण आबादी और प्रशासनिक संरचना इसे उत्तर प्रदेश के एक अलग पहचान वाले जिलों में शामिल करती है.
चित्रकूट में यूपी पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल का अजीबोगरीब हालत में कुर्सी पर लेटने का वीडियो वायरल हुआ है. आरोप है कि हेड कॉन्स्टेबल नशे में था. डायल 112 की टीम उसे अस्पताल ले गई, मेडिकल जांच कराई गई और फिर मामला पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंच गया. एसपी ने हेड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया. इसी के साथ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.
चित्रकूट के मानिकपुर में पति से विवाद के बाद बाहर निकली लिव-इन में रह रही महिला से तीन लोगों ने गैंगरेप किया. पड़ोसी छैला बहला-फुसलाकर उसे जंगल ले गया, जहां छुटकू और पुरुषोत्तम के साथ वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपी छैला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो फरार आरोपियों की तलाश जारी है.
चित्रकूट में गंभीर नवजात को लेकर जा रही 108 एंबुलेंस बीच रास्ते में बंद हो गई. राहगीरों और पुलिसकर्मियों ने धक्का देकर उसे स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. नवजात की हालत बिगड़ती देख ट्रैफिक सिपाही अजय यादव ने बच्चे और उसके परिजन को बाइक पर बैठाया और जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर इलाज शुरू हो सका.
फिल्म 'हनुमान अंश' की शूटिंग के बाद बुंदेलखंड का चित्रकूट चर्चा में है. भगवान राम की इस तपोभूमि में रामघाट, कामदगिरि, गुप्त गोदावरी और हनुमान धारा जैसे कई प्रमुख धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल हैं. अगर आप सुकून और आध्यात्मिकता की तलाश में हैं, तो परिवार के साथ चित्रकूट जरूर जाएं.
चित्रकूट के पॉश इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे नाले के पास एक विशालकाय अजगर दिखाई दिया. करीब 10 से 15 फीट लंबे अजगर को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई और कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाने लगे. सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद अजगर को रेस्क्यू कर जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया.
यूपी के चित्रकूट में कलेक्ट्रेट रोड के पास नाले में 10 से 15 फीट लंबा इंडियन रॉक पाइथन मिला. अजगर को देखने भीड़ जुट गई और लोग वीडियो बनाने के लिए करीब पहुंचने लगे. पुलिस और वन विभाग ने रेस्क्यू कर उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला.
मामला उत्तर प्रदेश के चित्रकूट का है, जहां सांप काटने के बाद युवक को अस्पताल पहुंचाया गया. लेकिन एंटी स्नेक वेनम जैसी जरूरी सुविधाओं उपलब्ध ना होने के कारण उसे प्रयागराज रेफर कर दिया गया. अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवक की मौत हौ गई. अब NHRC ने इस मामले पर बड़ा एक्शन लिया है.
चित्रकूट में पुश्तैनी मकान को लेकर 60 वर्षीय शिवप्रकाश विश्वकर्मा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. परिजनों ने बड़े भाई बोधीलाल, उसकी पत्नी और बेटे पर हत्या का आरोप लगाया है. पोस्टमार्टम के बाद शव सड़क पर रखकर फांसी की मांग की गई. पुलिस ने बोधीलाल और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बेटा गुलाब फरार है.
चित्रकूट में एक सप्ताह तक मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप के बाद अब जलस्तर घट गया है. पानी उतरते ही रामघाट में बाढ़ से हुई तबाही के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं. सड़क, घर और दुकानों में कई फीट तक मलबा जमा है. तुलसीदास जी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई है और बिजली के पोल टूट गए हैं.
