राम मंदिर के नवनियुक्त सीईओ जितेंद्र मिश्र सोमवार को दिल्ली में आजतक के मंच पर थे. आजतक के आयोजन सुरक्षा सभा के 'आसमान के रखवाले' सेशन में पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने ऑपरेशन सिंदूर पर खुलकर बात की. इस सत्र के दौरान जितेंद्र मिश्र से राम मंदिर को लेकर भी सवाल किया गया.
राम मंदिर को लेकर हुए इस सवाल के जवाब में जितेंद्र मिश्र ने कहा कि इस पर मैं सिर्फ तीन पॉइंट्स आपको बताना चाहूंगा. जितेंद्र मिश्र ने कहा कि पहला पॉइंट ये कि मुझे जो निमंत्रण मिला था, वह ऑपरेशन सिंदूर के लिए था. उन्होंने कहा कि दूसरा पॉइंट है कि मैंने अभी आधिकारिक तौर पर राम मंदिर के सीईओ का पद नहीं संभाला है.
एयर मार्शल मिश्र ने कहा कि अगर आप ये सवाल एक महीने बाद करें, तो शायद मैं बेहतर जवाब दे पाऊंगा. जितेंद्र मिश्र ने कहा कि और तीसरा पॉइंट आपने कहा दो शब्द बोलिए. मैं तीन शब्द बोलता हूं- जय श्री राम. दरअसल, इस सत्र के दौरान जितेंद्र मिश्र से सवाल पूछा गया था कि एक नई सेवा विश्वास के रक्षा की आपको दी गई है. राम मंदिर के सीईओ आप हैं. क्या आपने तय किया है आगे का रास्ता, क्या जिम्मेदारी आप देख रहे हैं और कैसे निभाएंगे इसको.
इस सवाल के जवाब में जितेंद्र मिश्र ने तीन पॉइंट्स में अपनी बात रखी और तीन शब्दों के साथ इस सेशन का समापन किया. इससे पहले, जितेंद्र मिश्र ने ऑपरेशन सिंदूर को वर्षों की मेहनत, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और वायुसेना के संयुक्त प्रयास का परिणाम बताया.
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एयर मार्शल मिश्र ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे स्पेस की रक्षा करने वाले, दुश्मन को नष्ट करने वाले हमारे उपकरण वर्षों की मेहनत का फल थे. परिपक्व सिस्टम बनाने में पीढ़ियां लगती हैं. उन्होंने ब्रह्मोस एयर लॉन्च क्रूज मिसाइल को सुखोई-30 से दागने का उदाहरण देते हुए 250 से 300 किलोमीटर दूर का लक्ष्य दो मीटर की सटीकता से भेदने को भारतीय तकनीक का चमत्कार बताया.
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जितेंद्र मिश्र ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने के बाद तकनीक की रफ्तार और तेज हुई है. हम अगर इसके साथ कदमताल नहीं करेंगे, तो चार-पांच साल में हैरान रह जाएंगे.