प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे संकल्प भी ऊंचे होने चाहिए, क्योंकि जब सपने ऊंचे होते हैं, संकल्प होते हैं तो हमारे सामर्थ्य और प्रयासों की ऊंचाई भी बढ़ती है. तब जाकर हम अपने सपनों को साकार कर सकते हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत ने भी बहुत बड़ा सपना देखा है. वो सपना है, जब आजादी के 100 साल होंगे. 2047 में हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे. 140 करोड़ देशवासियों को पुरुषार्थ से इस लक्ष्य को हासिल करना है. इस दौरान पीएम मोदी ने अपने 12 साल के कामकाज का पूरा हिसाब देश के सामने रखा.
पीएम मोदी ने कहा कि सबसे बड़ी आबादी वाला देश जब ऐसा संकल्प लेता है तो यह दुनिया की नजरों में भी हमारी साहस का परिचायक बन जाता है. दुनिया हमारी तरफ देखने का नजरिया बदलने को मजबूर हो जाती है. मैं ऐसे ही नहीं कह रहा हूं. पिछले 12 वर्षों में देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने (गरीब-अमीर हो या दलित या बुजुर्ग) हर किसी ने एक संकल्प और समर्पण के साथ देश को ऊंचाई पर ले जाने में पूरा प्रयास किया है.
पीएम मोदी ने 12 साल का दिया हिसाब
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में, अनगिनत नागरिकों ने चाहे वे दलित हों, शोषित हों, हाशिए पर रहने वाले हों या आदिवासी, ग्रामीण हों या शहरी, गरीब हों, मध्यम वर्ग हो, फिर युवा हों या बुजुर्ग, महिलाएं हों या पुरुष हों, उत्तर, दक्षिण, पूर्व या पश्चिम से हों, देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए अटूट संकल्प और समर्पण के साथ हर संभव प्रयास किया है., मैं इन प्रयासों का सम्मानपूर्वक सम्मान करता हूं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी टेक्नोलॉजी क्रिटिकल मिनिरल्स पर निर्भर है. भारत इसमें भी अपने आप को सुरक्षित करने में जुटा है. क्रिटिकल मिनिरल्स कॉरिडोर की घोषणा हो चुकी है. कई देशों के साथ एग्रीमेंट हो रहा है. जैसे सेमीकंडक्टर की बात हो, क्रिटिकल मिनिरल्स की बात हो, ऐसे में एनर्जी का महत्व और बढ़ जाता है.
उन्होंने कहा कि एनर्जी के बिना नई दुनिया को चलाना मुश्किल है. चिप हो, एआई हो या डेटा सेंटर हो… हमें बहुत मात्रा में बिजली की जरूरत है. एनर्जी सिक्योरिटी यह समय की मांग है. इसलिए हमने पहले ही इस दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं. हमने समुद्र तट पर 99 फीसदी हिस्सा लो ग्रो घोषित कर रखा था. हमने उसे ग्रो अहेड एरिया घोषित कर दिया. अब हम समुद्र के भीतर नए-नए भंडार खोजने की दिशा में प्रयासरत्त हैं.
देश में रक्षा, रेलवे और मोबाइल प्रोडक्शन बढ़ा
पीएम मोदी ने लाल किले के प्राचीर से कहा कि पिछले बारह साल में भारत ने एक नई रफ्तार पकड़ी. तेज गति से. हम आगे बढ़ रहे हैं। और देश देशवासियों का संकल्प है. पिछले बारह वर्षों में डिफेंस प्रोडक्शन करीब चार गुना. खादी और गामोद्योग का उत्पादन. करीब पांच गुना हुआ, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र करीब सात गुना बढ़ा है. आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण इक्कीस गुना बढ़ा.
उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन का उत्पादन 33 गुना बढ़ा है. इसके अलावा, हमने डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है. इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग चार गुना हो गई है, पेटेंट ग्रांट चार गुना बढ़ गए हैं और डिजिटल लेनदेन सौ गुना बढ़ गए हैं. हमने आम नागरिकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी उतनी ही गंभीरता से काम किया है
.PM मोदी ने कहा कि इंटरनेट यूजर्स, इंटरनेट कंज्यूमर्स करीब-करीब 4 गुना बढ़े करीब-करीब 50 गुना बढ़े, पेटेंट ग्रांट होने की संख्या 4 गुना बढ़ी, डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़े, सामान्य मानवी की सुविधा की ओर भी हमने उतनी ही गंभीरता से काम किया. हर साल औसतन 15 गुना ज्यादा तेजी से हमने नल से जल कनेक्शन दिए, हर साल औसतन 6 गुनी ज्यादा रफ्तार से लोगों को गैस कनेक्शन दिए,
पीएम ने कहा कि हर साल 4 गुनी रफ्तार से गरीबों के लिए शौचाल्य बनाने का काम किया, हर साल 3 गुना ज्यादा तेजी से गरीबों को घर देने का काम किया, देश ने गवर्नेंस में भी बहुत बदलाव लाया. सैकड़ों की तादाद में कानूनों को खत्म किया. पिछली शताब्दी के कानूनों से 21वीं शताब्दी की मार्च नहीं हो सकती.
PM ने कहा हमने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मेट्रो का विस्तार किया.. ये सब, ये रफ्तार, ये विस्तार, ये उपलब्धी आजादी के बाद पहली बार पिछले 1 दशक में देखी है. जब इतनी सारी सिद्धियां हमारे सामने है, इतनी तेज गति दिखाई देती हो, देशवासियों का सामर्थ्य पल-पल प्रकट होता है तब ये सारे आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि हम आगे बढ़ने वाले हैं. देश में गवर्नेंस में भी भारी बदलाव आया है.