देशभर में बारिश ने तबाही मचा रखी है.... यूपी से लेकर उत्तराखंड तक....और पूर्वांचल से लेकर कश्मीर तक.... लगातार बारिश, बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाओं ने जहां पहाड़ पर भूस्खलन और नदियों में पानी बढ़ा दिया है तो मैदानी इलाकों में उफनती नदियों ने कई शहरों को डूबा दिया है... मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों के लिए कई क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
चित्रकूट में पहाड़ी इलाकों में 36 घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर पहुंच गया. बाढ़ के पानी में रामघाट स्थित बड़ा मठ मंदिर डूबने लगा. जान के खतरे के बीच डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण कुमार सिंह हाथ जोड़कर पुजारी से बाहर आने की गुहार लगाते रहे.
यूपी के चित्रकूट में भारी बारिश के बाद मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर पहुंच गई है. रामघाट का बड़ा मठ मंदिर बाढ़ में डूबने लगा. DM और SP ने पुजारी से बाहर आने की अपील की, लेकिन उन्होंने भगवान को अकेला छोड़ने से इनकार कर दिया.
यूपी में मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. सीतापुर में दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि गाजीपुर में दो बच्चियां गंगा में बह गईं. बलिया, वाराणसी और चित्रकूट सहित कई जिलों में बाढ़ से स्थिति गंभीर बनी हुई है.
चित्रकूट की लाइफ लाइन कहीं जाने वाली मंदाकिनी नदी में चार दिन में तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर लिया है. जिससे लोगों में एक बार फिर दहशत है. 29 अगस्त को मंदाकिनी ने 23 साल की बाढ़ का रिकॉर्ड तोड़ते हुए पूरे चित्रकूट में तबाही ले आई थी. सैकड़ों साल पुराना पुल बह गया था और 50 से अधिक गांव जलमग्न हो गए थे. आज सुबह मंदाकिनी ने फिर से लगातार तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर लिया है. लोगों में जबरदस्त दहशत का माहौल है और प्रशासन की नींद उड़ी हुई है.
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र में मंदाकिनी और यमुना नदियों के उफान के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. मंदाकिनी नदी ने पिछले चार दिनों में तीसरी बार खतरे के निशान को पार किया है.
चित्रकूट में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद हालात बेहद चिंताजनक और भयावह हो गए हैं. यहां की हर एक तस्वीर साफ तौर पर बयां कर रही है कि जनजीवन किस कदर अस्त-व्यस्त हो चुका है. सड़कों पर घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया है, जिसके कारण आम लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
चित्रकूट में आए सैलाबी संकट से हाहाकार मचा है. जहां मंदाकिनी नदी का बढ़ा जलस्तर भारी आफत लेकर आया है. नदी किनारे घाट डूब गए हैं. शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है. लोग संकट में घिरे हैं. लोगों की मदद के लिए लगातार रेक्स्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. भारी बारिश के बीच पूरे शहर में हाहाकार मचा हुआ है.
मध्य प्रदेश के चित्रकूट और सतना में लगातार हुई भारी बारिश से हालात खराब है. सतना में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. प्रशासन यहां बचाव अभियान में जुटी है, लोगों को खाने-पीने के सामान भी बांट रही है.
चित्रकूट पर सैलाबी संकट की मार पड़ रही है. जहां मंदाकिनी नदी का बढ़ा जलस्तर भारी आफत लेकर आया है. नदी किनारे घाट डूब गए हैं. शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है. लोगों की मदद के लिए लगातार रेक्स्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. भारी बारिश के बीच पूरे शहर में हाहाकार मचा हुआ है. देखें विशेष.
उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं. प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से संगम क्षेत्र जलमग्न हो गया है. चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से पुल की एप्रोच रोड का हिस्सा बह गया, जिसके बाद भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई.
उत्तर भारत में भारी बारिश से गंगा-यमुना, मंदाकिनी और तमसा समेत कई नदियां उफान पर हैं. प्रयागराज का संगम जलमग्न है, चित्रकूट में पुल की एप्रोच रोड बह गई और सतना में SDRF ने बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला. सेना के दो हेलीकॉप्टर भी राहत-बचाव अभियान में लगाए गए.