एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (Jeetendra Mishra) भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी हैं. 2 सितंबर 2026 को जितेंद्र मिश्र अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के CEO नियुक्त किए गए.
मार्शल जितेंद्र मिश्रा पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर कार्य कर चुके हैं. इससे पहले उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस) और डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइजेशन एंड ट्रेनिंग) की जिम्मेदारी संभाली थी.
शिक्षा और प्रशिक्षण की बात करें तो जितेंद्र मिश्रा ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़गवासला और एयर फोर्स अकादमी, डुंडीगल से प्रशिक्षण लिया. उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, मोंटगोमरी, अलबामा और यूनाइटेड किंगडम के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज में भी अध्ययन किया.
जितेंद्र मिश्रा को 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स अकादमी से भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला. उनके सैन्य करियर में 38 साल से अधिक का समय शामिल रहा है. इस दौरान उन्होंने 3000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव हासिल किया और 18 से ज्यादा प्रकार के फाइटर, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर उड़ाए.
कारगिल युद्ध की शुरुआत के दौरान वह उस टीम का हिस्सा थे, जिसने मिराज 2000 विमानों पर लेजर गाइडेड बमों को ऑपरेशनल बनाने का काम किया था. ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान टाइगर हिल और मुंथो ढालो पर किए गए हमलों में इन हथियारों का इस्तेमाल किया गया था.
अपने करियर में उन्होंने पूर्वी क्षेत्र में एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में भी काम किया. विंग कमांडर के पद पर उन्होंने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की नासिक डिवीजन में चीफ टेस्ट पायलट की जिम्मेदारी संभाली. ग्रुप कैप्टन के पद पर वह एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट में चीफ टेस्ट पायलट रहे और एयर हेडक्वार्टर में ऑपरेशनल प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप के निदेशक के रूप में भी कार्य किया.
जून 2010 में उन्हें फ्रांस में आयोजित बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास गरुड़ चार में भारतीय वायु सेना की टुकड़ी का नेतृत्व करने के लिए चुना गया. एयर कमोडोर के पद पर उन्होंने 15 विंग और 18 विंग की कमान संभाली. बाद में एयर हेडक्वार्टर में एयर स्टाफ रिक्वायरमेंट्स से जुड़ी जिम्मेदारी भी निभाई.
एयर वाइस मार्शल के रूप में उन्होंने एयर हेडक्वार्टर में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स) और एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट के कमांडेंट के पद पर काम किया.
9 जनवरी 2023 को एयर मार्शल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइजेशन एंड ट्रेनिंग) का पद संभाला. 5 दिसंबर 2023 को उन्होंने डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस) का कार्यभार संभाला.
1 जनवरी 2025 को एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला. उन्होंने यह जिम्मेदारी एयर मार्शल पंकज मोहन सिन्हा के सेवानिवृत्त होने के बाद संभाली थी. उन्हें शौर्य चक्र, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है.
अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले सीईओ का ऐलान कर दिया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को ट्रस्ट का CEO नियुक्त किया गया है. सीईओ के साथ-साथ ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को शामिल किया गया है, जिनमें मदन मोहन पांडेय, महेश भागचन्दका और निर्मला यादव शामिल हैं.
Jeetendra Mishra Profile: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को पहला सीईओ बनाया गया है. वेस्टर्न एयर कमांड के पूर्व प्रमुख और ऑपरेशन सिंदूर के हीरो जितेंद्र मिश्र मंदिर के प्रशासनिक-वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं.
अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ के नाम का ऐलान हो गया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्होंने भारतीय वायुसेना में 39 साल से ज्यादा सेवा की और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया. इसके साथ ही ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को शामिल किया गया है. सीईओ के पास प्रशासनिक, वित्तीय और वैधानिक जिम्मेदारियां रहेंगी.