पीएम मोदी ने रखा अगले पांच साल का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से भारत के विकास के लिए सात मुख्य क्षेत्रों की घोषणा की और उन्हें शक्ति की सप्त धारा बताया. ये सात क्षेत्र हैं - मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति-शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी, और भारत की सॉफ्ट पावर.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला से डिफेंस सेक्टर पर भी बात की. उन्होंने रक्षा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की बात कही है. पीएम मोदी ने कहा, ‘हमें ड्रोन, काउंटर ड्रोन सिस्टम को विकसित करना होगा. हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी पर हमें लीडरशिप लेनी होगी. साइबर सुरक्षा भी आज हर घर के लिए एक समस्या बन रही है. वह भी एक रक्षा का क्षेत्र है जिसमें हमारे युवाओं की जो सामर्थ्य है, उस सामर्थ्य का उपयोग हम देश के और दुनिया के लिए कर सकते हैं.
नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत ने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में. महारत हासिल करके. एक अहम पड़ाव पार किया है. और उसके कारण. परमाणु ईंधन में. आत्मनिर्भर बनने की दिशा में. हमें बहुत बड़ा सफलता का. कदम हमने रखा है. मेरे पैर देश वासियों, कई बार. संसाधनों की कमी के कारण देश रुकता नहीं है,. लेकिन रुकने का कारण. सोच की सीमाएं होती है, जब सोच बंद जाती है, सीमाओं में सड़ने लग जाती है, तब हम अपने सामर्थ्य को भी पहचान नहीं पाते हैं.
पीएम मोदी ने कहा, देश आजाद होने के बाद विश्व में सेमीकंडक्टर की चर्चा हो चुकी थी. हमारे यहां भी बातें होती थी लेकिन सेमीकंडक्टर का कोई बड़ा प्लान हम आगे नहीं बढ़ा पाए. आज की डिजिटल दुनिया और तकनीक में हम चिप का महत्व समझते हैं. कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान होगा, हर किसी में चिप अनिवार्य है. इसके बिना दुनिया थम जाए ऐसी स्थिति पैदा होती है. इसलिए भारत ने आत्मनिर्भर होने की दिशा में अपना सेमीकंडक्टर प्लांट लगाया है. 3 प्लांट शुरू हो गए हैं. आने वाले 7-8 साल में और प्लांट शुरू होने वाले हैं.
उन्होंने बताया कि भारत 40 देशों के साथ FTA यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर रहा है. इससे भारत का व्यवसाय और एक्सपोर्ट बढ़ने की पूरी संभावना है. पीएम मोदी ने इस मौके पर वस्तुओं की गुणवत्ता बढ़ाने और कीमतों को कम रखने की जरूरत बताई, ताकि दुनिया के हर कोने तक भारतीय सामान पहुंचाया जा सके.
हजारों घरों में बिजली का बिल जीरो-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना चालू की और आज भी यह संतोष है कि इतने कम समय में 50 लाख घरों का सोलर एनर्जी का हम आंकड़ा पार कर चुके हैं. इसके कारण हजारों घरों का बिजली बिल जीरो हो गया है. हजारों घर अपनी बिजली का उपयोग करने से अतिरिक्त बिजली आज बेच करके कमाई कर रहे हैं. हर परिवार को हम इस काम के लिए ₹80000 सरकार की तरफ से एक एक परिवार को मदद दी जा रही है. तब जाकर के हम इस काम को कर रहे हैं.
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘आपको जानकर के हैरानी होंगी. यह जो हमारी रेलवे है, उसका इलेक्ट्रिफिकेशन का काम हमारे देश में 1925 में शुरू हुआ था. 1925 में इलेक्ट्रिफिकेशन का काम शुरू हुआ, लेकिन 90 साल में 1925 से लेकर के 90 साल में सिर्फ 30% रेल का इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ था. यानी 90 साल में 30%. हमारी रफ्तार देखिए. लक्ष्य को पाने के लिए हमारी दौड़ देख लीजिए. हमने इन दस एक दशक के अंदर शत प्रतिशत काम पूरा कर दिया.
संकट में भी देश की रफ्तार थमी नहीं-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला के प्राचीर से कहा कि हमने पिछले वर्ष उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रखते हुए, समुद्र मंथन की घोषणा की थी. पिछले दिनों हमने 85,000 करोड़ रुपये इस काम के लिए आवंटित करके काम को गति देने का निर्णय कर लिया है. उन्होंने कहा कि एनर्जी सिक्योरिटी, इसका मैंने कहा कि हमें अल्टरनेट स्रोतों की तरफ भी पूरी शक्ति लगाना बहुत जरूरी है. इसलिए ऊर्जा का सही इस्तेमाल बढ़ाते हुए भारत इसी दिशा में आज तेजी से काम कर रहा है.
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले मतलब आज से 12 साल पहले हमारे देश में सिर्फ 70 70 शहरों में पाइप से गैस की व्यवस्था थी, पाइप से गैस डिस्ट्रीब्यूशन होता था. 12 साल में इन 70 शहरों को हमने 700 शहरों तक पहुंचा दिया है. ये होती है रफ्तार, ये होता है विस्तार.
पीएम मोदी ने बताया कि 2014 के पहले मुश्किल से 20-22 लाख घरों में पाइप से गैस पहुंचता था. आज पौने दो करोड़ घरों में पाइप से गैस पहुंचाने का काम हो रहा है. 12 वर्ष पहले देश में सोलर एनर्जी की कैपेसिटी सिर्फ दो गीगा वाट थी. आज 160 गीगा वाट है.