
दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक इमारत भरभराकर गिर गई. जानकारी के मुताबिक, इस इमारत में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र रह रहे थे. इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है.
दमकल विभाग, NDRF, प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत-बचाव अभियान में तेजी से जुटी हैं.
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्य MCD के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. रविवार को उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान सिविक सेंटर स्थित MCD ऑफिस में तोड़-फोड़ की. ABVP के सदस्य MCD कमिश्नर के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.
ANI के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बताया कि रविवार को सत्य निकेतन इलाके में गिरी इमारत लगभग 40 से 50 साल पुरानी थी. और इस इमारत की बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था.

जानकारी के मुताबिक, इस इमारत का इस्तेमाल PG के तौर पर किया जा रहा था. फिलहाल दिल्ली पुलिस, NDRF और प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी है.
सत्य निकेतन हादसे में घायल हुए लोगों में छात्र और मजदूर शामिल हैं. घायलों में 4 छात्र और 2 मजदूर शामिल हैं. जबकि तीन लोगों की मौत हो गई है. घायल छात्रों की पहचान अभिषेक, नीरज और आदित्य के रूप में हुई है. इनका एम्स ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है. फिलहाल इनकी हालत स्थिर है. वहीं एक अज्ञात छात्र का आर आर अस्पताल में इलाज चल रहा है.

घायल श्रमिकों की पहचान असगर अली और अयान के रूप में हुई है. असगर का इलाज एम्स ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है. जबकि अयान का इलाज सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है. दोनों की हालत स्थिर है.
4 मृतकों में से एक की पहचान छात्र युवराज के रूप में हुई है. जबकि अन्य दो व्यक्तियों की पहचान नहीं हो पाई है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी हादसे वाली जगह पर पहुंची थी. CM ने बताया कि 11 लोगों को निकाला गया, जबकि चार लोगों की मौत हो गई है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस हादसे में जो भी दोषी होगा, चाहे वह मालिक हो, या कोई अधिकारी, या कोई भी, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एम्स पहुंचकर घायलों से भी मुलाकात की.

मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस हादसे के पीछे जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था जिसके कारण एक पिलर खिसक गया और पूरी इमारत ढह गई. मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता सभी बच्चों को बचाना है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हादसे में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.
यह भी पढ़ें: दिल्ली में गिरी एक और 'मौत की इमारत', कई छात्र मलबे में दबे, जानें दो साल का डरावना रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. साथ ही, उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस हादसे पर दुख जताया है.
बता दें, बचाव कार्य के लिए NDRF की टीमें डायमंड चेन सॉ, मज़बूत इन्फ्लेटेबल बैग और हाइड्रोलिक जैक जैसे शोरिंग उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है. वहीं, कॉम्बी कटर, कटर, प्लाज़्मा कटर आदि का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. लोगों का पता लगाने के लिए लाइफ़ डिटेक्टर और खोजी कुत्तों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
सत्य निकेतन के आस पास रहने वाले छात्रों ने बताया कि इस इलाके में PG में एक कमरे में कई छात्र रहते हैं. छात्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, PG की एक मंजिल पर चार कमरे और लगभग 10 बेड हैं.

इस हादसे पर NDRF के इंस्पेक्टर जनरल NS बुंदेला ने बताया कि फिलहाल NDRF के 70 जवान मौके पर राहत-बचाव कार्य में लगे हैं. साथ ही, डॉग स्क्वाड भी मौके पर मौजूद है. कटिंग और तकनीकी उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. विश्वविद्यालय ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस हादसे पर चिंता जताई है. उन्होंने NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल से घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की है. राहुल गांधी का कहना है कि कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं.